झारखंड संताल स्टूडेंट्स यूनियन ने विधायक संजीव सरदार को सौंपा ज्ञापन

Jamshedpur News: झारखंड संताल स्टूडेंट्स यूनियन (JSSU) ने झारखंड क्षेत्रीय कार्यकर्ता प्रतियोगिता परीक्षा-2024 में संताली भाषा के प्रश्नपत्र को लेकर गंभीर आपत्ति दर्ज कराते हुए परीक्षा को पुनः आयोजित कराने की मांग की है। यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में पोटका विधायक संजीव सरदार को ज्ञापन सौंपा। संगठन का आरोप है कि संताली भाषा के प्रश्नपत्र में निर्धारित सिलेबस से बाहर के प्रश्न पूछे गए, जिससे संथाली भाषा के अभ्यर्थियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। विधायक संजीव सरदार ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात कराने का आश्वासन दिया है, ताकि छात्र अपनी बात सीधे सरकार के समक्ष रख सकें।

संताली प्रश्नपत्र को लेकर छात्रों ने जताई आपत्ति


झारखंड संताल स्टूडेंट्स यूनियन के प्रतिनिधियों ने ज्ञापन में कहा कि क्षेत्रीय कार्यकर्ता प्रतियोगिता परीक्षा-2024 तीन प्रश्नपत्रों में आयोजित की गई थी। प्रश्नपत्र-1 में हिंदी एवं अंग्रेजी, प्रश्नपत्र-2 में क्षेत्रीय भाषा तथा प्रश्नपत्र-3 में सामान्य ज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछे गए थे। यूनियन का आरोप है कि संताली भाषा के प्रश्नपत्र में कुल 100 प्रश्नों में से लगभग 40 प्रश्न ऐसे शामिल किए गए, जो निर्धारित पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं थे। संगठन का कहना है कि ये प्रश्न जेसीजीएल, पीजीटी, यूजीसी नेट, यूपीएससी तथा जेपीएससी जैसे उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं के सिलेबस से संबंधित थे। इसके अलावा चार प्रश्नों को पहले ही गलत माना जा चुका है। छात्रों का कहना है कि इस वजह से संताली भाषा के अभ्यर्थियों को अन्य भाषाओं के अभ्यर्थियों की तुलना में असमान परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।


परीक्षा दोबारा कराने और जांच समिति गठित करने की मांग


यूनियन ने सरकार और आयोग से मांग की है कि संताली भाषा के अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय कार्यकर्ता प्रतियोगिता परीक्षा को दोबारा आयोजित कराया जाए। संगठन का कहना है कि जब प्रश्नपत्र ही निर्धारित सिलेबस के अनुरूप नहीं था, तब परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि संताली विषय का प्रश्नपत्र तैयार करने की पूरी प्रक्रिया की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए। इसके लिए विषय विशेषज्ञों की एक समिति गठित की जाए, जो यह जांच करे कि प्रश्नपत्र तैयार करते समय किन मानकों का पालन किया गया और आखिर इतनी बड़ी त्रुटि कैसे हुई। यूनियन का मानना है कि यदि समय रहते इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो भविष्य में भी ऐसे विवाद सामने आ सकते हैं।

विधायक संजीव सरदार ने छात्रों को दिया भरोसा


ज्ञापन प्राप्त करने के बाद पोटका विधायक संजीव सरदार ने कहा कि छात्रों की समस्याएं गंभीर हैं और उन्हें सरकार के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि संताली भाषा के अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की जाएगी। विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री के समक्ष छात्रों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों और परीक्षा में हुई कथित विसंगतियों की जानकारी दी जाएगी। उनका कहना था कि सरकार का उद्देश्य युवाओं के साथ न्याय करना है और यदि कहीं किसी प्रकार की त्रुटि हुई है तो उसका निष्पक्ष समाधान निकाला जाना चाहिए।


छात्रों को सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रखने का मिलेगा अवसर


संजीव सरदार ने कहा कि मुख्यमंत्री से होने वाली प्रस्तावित मुलाकात में छात्रों को स्वयं अपनी समस्याएं और मांगें रखने का पूरा अवसर मिलेगा। इससे सरकार को अभ्यर्थियों की वास्तविक परेशानी समझने में आसानी होगी और तथ्यों के आधार पर उचित निर्णय लिया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। किसी भी भाषा या वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। यदि छात्रों की शिकायतें सही पाई जाती हैं तो सरकार निश्चित रूप से उचित कार्रवाई करेगी।

संताली अभ्यर्थियों में न्याय की उम्मीद बढ़ी


झारखंड संताल स्टूडेंट्स यूनियन की इस पहल के बाद संताली भाषा के अभ्यर्थियों में न्याय की उम्मीद बढ़ी है। संगठन का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल परीक्षा रद्द कराना नहीं, बल्कि सभी अभ्यर्थियों के लिए समान और पारदर्शी प्रतियोगी परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना है। अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और संबंधित आयोग पर टिकी हैं। यदि प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात होती है तो छात्रों को अपनी बात सीधे सरकार तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। इससे परीक्षा में उठे विवादों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल होने की संभावना है। वहीं, छात्र संगठन ने उम्मीद जताई है कि सरकार मामले की निष्पक्ष जांच कर अभ्यर्थियों के हित में उचित निर्णय लेगी।