रथ यात्रा 2026: टाटानगर समेत तीन स्टेशनों से चल सकती हैं पुरी स्पेशल ट्रेनें

Jamshedpur News: भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा के दौरान पुरी जाने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए चक्रधरपुर रेल मंडल ने विशेष तैयारी शुरू कर दी है। मंडल प्रशासन ने टाटानगर, बड़ामपहाड़ और राउरकेला से पुरी के लिए तीन विशेष रथ यात्रा स्पेशल ट्रेनें चलाने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड और दक्षिण-पूर्व रेलवे मुख्यालय को भेजा है। फिलहाल इन ट्रेनों के संचालन के लिए रेलवे बोर्ड की मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है। जैसे ही स्वीकृति मिलेगी, ट्रेनों के परिचालन की तिथि, समय, मार्ग, ठहराव और टिकट बुकिंग से जुड़ी जानकारी आधिकारिक रूप से जारी कर दी जाएगी। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यदि इन स्पेशल ट्रेनों का संचालन होता है तो झारखंड, ओडिशा और आसपास के राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी। इससे नियमित ट्रेनों पर दबाव भी कम होगा और यात्रियों को अधिक सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा।

नियमित ट्रेनों में सीटें फुल, यात्रियों की बढ़ी चिंता

हर वर्ष रथ यात्रा के समय पुरी जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। इस बार भी स्थिति अलग नहीं है। रेलवे के आरक्षण आंकड़ों के अनुसार 14 और 15 जुलाई के लिए टाटानगर से होकर जाने वाली नई दिल्ली–पुरी पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, ऋषिकेश–पुरी उत्कल एक्सप्रेस और नई दिल्ली–पुरी नीलांचल एक्सप्रेस की लगभग सभी श्रेणियों में टिकट 'वेटिंग' या 'रिग्रेट' की स्थिति में पहुंच चुके हैं। इसका मतलब है कि इन ट्रेनों में फिलहाल किसी भी श्रेणी में सीट उपलब्ध नहीं है। हजारों श्रद्धालु टिकट नहीं मिलने के कारण परेशान हैं। ऐसे में रेलवे द्वारा प्रस्तावित स्पेशल ट्रेनों से यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। यदि समय रहते इनका संचालन शुरू हो जाता है तो बड़ी संख्या में लोग आसानी से पुरी पहुंच सकेंगे।

वंदे भारत में कुछ सीटें, लेकिन पूरी यात्रा के लिए नहीं

रेलवे के अनुसार टाटा–ब्रह्मपुर वंदे भारत एक्सप्रेस में अभी कुछ सीटें उपलब्ध हैं। 14 जुलाई के लिए चेयर कार में लगभग 334 सीटें तथा 15 जुलाई के लिए करीब 30 सीटें खाली बताई गई हैं। हालांकि यह ट्रेन पुरी तक नहीं जाती है। इसका अंतिम प्रमुख स्टेशन ब्रह्मपुर है, जहां से पुरी की दूरी लगभग 51 किलोमीटर है। यात्रियों को ब्रह्मपुर से आगे सड़क मार्ग या दूसरी ट्रेन के माध्यम से पुरी पहुंचना पड़ता है। यही कारण है कि अधिकांश श्रद्धालु ऐसी ट्रेन चाहते हैं जो सीधे पुरी तक पहुंचे। लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए रेलवे भी सीधी स्पेशल ट्रेन चलाने की संभावना पर गंभीरता से विचार कर रहा है।

रेलवे बोर्ड की मंजूरी के बाद जारी होगा पूरा शेड्यूल

चक्रधरपुर रेल मंडल ने स्थानीय जरूरतों और यात्रियों की मांग का आकलन करने के बाद यह प्रस्ताव तैयार किया है। मंडल के अधिकारियों का कहना है कि रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिलने के तुरंत बाद विस्तृत शेड्यूल जारी किया जाएगा। इसमें ट्रेन नंबर, परिचालन तिथि, समय, मार्ग, प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव तथा टिकट बुकिंग की प्रक्रिया की जानकारी शामिल होगी। रेलवे प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रद्धालुओं को अंतिम समय में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। समय पर जानकारी मिलने से यात्री अपनी यात्रा की बेहतर योजना भी बना सकेंगे।

देशभर में चलेंगी करीब 300 रथ यात्रा स्पेशल ट्रेनें

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि रथ यात्रा के अवसर पर देशभर के विभिन्न शहरों से लगभग 300 रथ यात्रा स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इसी राष्ट्रीय योजना के तहत चक्रधरपुर रेल मंडल ने भी टाटानगर, बड़ामपहाड़ और राउरकेला से विशेष ट्रेनें चलाने का प्रस्ताव भेजा है। रेलवे का मानना है कि इन अतिरिक्त ट्रेनों से नियमित ट्रेनों पर यात्रियों का दबाव कम होगा। साथ ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को सुरक्षित, आरामदायक और समय पर यात्रा करने का अवसर मिलेगा। इससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और रेलवे की यात्री सेवा व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।

श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत

चक्रधरपुर मंडल के सीनियर डीसीएम आदित्य कुमार चौधरी के अनुसार रथ यात्रा को देखते हुए स्पेशल ट्रेनों का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड और जोनल कार्यालय को भेजा जा चुका है। स्वीकृति मिलते ही सभी आवश्यक जानकारियां सार्वजनिक कर दी जाएंगी। रेलवे को उम्मीद है कि मंजूरी समय पर मिल जाएगी और रथ यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए पुरी पहुंच सकेंगे। यदि प्रस्ताव को हरी झंडी मिलती है तो टाटानगर और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को सबसे अधिक लाभ होगा। इससे टिकट की समस्या काफी हद तक कम होगी, भीड़ का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा और श्रद्धालुओं की यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित बन सकेगी। रेलवे की यह पहल रथ यात्रा के दौरान यात्रियों को बेहतर सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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