आयोग के अनुसार, परीक्षा राज्य के छह प्रमुख शहरों—रांची, जमशेदपुर, धनबाद और बोकारो सहित अन्य निर्धारित केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थियों को इन शहरों में से अपनी प्राथमिकता के आधार पर अधिकतम तीन विकल्प चुनने का अवसर दिया गया है। परीक्षा केंद्र चयन को लेकर आयोग ने आंशिक राहत देते हुए अभ्यर्थियों को अपने शहर विकल्प में संशोधन की अनुमति भी दी है।
इसके तहत उम्मीदवार 24 मार्च से 30 मार्च शाम 5 बजे तक ऑनलाइन माध्यम से अपने परीक्षा केंद्र के विकल्प में बदलाव कर सकते हैं। हालांकि, आयोग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आवेदन पत्र में अन्य किसी प्रकार का संशोधन मान्य नहीं होगा। केवल परीक्षा शहर के विकल्प में ही परिवर्तन किया जा सकेगा।
अचानक परीक्षा तिथि में बदलाव की घोषणा से अभ्यर्थियों में नाराजगी देखी जा रही है। कई उम्मीदवारों का कहना है कि वे लंबे समय से परीक्षा की तैयारी कर रहे थे और तिथि के अनुसार अपनी रणनीति तय कर चुके थे। ऐसे में अंतिम समय पर परीक्षा स्थगित होने से उनकी तैयारी की योजना प्रभावित हुई है। साथ ही, अभ्यर्थियों का यह भी कहना है कि आयोग को स्थगन के पीछे की स्पष्ट वजह बतानी चाहिए, ताकि किसी तरह का भ्रम न रहे।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा तिथि में बदलाव से छात्रों को अतिरिक्त समय जरूर मिलेगा, लेकिन इससे मानसिक दबाव भी बढ़ सकता है। अब सभी की नजरें 26 अप्रैल को होने वाली परीक्षा पर टिकी हैं, और उम्मीद की जा रही है कि इस बार परीक्षा बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक आयोजित होगी।
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