Jamshedpur News : बालीगुमा मौजा के गोड़गोड़ा धर्मबांधा टोला (गाजाडीह) में प्रस्तावित कचरा पावर प्लांट को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। बुधवार को आयोजित ग्रामसभा की बैठक में ग्रामीणों, ग्राम प्रधान और पंचायत प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से प्रस्तावित कचरा पावर प्लांट के निर्माण का विरोध किया। ग्रामसभा में प्रस्ताव पारित कर मांग की गई कि घनी आबादी के बीच प्रस्तावित प्लांट का निर्माण नहीं किया जाए और इसे आबादी से दूर किसी उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। ग्रामीणों ने कहा कि यदि यहां कचरा आधारित पावर प्लांट का निर्माण किया जाता है तो आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
घनी आबादी के बीच कचरा प्लांट लगाने का विरोध
ग्रामसभा में ग्रामीणों ने कहा कि प्रस्तावित स्थल के आसपास बड़ी संख्या में लोग रहते हैं। ऐसे में कचरा पावर प्लांट का निर्माण होने से वायु प्रदूषण, दुर्गंध और पेयजल प्रदूषण की समस्या उत्पन्न होने की आशंका है। ग्रामीणों का कहना है कि कचरे के निस्तारण और उससे बिजली उत्पादन की प्रक्रिया के दौरान निकलने वाले धुएं और अन्य प्रदूषक तत्वों का असर आसपास के वातावरण पर पड़ सकता है। इसका सबसे अधिक प्रभाव बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों पर पड़ने की आशंका ग्रामीणों ने जताई। ग्रामीणों ने कहा कि विकास के नाम पर ऐसा कोई कार्य नहीं होना चाहिए, जिससे स्थानीय लोगों के जीवन और स्वास्थ्य पर खतरा उत्पन्न हो।
मैदान को सामाजिक और धार्मिक आयोजनों का केंद्र बताया
ग्रामसभा में मौजूद आदिवासी युवा नेता विजय सोय ने बताया कि प्रस्तावित स्थल प्लॉट संख्या 4168 में वर्षों से स्थानीय लोगों के सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। इसके अलावा यह मैदान आसपास के बच्चों और युवाओं के लिए खेलकूद का महत्वपूर्ण स्थान भी है। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में सार्वजनिक उपयोग के लिए पहले से पर्याप्त स्थान नहीं है। ऐसे में इस मैदान पर कचरा पावर प्लांट का निर्माण होने से ग्रामीणों से उनका महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल छिन जाएगा। ग्रामसभा में मांग की गई कि इस जमीन का उपयोग स्थानीय लोगों की सुविधा और सार्वजनिक हित में किया जाए।
स्वास्थ्य केंद्र, खेल मैदान या पार्क बनाने की मांग
ग्रामीणों ने प्रस्ताव पारित कर कहा कि यदि प्रशासन और संबंधित एजेंसियां क्षेत्र के विकास के लिए जमीन का उपयोग करना चाहती हैं तो यहां कचरा पावर प्लांट के बजाय स्वास्थ्य केंद्र, खेल मैदान या पार्क का निर्माण कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि इससे आसपास की आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और बच्चों तथा युवाओं को खेलकूद के लिए बेहतर सुविधा मिल सकेगी। वहीं स्वास्थ्य केंद्र बनने से स्थानीय लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। ग्रामसभा ने प्रशासन से आग्रह किया कि ग्रामीणों की मांग और क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक योजना तैयार की जाए।
जमीन विवाद का मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन होने का दावा
ग्रामसभा में विजय सोय ने दावा किया कि प्रस्तावित प्लांट स्थल की जमीन को लेकर स्थानीय निवासी मोशो हांसदा का मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि जब जमीन को लेकर न्यायिक प्रक्रिया चल रही है, ऐसे में वहां निर्माण कार्य शुरू करने का प्रयास ग्रामीणों के बीच चिंता पैदा कर रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले जमीन से जुड़े सभी कानूनी और दस्तावेजी पहलुओं की जांच की जाए। साथ ही ग्रामसभा की सहमति और स्थानीय लोगों की आपत्तियों को भी गंभीरता से लिया जाए।
21 अगस्त को मानगो अंचल कार्यालय के समक्ष होगा प्रदर्शन
ग्रामसभा में ग्रामीणों ने प्रस्तावित कचरा पावर प्लांट के खिलाफ आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। बैठक में तय किया गया कि 21 अगस्त को मानगो अंचल कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि उनका आंदोलन क्षेत्र के पर्यावरण, स्वास्थ्य, सार्वजनिक जमीन और सामुदायिक अधिकारों की रक्षा के लिए है। ग्रामसभा में पारित प्रस्ताव की प्रतिलिपि उपायुक्त, मानगो नगर निगम और झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेज दी गई है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से स्थल का निरीक्षण करने, प्रस्तावित परियोजना की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने और स्थानीय लोगों की आपत्तियों पर सुनवाई करने की मांग की है। ग्रामसभा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी रही। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे प्रस्तावित कचरा पावर प्लांट के विरोध में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेंगे।
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