तिलाबनी-बड़ाघाट जाहेर स्थल पर पौधारोपण, ग्रामीणों ने पौधों के संरक्षण का लिया सामूहिक संकल्प

Jamshedpur News: तिलाबनी-बड़ाघाट जाहेर स्थल पर सोमवार को माझी बाबा की अगुवाई में ग्रामीणों द्वारा पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में गांव के सभी टोला के ग्राम प्रधान, महिलाएं, युवा और बच्चों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। पारंपरिक पूजा स्थल की हरियाली और संरक्षण को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। विशेष रूप से साल के पौधों का रोपण किया गया। ग्रामीणों ने कहा कि जाहेर स्थल केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं, बल्कि उनकी पारंपरिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है। इसलिए इसके प्राकृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

चेतन मुर्मू के मार्गदर्शन में व्यवस्थित हुआ पौधारोपण

पौधारोपण कार्यक्रम को सफल बनाने में चेतन मुर्मू का विशेष सहयोग और मार्गदर्शन रहा। उनके मार्गदर्शन में पौधों के चयन, रोपण और उनकी सुरक्षा से संबंधित पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा किया गया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने इस बात पर जोर दिया कि केवल पौधे लगा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें सुरक्षित रखकर विकसित करना भी जरूरी है। पूर्व में पौधारोपण के दौरान सामने आई कुछ कमियों के कारण पौधों का उचित संरक्षण नहीं हो सका था। इस बार ऐसी कमियों को दोहराने से बचने का निर्णय लिया गया। पशुओं से होने वाले नुकसान और अन्य अवांछित कारणों से पौधों को बचाने के लिए नियमित निगरानी की जाएगी।

हर सप्ताह पौधों की निगरानी करेंगे ग्रामीण

पौधारोपण के बाद ग्रामीणों ने लगाए गए सभी पौधों की जिम्मेदारी सामूहिक रूप से अपने ऊपर ली। पौधों के पूर्ण रूप से विकसित होने तक उनकी नियमित देखभाल और सुरक्षा करने का संकल्प लिया गया। प्रत्येक सप्ताह ग्राम प्रधानों की अगुवाई में ग्रामीण सदस्य पौधों की स्थिति का निरीक्षण करेंगे और जरूरत के अनुसार पानी देने, सुरक्षा करने तथा अन्य आवश्यक कार्य किए जाएंगे। कार्यक्रम में पारंपरिक व्यवस्था के किसान मित्र राघव मुर्मू ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने पौधों के संरक्षण और देखभाल के संबंध में ग्रामीणों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। ग्रामीणों ने तय किया कि जाहेर स्थल के साथ-साथ गांव के अन्य सार्वजनिक और पारंपरिक पूजा स्थलों पर भी चरणबद्ध तरीके से पौधारोपण किया जाएगा। इससे गांव के पूजा स्थलों को हरा-भरा बनाने के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ेगी।

पारंपरिक स्थलों के संरक्षण का लिया संकल्प

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि लगाए गए पौधों को किसी भी स्थिति में नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। उनकी सुरक्षा और संवर्धन की जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाई जाएगी। ग्रामीणों ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों और पारंपरिक पूजा स्थलों को सुरक्षित रखना जरूरी है। पौधारोपण अभियान को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया। कार्यक्रम में माझी बाबा गोपाल टुडू, ताला टोला माझी बाबा बुधु मुर्मू, कोचा टोला माझी बाबा किशुन सोरेन, जाहेर टोला माझी बाबा कातान हेंब्रम, सुपाई मुर्मू, भोगोल सोरेन, संजय मुर्मू, बबलू मुर्मू, काशु मुर्मू, शीला मुर्मू, चुन्नू मारडी, राम मारडी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।