Jamshedpur News: भारतीय रेलवे स्काउट्स एंड गाइड्स, खेल, सांस्कृतिक तथा अनुकंपा (Compassionate) कोटे के तहत होने वाली भर्तियों में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। रेलवे बोर्ड इन सभी विशेष कोटा भर्तियों के लिए देशभर में एक समान चयन प्रणाली लागू करने की दिशा में काम कर रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार अब केवल ट्रायल या प्रतिभा प्रदर्शन के आधार पर चयन नहीं होगा, बल्कि अभ्यर्थियों को कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) या टैबलेट बेस्ड टेस्ट (TBT) भी देना होगा। इस बदलाव का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और तकनीक आधारित बनाना है।
देशभर में लागू होगी एक समान चयन प्रक्रिया
रेलवे बोर्ड लंबे समय से अलग-अलग जोन में अपनाई जा रही अलग-अलग भर्ती प्रक्रियाओं को समाप्त करने की योजना बना रहा है। वर्तमान में रेलवे के विभिन्न जोन विशेष कोटा भर्तियों के लिए अलग-अलग नियमों का पालन करते हैं। कहीं केवल ट्रायल के आधार पर चयन होता है तो कहीं लिखित परीक्षा भी आयोजित की जाती है। रेलवे बोर्ड का मानना है कि एक समान चयन प्रणाली लागू होने से सभी उम्मीदवारों को बराबरी का अवसर मिलेगा। इससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसी भी प्रकार के विवाद या पक्षपात की संभावना कम होगी। पूरे भारतीय रेलवे में एक जैसी प्रक्रिया लागू होने से भर्ती व्यवस्था अधिक विश्वसनीय बनेगी।
ट्रायल के साथ अब होगी ऑनलाइन परीक्षा
नई व्यवस्था लागू होने के बाद अभ्यर्थियों को अपने क्षेत्र की प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ ऑनलाइन परीक्षा भी देनी होगी। रेलवे बोर्ड के प्रस्ताव के अनुसार उम्मीदवारों से कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) अथवा टैबलेट बेस्ड टेस्ट (TBT) लिया जाएगा। इस परीक्षा में सामान्य ज्ञान, तार्किक क्षमता, भाषा ज्ञान तथा अन्य आवश्यक विषयों से जुड़े प्रश्न पूछे जा सकते हैं। वहीं खेल, स्काउट्स एंड गाइड्स तथा सांस्कृतिक कोटे के उम्मीदवारों का ट्रायल पहले की तरह जारी रहेगा। यानी अब चयन केवल प्रतिभा प्रदर्शन पर नहीं बल्कि लिखित योग्यता और प्रदर्शन दोनों के आधार पर किया जाएगा।
रेलवे बोर्ड ने जोनल रेलवे से मांगे सुझाव
रेलवे बोर्ड के निदेशक (स्थापना-एन) यू.के. तिवारी ने 19 जून को सभी जोनल रेलवे और उत्पादन इकाइयों को पत्र भेजकर इस प्रस्तावित व्यवस्था पर सुझाव मांगे हैं। सभी जोनों से प्राप्त सुझावों की समीक्षा करने के बाद रेलवे बोर्ड अंतिम दिशा-निर्देश जारी करेगा। सूत्रों के अनुसार सुझाव मिलने के बाद चरणबद्ध तरीके से नई भर्ती प्रणाली लागू की जा सकती है। इससे पहले रेलवे बोर्ड यह सुनिश्चित करेगा कि सभी जोन नई प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार हों।
वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में क्या है व्यवस्था
फिलहाल विभिन्न विशेष कोटा भर्तियों में चयन की प्रक्रिया अलग-अलग है। खेल कोटे में खिलाड़ियों की उपलब्धियों और ट्रायल के आधार पर चयन किया जाता है। स्काउट्स एंड गाइड्स कोटे में लिखित परीक्षा आयोजित होती है।
वहीं सांस्कृतिक कोटे में कला प्रदर्शन के साथ-साथ लिखित परीक्षा भी चयन प्रक्रिया का हिस्सा रहती है। अनुकंपा नियुक्तियों में उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता के साथ पढ़ने-लिखने की क्षमता का मूल्यांकन किया जाता है। नई व्यवस्था इन सभी प्रक्रियाओं को एक समान ढांचे में लाने का प्रयास करेगी।
पारदर्शिता और गुणवत्ता पर रहेगा विशेष जोर
रेलवे बोर्ड का मानना है कि ऑनलाइन परीक्षा से उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता का निष्पक्ष मूल्यांकन किया जा सकेगा, जबकि ट्रायल के माध्यम से उनकी वास्तविक प्रतिभा की जांच होगी। दोनों प्रक्रियाओं के संयोजन से अधिक योग्य और सक्षम उम्मीदवारों का चयन संभव होगा। इसके अलावा डिजिटल परीक्षा से मूल्यांकन प्रक्रिया तेज होगी और मानवीय त्रुटियों की संभावना भी कम होगी। भर्ती प्रक्रिया तकनीक आधारित होने से परिणाम अधिक विश्वसनीय और पारदर्शी बनेंगे। इससे रेलवे में भर्ती व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
युवाओं के लिए क्या होंगे इस बदलाव के मायने
रेलवे की विशेष कोटा भर्तियों की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह बदलाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब केवल खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों या स्काउट्स एंड गाइड्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा की तैयारी भी करनी होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि नई प्रणाली से प्रतिभाशाली और योग्य उम्मीदवारों को अधिक निष्पक्ष अवसर मिलेगा। साथ ही पूरे देश में भर्ती प्रक्रिया एक जैसी होने से चयन में पारदर्शिता बढ़ेगी और सभी जोनों में समान मानकों का पालन सुनिश्चित होगा। आने वाले समय में रेलवे की विशेष कोटा भर्तियां पूरी तरह तकनीक आधारित और आधुनिक चयन प्रणाली के अनुरूप संचालित होने की संभावना है।
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