डुमरिया को मिला 30 बेड का हाईटेक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 18 अगस्त को होगा उद्घाटन

Jamshedpur News : पोटका विधायक संजीव सरदार के लगातार प्रयासों के बाद पूर्वी सिंहभूम के डुमरिया प्रखंड को अब अपना 30 बेड वाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मिलने जा रहा है। भालुकपातड़ा मौजा में करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का उद्घाटन 18 अगस्त को होगा। राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री इरफान अंसारी मुख्य अतिथि के रूप में अस्पताल का उद्घाटन करेंगे। झामुमो डुमरिया प्रखंड अध्यक्ष मिर्जा सोरेन ने प्रेस को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार डुमरिया प्रखंड को आधुनिक सुविधाओं से लैस अपना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिलने जा रहा है। इससे प्रखंड की 10 पंचायतों के हजारों ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध होगी।

आजादी के बाद पहली बार डुमरिया को मिलेगा अपना सुसज्जित अस्पताल

डुमरिया जैसे ग्रामीण और दूरस्थ प्रखंड में लंबे समय से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा की आवश्यकता महसूस की जाती रही है। गंभीर बीमारी अथवा आपात स्थिति में ग्रामीणों को इलाज के लिए दूसरे क्षेत्रों के अस्पतालों का रुख करना पड़ता था। इससे मरीजों और उनके परिजनों को समय के साथ आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ता था। अब नवनिर्मित 30 बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के शुरू होने से स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। झामुमो प्रखंड अध्यक्ष मिर्जा सोरेन ने कहा कि विधायक संजीव सरदार के लगातार प्रयासों से यह सपना साकार होने जा रहा है। अस्पताल के शुरू होने से डुमरिया की 10 पंचायतों के ग्रामीणों को अपने प्रखंड में ही आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी।

करीब 10 करोड़ की लागत से तैयार हुआ 30 बेड का सीएचसी

भालुकपातड़ा मौजा में निर्मित यह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से सुसज्जित होगा। करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से तैयार भवन में मरीजों के इलाज और स्वास्थ्य जांच के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं। अस्पताल के 24 घंटे संचालित होने की व्यवस्था की गई है। 30 बेड की क्षमता वाले इस सीएचसी से डुमरिया और आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। स्थानीय स्तर पर अस्पताल की सुविधा मिलने से छोटे-बड़े इलाज के लिए ग्रामीणों को दूर के अस्पतालों पर निर्भरता कम होगी। खासकर आपातकालीन परिस्थितियों में अस्पताल की 24 घंटे सेवा ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।

पैथोलॉजी जांच से लेकर एनसीडी सेवाओं की होगी सुविधा

सीएचसी प्रभारी डॉ. पाराव माझी ने बताया कि अस्पताल में मरीजों को कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यहां आवश्यक पैथोलॉजिकल खून जांच की सुविधा रहेगी। इसके अलावा गैर-संचारी रोग यानी एनसीडी से संबंधित सेवाएं भी उपलब्ध होंगी। किशोरों के लिए स्वास्थ्य परामर्श केंद्र की व्यवस्था की गई है। इससे किशोरों और युवाओं को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर आवश्यक सलाह और परामर्श मिल सकेगा। अस्पताल में नियमित स्वास्थ्य सेवाओं के साथ जांच और परामर्श की सुविधाएं मिलने से ग्रामीणों को इलाज के लिए दूसरे शहरों की ओर जाने की आवश्यकता कम होगी।

टीबी, मलेरिया और पीलिया की जांच के साथ हाईटेक एम्बुलेंस

नवनिर्मित सीएचसी परिसर में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट भी संचालित होगी। इस यूनिट के माध्यम से टीबी, मलेरिया, पीलिया जैसी बीमारियों की जांच की सुविधा उपलब्ध होगी। ग्रामीण क्षेत्र में इन बीमारियों की समय पर पहचान और जांच काफी महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पताल को हाईटेक एम्बुलेंस की सुविधा भी मिलेगी। आपात स्थिति में मरीजों को बेहतर तरीके से रेफर करने और उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाने में यह एम्बुलेंस महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अस्पताल में जांच, उपचार, परामर्श और रेफरल जैसी सुविधाओं के एक साथ उपलब्ध होने से डुमरिया के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी करेंगे अस्पताल का उद्घाटन

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के उद्घाटन को लेकर पोटका विधायक संजीव सरदार ने बुधवार को रांची स्थित मंत्रालय में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री इरफान अंसारी से शिष्टाचार मुलाकात की। विधायक ने मंत्री को 18 अगस्त को होने वाले उद्घाटन समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया, जिसे मंत्री ने स्वीकार कर लिया। मंत्री इरफान अंसारी मुख्य अतिथि के रूप में नवनिर्मित सीएचसी का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी भी रहेगी। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। डुमरिया में नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का शुरू होना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि अस्पताल के नियमित रूप से संचालित होने के बाद डुमरिया प्रखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर बदलेगी और ग्रामीणों को समय पर इलाज की सुविधा अपने क्षेत्र में ही मिल सकेगी।