Potka Malaria News: मलेरिया प्रभावित गांवों में पहुंचे विधायक प्रतिनिधिमंडल, पीड़ित परिवारों को दी सांत्वना, राहत कार्य तेज करने की मांग

पोटका के मलेरिया प्रभावित गांवों का दौरा, पीड़ित परिवारों से मिले प्रतिनिधिमंडल के सदस्य


Jamshedpur News: पूर्वी सिंहभूम के पोटका प्रखंड में मलेरिया के बढ़ते प्रकोप और बच्चों की मौतों से पूरे क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है। इसी बीच रविवार को विधायक संजीव सरदार की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल ने मलेरिया प्रभावित गांवों का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। विधायक किसी आवश्यक कारणवश स्वयं उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त कर हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। प्रतिनिधिमंडल ने प्रभावित परिवारों के दुख को साझा करते हुए कहा कि इस कठिन समय में पूरा क्षेत्र उनके साथ खड़ा है और हर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

हितबासा, खड़िया साईं और झारिया गांव में पहुंचकर लिया हालात का जायजा


प्रतिनिधिमंडल ने पोड़ा-तेंतला पंचायत के हितबासा (दोड़दोड़ा टोला), हेसालबिल पंचायत के खड़िया साईं तथा भाटिन पंचायत के झारिया गांव का दौरा किया। इन गांवों में हाल के दिनों में मलेरिया संक्रमण के कारण बच्चों की मौत होने से परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। प्रतिनिधिमंडल ने प्रत्येक पीड़ित परिवार से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं और वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि लगातार मच्छरों के बढ़ते प्रकोप और समय पर उपचार नहीं मिलने से स्थिति गंभीर होती जा रही है। उन्होंने गांवों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत करने की भी मांग रखी।

विधायक संजीव सरदार की ओर से आर्थिक सहयोग और हरसंभव मदद का भरोसा


दौरे के दौरान विधायक संजीव सरदार की ओर से पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह सहयोग केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि दुख की इस घड़ी में परिवारों के साथ खड़े रहने का एक छोटा प्रयास है। उन्होंने बताया कि विधायक लगातार क्षेत्र की स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के संपर्क में हैं। यदि भविष्य में भी प्रभावित परिवारों को किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता होगी तो विधायक हरसंभव मदद के लिए तैयार रहेंगे। प्रतिनिधिमंडल ने परिजनों से धैर्य बनाए रखने और किसी भी समस्या की जानकारी तत्काल प्रशासन को देने की अपील की।

स्वास्थ्य विभाग से विशेष अभियान चलाने की मांग


प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर लगाने की मांग की। इसके साथ ही गांवों में डीडीटी का नियमित छिड़काव, एंटी लार्वा अभियान, फॉगिंग तथा पर्याप्त मात्रा में मच्छरदानियों का वितरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उनका कहना था कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो संक्रमण और अधिक फैल सकता है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि प्रत्येक प्रभावित गांव में स्वास्थ्य कर्मियों की नियमित तैनाती की जाए ताकि किसी भी मरीज का तुरंत उपचार शुरू किया जा सके और गंभीर स्थिति बनने से पहले ही उसे बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

जनजागरूकता बढ़ाने और प्रशासन को युद्धस्तर पर कार्रवाई की सलाह


प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि केवल दवा और छिड़काव से ही मलेरिया पर पूरी तरह नियंत्रण संभव नहीं है। इसके लिए ग्रामीणों के बीच व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाना भी आवश्यक है। लोगों को साफ-सफाई बनाए रखने, घरों के आसपास जलजमाव नहीं होने देने, रात में मच्छरदानी का उपयोग करने तथा बुखार आने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि मलेरिया नियंत्रण अभियान को युद्धस्तर पर चलाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और ग्रामीणों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता


मलेरिया प्रभावित गांवों के दौरे में विधायक प्रतिनिधिमंडल के साथ हिरामणि मुर्मू, सुधीर सोरेन, भुवनेश्वर सरदार, हितेश भक्त, चक्रधर महतो तथा रमेश सोरेन मौजूद रहे। सभी ने प्रभावित परिवारों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी और भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक मजबूती से पहुंचाया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से निपटने के लिए जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और ग्रामीणों को मिलकर कार्य करना होगा। सामूहिक प्रयासों से ही संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ा जा सकता है और भविष्य में मासूम बच्चों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशासन आवश्यक कदम तेजी से उठाएगा और प्रभावित गांवों में जल्द ही हालात सामान्य होंगे।

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