Jamshedpur News : परसुडीह चांदनी चौक से सरजामदा सेंटर के बीच महज दो किलोमीटर की सड़क इन दिनों स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बन गयी है। खासमहल चौक से आसनबनी तक निर्माणाधीन महत्वपूर्ण सड़क की धीमी रफ्तार और बदहाल स्थिति ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। करोड़ों रुपये की लागत से बन रही सड़क का निर्माण समय पर पूरा नहीं होने से जहां आवागमन प्रभावित है, वहीं जगह-जगह बने गड्ढे दुर्घटना का खतरा बढ़ा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण का लाभ मिलने के बजाय उन्हें रोजाना परेशानी, धूल, जलजमाव और दुर्घटना के खतरे का सामना करना पड़ रहा है।
दो किलोमीटर में बने 17 गड्ढे, सड़क निर्माण की खुली पोल
परसुडीह चांदनी चौक से सरजामदा सेंटर के बीच सड़क की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। करीब दो किलोमीटर के हिस्से में छोटे-बड़े लगभग 17 गड्ढे बन गये हैं। वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण कई गड्ढे लगातार चौड़े और गहरे होते जा रहे हैं। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है। चांदनी चौक से करीब आधा किलोमीटर सड़क का निर्माण पिछली दुर्गापूजा से ठीक पहले कराया गया था। लेकिन एक साल पूरा होने से पहले ही सड़क का कालीकरण कई जगह से उखड़ गया। इससे सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि यदि निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराया गया होता, तो इतनी जल्दी सड़क की स्थिति खराब नहीं होती।
जलजमाव से बढ़ी परेशानी, मिट्टी के घरों पर संकट
सड़क की बदहाली का असर केवल यातायात तक सीमित नहीं है। जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़क और आसपास के इलाकों में जलजमाव की समस्या भी गंभीर हो गयी है। सड़क के बीच और किनारे पानी जमा रहने से आसपास के इलाकों में नमी और जलभराव बढ़ रहा है। जलजमाव की वजह से शंकरपुर में दो, जानीगोड़ा में एक और जकता मैदान के पास एक मिट्टी का घर ढह चुका है। इससे गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ गयी हैं। लोगों का कहना है कि यदि जल निकासी की व्यवस्था जल्द नहीं सुधारी गयी, तो बारिश के दौरान और भी घरों को नुकसान पहुंच सकता है। ग्रामीणों और स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से सड़क निर्माण के साथ जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि सड़क के पानी का बहाव बस्तियों और घरों की ओर नहीं हो।
विरोध के बाद शुरू होता है काम, फिर निर्माण हो जाता है बंद
जिला परिषद सदस्य कुसुम पूर्ति ने बताया कि स्थानीय लोगों में सड़क निर्माण की धीमी गति को लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि जब भी ग्रामीण और स्थानीय निवासी सड़क की बदहाली के खिलाफ विरोध करते हैं, उसके बाद निर्माण कार्य शुरू होता है। लेकिन कुछ समय बाद लोगों का विरोध शांत होते ही काम फिर बंद हो जाता है। सड़क का निर्माण कार्य पिछले मार्च महीने से पूरी तरह ठप पड़ा है। निर्माण एजेंसी से संपर्क करने का प्रयास करने पर ठेकेदार फोन नहीं उठाते हैं। वहीं, पथ निर्माण विभाग के एसडीओ की ओर से सड़क जल्द बनाने का आश्वासन दिया जाता रहा है। लोगों का कहना है कि उन्हें अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सड़क पर वास्तविक निर्माण कार्य चाहिए। लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सड़क का निर्माण कब पूरा होगा। लंबे समय से अधूरे पड़े निर्माण के कारण आम लोगों को रोजाना जोखिम उठाकर इस रास्ते से गुजरना पड़ रहा है।
खराब सड़क से यातायात व्यवस्था चरमरायी
परसुडीह-सरजामदा मार्ग की बदहाल स्थिति का सीधा असर यातायात व्यवस्था पर पड़ा है। सड़क पर बने गड्ढों और जलजमाव के कारण दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है, क्योंकि पानी से भरे गड्ढों का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण दुर्घटना का खतरा हमेशा बना रहता है। स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और रोजाना काम के लिए आवागमन करने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी होती है। बारिश के दिनों में सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य पूरा होने तक कम से कम बड़े गड्ढों को तत्काल भरा जाये, ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
कैब और ऑटो चालक करते हैं ऑर्डर कैंसिल, टापू बना इलाका
सड़क की बदहाली का असर परसुडीह-सरजामदा की कनेक्टिविटी पर भी पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, शहर की ओर से आने वाले कई कैब और ऑटो चालक इस इलाके में जाने से इनकार कर देते हैं। ऑनलाइन कैब बुक करने के बाद चालक खराब सड़क की स्थिति देखकर कई बार ऑर्डर कैंसिल कर देते हैं। चालकों का कहना है कि गड्ढों और खराब रास्ते के कारण वाहनों को नुकसान पहुंचने तथा दुर्घटना की आशंका रहती है। सार्वजनिक परिवहन की इस स्थिति के कारण स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गयी है। आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाने या जरूरी काम के लिए शहर पहुंचने में भी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क का निर्माण केवल विकास परियोजना नहीं, बल्कि क्षेत्र की बुनियादी जरूरत है। लोगों ने जिला प्रशासन और पथ निर्माण विभाग से मांग की है कि निर्माण कार्य में तेजी लाकर सड़क को जल्द से जल्द पूरा किया जाये। साथ ही सड़क की गुणवत्ता और जल निकासी की व्यवस्था की भी जांच हो, ताकि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कुछ ही समय में सड़क फिर से बदहाल न हो।
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