पोटका के कोवाली पंचायत के राशन कार्डधारियों का पूर्वी सिंहभूम जिला कार्यालय के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन


Jamshedpur News: जमशेदपुर के पोटका प्रखंड अंतर्गत कोवाली पंचायत के सैकड़ों राशन कार्डधारियों ने गुरुवार को जिला समाहरणालय स्थित डीसी कार्यालय के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानदार ललिता खंडापातर पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनका लाइसेंस तत्काल रद्द करने की मांग की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं और उन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बीते चार महीनों से उन्हें सरकारी राशन नहीं मिला है, जिससे गरीब परिवारों के सामने भोजन का संकट उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों ने कहा कि वे लंबे समय से अधिकारियों से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण मजबूर होकर उन्हें डीसी कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा।

चार महीने से नहीं मिला राशन, गरीब परिवारों की बढ़ी परेशानी

ग्रामीणों ने बताया कि दिसंबर, जनवरी, फरवरी और मार्च महीने का राशन अब तक उन्हें उपलब्ध नहीं कराया गया है। राशन नहीं मिलने से गरीब और मजदूर परिवारों को भारी आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई परिवारों को बाजार से महंगे दामों पर अनाज खरीदना पड़ रहा है, जबकि सरकार द्वारा मिलने वाला राशन उनके जीवनयापन का मुख्य सहारा है। ग्रामीणों का आरोप है कि राशन दुकानदार हर महीने ई-पॉश मशीन में उनका फिंगरप्रिंट लेकर पर्ची दे देती थीं और बाद में राशन लेने आने को कहती थीं। लेकिन जब वे राशन लेने पहुंचते थे, तो उन्हें टाल दिया जाता था। कई बार राशन मांगने पर उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया गया। महिलाओं ने कहा कि राशन के अभाव में बच्चों और बुजुर्गों के सामने खाने की समस्या खड़ी हो गयी है। उन्होंने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर बकाया राशन उपलब्ध कराने की मांग की।


राशन दुकानदार पर अभद्र व्यवहार का भी आरोप

प्रदर्शन कर रहे राशन कार्डधारियों ने आरोप लगाया कि जब भी वे राशन लेने दुकान पहुंचते थे, तब दुकानदार द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता था। ग्रामीणों ने कहा कि राशन मांगने पर उन्हें अपमानित किया जाता था और बार-बार बाद में आने को कहा जाता था। महिलाओं ने बताया कि कई बार घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता नहीं होने के कारण गरीबों का हक मारा जा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गयी तो आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र किया जायेगा।

बीडीओ और आपूर्ति पदाधिकारी से की गयी थी शिकायत

ग्रामीणों ने बताया कि राशन नहीं मिलने की शिकायत उन्होंने पहले ही प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और आपूर्ति पदाधिकारी से की थी। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन द्वारा संबंधित राशन दुकान को बंद करा दिया गया है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि दुकान बंद कर देना पर्याप्त नहीं है, जब तक कि दोषी दुकानदार का लाइसेंस रद्द नहीं किया जाता और कार्डधारियों को उनका बकाया राशन नहीं मिलता। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि प्रशासन समय पर कार्रवाई करता, तो गरीबों को चार महीने तक राशन के लिए परेशान नहीं होना पड़ता। लोगों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की।


डीसी कार्यालय में सौंपा गया मांग पत्र

विरोध प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने उपायुक्त के नाम एक मांग पत्र भी सौंपा। मांग पत्र में राशन दुकानदार ललिता खंडापातर का लाइसेंस अविलंब रद्द करने, चार महीने का बकाया राशन उपलब्ध कराने तथा मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गयी। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे भी आंदोलन जारी रखेंगे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि गरीबों के हक के साथ खिलवाड़ किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।

महिलाओं की बड़ी भागीदारी, कई ग्रामीण रहे मौजूद

डीसी कार्यालय के सामने हुए इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण शामिल हुए। प्रदर्शन में मनीषा मार्डी, हेमंती महतो, सुभद्रा कैवर्त, आलोदिनी महतो, संध्यारानी महतो, बबीता महतो, कविता महतो और मनोज कुमार सरदार समेत काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि गरीबों का राशन रोकना गंभीर अपराध है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने प्रशासन से न्याय की मांग करते हुए कहा कि राशन व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो गांव स्तर पर व्यापक आंदोलन शुरू किया जायेगा।