Jamshedpur News : साकची स्थित झामुमो जिला संपर्क कार्यालय में रविवार को झामुमो जिलाध्यक्ष विक्टर सोरेन की अध्यक्षता में कोर कमेटी के सदस्यों की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में राज्य के छात्रों और युवाओं से जुड़े विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गयी। इस दौरान विक्टर सोरेन ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार छात्रों और युवाओं की समस्याओं को लेकर गंभीर है। सरकार ने जहां दोषियों पर त्वरित कार्रवाई की है, वहीं परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए भी आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं।
जेपीएससी और जेएसएससी मामलों पर सरकार गंभीर : विक्टर सोरेन
विक्टर सोरेन ने कहा कि जेपीएससी 11वीं एवं 12वीं, एफएसओ, जेएसएससी-सीजीएल और सीडीपीओ से जुड़े मामलों को लेकर सरकार पूरी तरह गंभीर है। इन मामलों में जहां भी अनियमितता या गड़बड़ी सामने आयी है, वहां कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ायी गयी है। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतना चाहती।
उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े कई मामले वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन हैं। ऐसे मामलों में अदालत द्वारा दिये गये आदेश या स्थगन को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है। न्यायालय में लंबित मामलों पर अंतिम निर्णय अदालत को ही करना है। ऐसे में राजनीतिक दलों द्वारा इसे अपने राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बनाना छात्रों और युवाओं के हित में नहीं है।
अदालत में लंबित मामलों को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप
झामुमो जिलाध्यक्ष ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि न्यायालय में विचाराधीन मामलों को जानबूझकर राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा छात्रों और युवाओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करने का प्रयास कर रही है। विक्टर सोरेन ने कहा कि छात्रों के नाम पर राजनीति करने वालों को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनका उद्देश्य वास्तव में युवाओं के हितों की रक्षा करना है या अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करना।
उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करना युवाओं का अधिकार है, लेकिन छात्रों की समस्याओं को राजनीतिक टकराव में बदलना उचित नहीं है। मुख्यमंत्री का पुतला दहन करने और युवाओं के मुद्दों को लेकर राजनीतिक तनाव पैदा करने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उन्होंने भाजपा से युवाओं के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति करने से बाज आने की अपील की।
विक्टर सोरेन ने कहा कि छात्रों को भावनात्मक और राजनीतिक नारों के बजाय परीक्षा, नियुक्ति और रोजगार से जुड़े ठोस समाधान की जरूरत है। सरकार और संबंधित विभागों को इन विषयों पर गंभीरता से काम करना चाहिए, ताकि युवाओं के भविष्य को लेकर अनिश्चितता दूर हो सके।
युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ खड़ी है झामुमो
बैठक में विक्टर सोरेन ने भाजपा के कथित दोहरे रवैये पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि भाजपा एक ओर संविधान और युवाओं के अधिकारों की बात करती है, जबकि दूसरी ओर युवाओं के आंदोलनों को लेकर अलग-अलग तरह के आरोप सामने आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड का युवा अब जागरूक है और वह समझता है कि उसके संघर्ष के साथ वास्तव में कौन खड़ा है और कौन राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने कहा कि झामुमो छात्रों और युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ मजबूती से खड़ा है। युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान करना जरूरी है। सरकार को भी युवाओं से जुड़े विषयों पर लगातार संवाद और समाधान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहिए।
रोजगार और परीक्षा के समाधान पर हो राजनीति : झामुमो
विक्टर सोरेन ने कहा कि झारखंड के युवाओं को राजनीतिक नारे नहीं, बल्कि रोजगार के अवसर, पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया और समय पर परीक्षाओं के परिणाम चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े किसी भी मामले को राजनीतिक संघर्ष का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। न्यायालय में लंबित मामलों में कानून और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अदालत के फैसले का इंतजार करने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी के जरिये युवाओं के बीच भ्रम फैलाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
बैठक में झामुमो कोर कमेटी के सदस्यों ने भी संगठन और राज्य के मौजूदा राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों पर अपने विचार रखे। नेताओं ने कहा कि पार्टी छात्रों, युवाओं और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को लेकर आगे भी मजबूती से आवाज उठाती रहेगी। विक्टर सोरेन ने कार्यकर्ताओं से युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से समझने और उनके समाधान के लिए लोकतांत्रिक तरीके से पहल करने का आह्वान किया।
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