Jamshedpur News : जमशेदपुर प्रखंड सह अंचल कार्यालय में शनिवार को आयोजित साप्ताहिक पेंशन शिविर में दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाएं और बुजुर्ग पहुंचे। शिविर में कई लाभुकों ने लंबे समय से विधवा, वृद्धावस्था समेत अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि बैंक खातों में नहीं पहुंचने की शिकायत दर्ज करायी। सुबह से ही शिविर परिसर में महिलाओं और बुजुर्गों की भीड़ लगी रही। लाभुकों ने अपने आवेदन, दस्तावेज और पेंशन से जुड़े कागजात की जांच करायी तथा लंबित भुगतान की स्थिति की जानकारी ली।
पेंशन भुगतान नहीं होने से आर्थिक परेशानी
शिविर में पहुंची कई महिलाओं ने बताया कि उन्हें कई महीनों से पेंशन की राशि नहीं मिली है। उनका कहना था कि पेंशन उनके परिवार के रोजमर्रा के खर्च में महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा है। लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण घरेलू जरूरतों को पूरा करने में परेशानी हो रही है। लाभुकों ने कहा कि सरकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का उद्देश्य जरूरतमंद बुजुर्गों, विधवा महिलाओं और अन्य पात्र लोगों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। ऐसे में यदि समय पर राशि खाते में नहीं पहुंचती है तो इसका सीधा असर उनके जीवन-यापन पर पड़ता है। शनिवार को शिविर में पहुंचने के बाद कई लाभुकों को जल्द भुगतान का आश्वासन दिया गया।
आवेदन और दस्तावेजों की करायी जांच
साप्ताहिक शिविर में लाभुकों ने पेंशन से संबंधित आवेदन और आवश्यक दस्तावेज अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किये। कई लोगों ने अपने आवेदन की स्थिति जानने के साथ यह भी पता करने का प्रयास किया कि पेंशन भुगतान में देरी किस स्तर पर हो रही है। महिलाओं ने मांग की कि जिन लाभुकों के आवेदन और दस्तावेज सही हैं, उनके लंबित मामलों का जल्द निष्पादन किया जाये। साथ ही जिन आवेदनों में दस्तावेजों की कमी या किसी अन्य कारण से भुगतान रुका हुआ है, उसकी स्पष्ट जानकारी लाभुकों को दी जाये, ताकि वे आवश्यक कागजात समय पर जमा कर सकें। लाभुकों का कहना था कि बार-बार कार्यालय का चक्कर लगाने से समय और पैसे दोनों खर्च होते हैं। इसलिए प्रशासन को पेंशन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए सरल और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
प्रज्ञा केंद्र और कार्यालय स्तर पर अनियमितता का आरोप
शिविर में पहुंची कुछ महिलाओं ने प्रज्ञा केंद्र और अंचल कार्यालय स्तर पर आवेदन प्रक्रिया में अनियमितता तथा मिलीभगत की आशंका भी जतायी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। महिलाओं ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। लाभुकों का कहना था कि पेंशन के लिए आवेदन करने के बाद उन्हें लंबे समय तक भुगतान का इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में आवेदन प्रक्रिया से लेकर दस्तावेजों के सत्यापन और भुगतान तक की पूरी व्यवस्था की समीक्षा होनी चाहिए। महिलाओं ने कहा कि यदि किसी स्तर पर आवेदन लंबित है तो इसकी जानकारी लाभुकों को स्पष्ट रूप से दी जानी चाहिए। इससे अनावश्यक रूप से कार्यालय और प्रज्ञा केंद्र के चक्कर लगाने की समस्या कम होगी।
लंबित पेंशन का जल्द भुगतान कराने की मांग
इधर, केंद्र सरकार के एमएमडीआर संशोधन कानून और खनिज राजस्व पर संभावित प्रभाव को लेकर झारखंड में सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं के फंड को लेकर भी चर्चा हो रही है। हालांकि, जमशेदपुर प्रखंड में पेंशन भुगतान में देरी का वास्तविक कारण क्या है, यह संबंधित विभाग की जांच और आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। शिविर में पहुंचे लाभुकों ने प्रशासन से मांग की कि लंबित आवेदनों और दस्तावेजों की जांच जल्द पूरी करायी जाये। विधवा, वृद्धावस्था सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन के पात्र लाभुकों को नियमित रूप से राशि उनके बैंक खातों में भेजी जाये। महिलाओं और बुजुर्गों ने कहा कि पेंशन की राशि उनके लिए महज सरकारी सहायता नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने का महत्वपूर्ण साधन है। इसलिए भुगतान में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। लाभुकों ने प्रशासन से पारदर्शी प्रक्रिया अपनाते हुए लंबित मामलों का जल्द समाधान करने और पेंशन भुगतान नियमित करने की मांग की है।
Social Plugin