पांच दिन बाद फिर खराब हुआ फुटबॉल्व, 1140 क्वार्टर में जलसंकट

Jamshedpur News: बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी जलापूर्ति योजना के तहत बिष्टुपुर स्थित फिल्टर पंप हाउस का फुटबॉल्व एक बार फिर खराब हो गया। इसके कारण सोमवार को सुबह और शाम दोनों समय जलापूर्ति नहीं हो सकी। 1140 क्वार्टर में रहने वाले हजारों लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ा। पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता ने बताया कि महज पांच दिन पहले ही फुटबॉल्व की मरम्मत कर पंप को चालू कराया गया था। इसके बावजूद सोमवार को दोबारा खराबी आ गयी। मोटर पंप चालू नहीं होने के कारण मंगलवार की सुबह भी जलापूर्ति प्रभावित रहने की आशंका है। इसकी सूचना विभाग के जेई आशुतोष कुमार और एसडीओ जितेंद्र कुमार को दे दी गयी है। बार-बार तकनीकी खराबी से स्थानीय लोगों में विभाग और संवेदक के प्रति आक्रोश है।


1.80 करोड़ की योजना में बार-बार तकनीकी खामी पर उठे सवाल

सुनील गुप्ता ने कहा कि बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी जलापूर्ति योजना के तहत बिष्टुपुर में करीब 1.80 करोड़ रुपये की लागत से फिल्टर पंप हाउस का निर्माण कराया गया है। इसके बावजूद पंप हाउस में लगातार तकनीकी खराबी होना गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि योजना के निर्माण और रखरखाव में पर्याप्त निगरानी नहीं होने के कारण उन्हें नियमित एवं शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत संवेदक को पांच वर्षों तक मेंटेनेंस की जिम्मेदारी दी गयी है। इसके बावजूद बार-बार फुटबॉल्व और पंप में खराबी आना चिंता का विषय है। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, तकनीकी व्यवस्था, संप की पानी धारण क्षमता और अन्य तकनीकी पहलुओं की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

डीसी से मुलाकात कर जांच की मांग करेंगे 

पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता ने बताया कि मंगलवार को जिला उपायुक्त राजीव रंजन से मिलकर मांग पत्र सौंपा जाएगा। इसमें बिष्टुपुर स्थित फिल्टर पंप हाउस समेत पूरी बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी जलापूर्ति योजना की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की जाएगी। साथ ही निर्माण एवं रखरखाव में लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों और संवेदक की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई करने तथा कॉलोनीवासियों के लिए नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग रखी जाएगी। सुनील गुप्ता ने कहा कि बार-बार अस्थायी मरम्मत से समस्या का समाधान नहीं होगा। हजारों लोगों को राहत देने के लिए खराबी के मूल कारणों की पहचान कर स्थायी समाधान करना जरूरी है।