Jamshedpur News : करनडीह में दूषित पानी की निकासी की समस्या को लेकर चल रहे विवाद के बीच शनिवार को गैंताडीह स्थित पंचायत भवन में ग्रामसभा की महत्वपूर्ण बैठक हुई। मुखिया सरस्वती टुडू की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जल निकासी, प्रभावित कृषि भूमि और प्रशासन व रेलवे की ओर से की जा रही पहल पर विस्तार से चर्चा की गयी। बैठक में जिला प्रशासन और रेलवे विभाग की ओर से समस्या के समाधान की दिशा में शुरू किये गये प्रयासों को देखते हुए टाटा-हाता मुख्य सड़क पर प्रस्तावित करनडीह सड़क जाम को अगले आदेश तक स्थगित करने का निर्णय लिया गया।
हालांकि, ग्रामसभा ने स्पष्ट कर दिया कि सड़क जाम स्थगित करने का मतलब आंदोलन समाप्त करना नहीं है। ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन और रेलवे की ओर से अब तक किये गये प्रयास धरातल पर भी दिखाई देने चाहिए। ग्रामसभा करीब 10 से 15 दिनों तक स्थिति पर नजर रखेगी। इस अवधि में यदि दूषित पानी की निकासी के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस काम आगे नहीं बढ़ा, तो दोबारा सड़क जाम का आह्वान किया जा सकता है।
रेलवे और प्रशासन की पहल के बाद सड़क जाम स्थगित
बैठक में मुखिया सरस्वती टुडू ने कहा कि दूषित पानी की निकासी को लेकर रेलवे और जिला प्रशासन की ओर से पहल शुरू की गयी है। इसी को देखते हुए फिलहाल सड़क जाम को स्थगित किया गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण समस्या का स्थायी समाधान चाहते हैं और इसके लिए प्रशासन को पर्याप्त समय देने के पक्ष में हैं।
ग्रामसभा की बैठक से पहले शनिवार को ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल टाटानगर रेलवे के एईएन से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने करनडीह क्षेत्र में जल निकासी की समस्या से रेलवे अधिकारी को अवगत कराया। बताया गया कि रेलवे के एईएन ने रेलवे फाटक से एसपी कॉलेज तक के इलाके का स्थल सर्वे कर रिपोर्ट डीआरएम को भेज दी है।
ग्रामसभा को जानकारी दी गयी कि रेलवे से स्वीकृति मिलने के बाद जल निकासी की व्यवस्था के लिए स्टीमेट तैयार किया जायेगा। इसके बाद आवश्यक कार्य को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी। ग्रामीणों ने कहा कि वे प्रशासन और रेलवे की इस पहल पर नजर रखेंगे।
10-15 दिन तक ग्रामसभा करेगी वेट एंड वॉच
ग्रामसभा ने बैठक में स्पष्ट किया कि सड़क जाम स्थगित करने के फैसले को प्रशासन समस्या के समाधान की दिशा में सकारात्मक अवसर के रूप में ले। ग्रामीणों ने कहा कि वे अगले 10 से 15 दिनों तक वेट एंड वॉच की स्थिति में रहेंगे। इस दौरान जल निकासी की व्यवस्था को लेकर प्रशासन और रेलवे की गतिविधियों की जानकारी ली जायेगी।
ग्रामसभा के सदस्यों ने कहा कि वर्षों से चली आ रही जल निकासी की समस्या का समाधान केवल आश्वासन से नहीं हो सकता। इसके लिए जमीन पर स्थायी व्यवस्था बनानी होगी। यदि तय अवधि के भीतर काम शुरू नहीं हुआ या समाधान की दिशा में पर्याप्त प्रगति नहीं दिखी, तो ग्रामीण आंदोलन को फिर से तेज कर सकते हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि सड़क जाम से आम लोगों को परेशानी होती है, इसलिए फिलहाल इसे स्थगित किया गया है। लेकिन उनकी मूल समस्या का समाधान होना भी जरूरी है। प्रशासन की पहल को देखते हुए ग्रामसभा ने फिलहाल संयम बरतने का फैसला किया है।
फ्लैटों के दूषित पानी से खेत प्रभावित होने का आरोप
ग्रामसभा में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि परसुडीह शीतला चौक से करनडीह तक बने फ्लैटों से निकलने वाला दूषित पानी उचित निकासी व्यवस्था के अभाव में खेतों की ओर बह रहा है। इससे कृषि भूमि प्रभावित हो रही है और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि दूषित पानी के खेतों में पहुंचने से खेती प्रभावित हो रही है। लंबे समय से इस समस्या के समाधान की मांग की जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि जल निकासी के लिए ऐसी स्थायी व्यवस्था बनायी जाये, जिससे दूषित पानी खेतों में न पहुंचे।
ग्रामसभा के सदस्यों ने कहा कि समस्या का स्थायी समाधान होने तक वे नालियों से जुड़े अपने फैसले में बदलाव नहीं करेंगे। ग्रामीणों के अनुसार, जल निकासी की मौजूदा व्यवस्था को लेकर कई स्तर पर समस्या बनी हुई है और इसका समाधान समग्र योजना बनाकर ही किया जा सकता है।
करनडीह फाटक के पास नालियां नहीं खोलने का फैसला
ग्रामसभा ने निर्णय लिया कि करनडीह रेलवे फाटक के समीप नालियों को फिलहाल नहीं खोला जायेगा। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक दूषित पानी की निकासी की समस्या का ठोस और स्थायी समाधान नहीं निकलता, तब तक नालियों को यथावत बंद रखा जायेगा।
ग्रामसभा ने प्रशासन और रेलवे से जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी कर धरातल पर काम शुरू करने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि स्थायी समाधान चाहिए। यदि तय समय में काम आगे नहीं बढ़ता है, तो ग्रामसभा अपने पूर्व निर्णय के अनुसार आंदोलन का रास्ता अपना सकती है।
बैठक में शंकर हेंब्रम, एचसी प्रधान, महेश मुर्मू, मंटू गोप, कुनाराम टुडू, रघुनाथ हांसदा, मदन हांसदा, एके भौमिक, महेंद्र प्रसाद, लेचा माझी, बीसी टुडू, सावना मुर्मू, टीके भौमिक, मधु सोरेन, अनंत प्रसाद समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
Social Plugin