CBI की जांच निर्णायक मोड़ पर, कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी
Jharkhand News: रांची में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने गुरुवार को एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान JPSC के निवर्तमान अध्यक्ष एवं झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव एल. ख्यांग्ते के कांके रोड स्थित सरकारी आवास, जेल चौक स्थित JPSC कार्यालय और परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी ट्रिपल पी (TPPL) के कार्यालय की गहन तलाशी ली गई। CBI अधिकारियों ने इन स्थानों से कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों को अपने कब्जे में लिया। माना जा रहा है कि इन साक्ष्यों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया में हुई कथित गड़बड़ियों की परतें खुल सकती हैं। जांच एजेंसी ने पहले ही इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
डिजिटल साक्ष्य बने जांच का सबसे बड़ा आधार
छापेमारी के दौरान CBI को बड़ी संख्या में कंप्यूटर, हार्ड डिस्क, सर्वर डेटा, डिजिटल स्टोरेज डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले हैं। जांच एजेंसी इन सभी उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी प्रकार की हेराफेरी, डेटा में बदलाव या परिणामों को प्रभावित करने का प्रयास किया गया था या नहीं। सूत्रों के अनुसार, डिजिटल डेटा की जांच से प्रश्नपत्र तैयार करने, परीक्षा संचालन, मूल्यांकन और परिणाम जारी करने की पूरी प्रक्रिया की पड़ताल की जाएगी। जांच एजेंसी परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और लोगों से पूछताछ होने की संभावना है।
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प्रश्नपत्रों में गंभीर त्रुटियों के बावजूद जारी कर दिया गया परिणाम
जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया है कि सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा और सहायक वन संरक्षक (Assistant Forest Conservator) मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्रों में गंभीर त्रुटियां होने के बावजूद JPSC ने परिणाम घोषित कर दिया था। जानकारी के अनुसार, प्रश्नपत्रों में अनेक गलतियां होने के बावजूद आयोग ने न तो उम्मीदवारों की आपत्तियों का समुचित समाधान किया और न ही उठाए गए सवालों पर स्पष्ट जवाब दिया। इसी कारण अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए थे। अब CBI इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या इन त्रुटियों के पीछे केवल लापरवाही थी या फिर इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश थी।
पांच आरोपी भेजे गए जेल, अधिकारियों पर भी कार्रवाई की संभावना
भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी के आरोप में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इनमें JPSC की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुहा, TPPL के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी तथा कर्मचारी मौसमी एक्का और उस्मान अंसारी शामिल हैं। सभी को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार भेजा गया है। बताया गया कि मनोज कुमार तिवारी को गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था। वह किराये के मकान में रह रहा था। तलाशी के दौरान उसके ठिकाने से पांच लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए। CBI अब गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी कर रही है, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।
कई बड़े अधिकारियों पर गिर सकती है कार्रवाई की गाज
CBI की जांच अब केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसी भर्ती प्रक्रिया से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों, प्रशासनिक पदाधिकारियों और परीक्षा संचालन में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। सूत्रों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों और दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद कई बड़े अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से किसी भी प्रकार की मिलीभगत या अनियमितता के प्रमाण मिलते हैं, तो जांच का दायरा और विस्तृत हो सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में नई गिरफ्तारियां और बड़े खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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अभ्यर्थियों की निगाह अब CBI जांच और न्यायिक कार्रवाई पर
JPSC भर्ती परीक्षा में शामिल हजारों अभ्यर्थियों की निगाह अब CBI की जांच पर टिकी हुई है। लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाने वाले अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। यदि जांच में भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि होती है, तो इसका प्रभाव संबंधित परीक्षाओं और उनके परिणामों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल CBI डिजिटल साक्ष्यों की जांच, आरोपियों से पूछताछ और दस्तावेजों के विश्लेषण के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। आने वाले दिनों में इस बहुचर्चित भर्ती घोटाले में कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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