जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, म्यूटेशन समेत अन्य समस्याओं का होगा त्वरित समाधान, 8580090001 पर ‘Hi’ या ‘जोहार’ भेजकर शुरू करें सेवा
Jamshedpur News : पूर्वी सिंहभूम जिले के दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को अब छोटी-छोटी समस्याओं और शिकायतों को लेकर जिला मुख्यालय या जनता दरबार के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जिला प्रशासन ने नागरिकों की शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और सुगम निस्तारण के लिए 24 घंटे काम करने वाला व्हाट्सएप चैटबॉट ‘अबुआ मित्र’ शुरू किया है। इस डिजिटल सुविधा के माध्यम से लोग घर बैठे मोबाइल से अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायत दर्ज होने के बाद उन्हें डिजिटल रिसीविंग और शिकायत संख्या भी मिलेगी। इस सेवा की शुरुआत के दौरान डीडीसी नागेंद्र पासवान, एडीसी अनुराग तिवारी और एसडीओ अरनव मिश्रा समेत प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। उपायुक्त राजीव रंजन ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य आम लोगों को शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को आसान बनाना और शिकायतों की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाना है।
8580090001 पर ‘Hi’ या ‘जोहार’ भेजकर शुरू होगी सेवा
‘अबुआ मित्र’ का इस्तेमाल करना काफी आसान रखा गया है। शिकायत दर्ज कराने के लिए नागरिकों को सबसे पहले अपने मोबाइल में 8580090001 नंबर सेव करना होगा। इसके अलावा प्रशासन की ओर से जारी क्यूआर कोड को स्कैन करके भी चैटबॉट तक पहुंचा जा सकता है। नंबर सेव करने के बाद व्हाट्सएप पर ‘Hi’ या ‘जोहार’ लिखकर भेजना होगा। इसके बाद चैटबॉट की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी। यह सेवा हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे अधिक से अधिक लोग इसका इस्तेमाल कर सकेंगे। चैटबॉट में नागरिकों को दो प्रमुख विकल्प मिलेंगे। पहला ‘नई शिकायत दर्ज करें’ और दूसरा ‘शिकायत की स्थिति जांचें’। इससे लोग न केवल अपनी समस्या प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे, बल्कि पहले से दर्ज शिकायत की प्रगति भी घर बैठे देख सकेंगे।
नाम, पता और क्षेत्र की जानकारी के साथ दर्ज होगी शिकायत
नई शिकायत दर्ज करने के लिए नागरिक को चैटबॉट में मांगी गयी आवश्यक जानकारी भरनी होगी। इसमें आवेदक का नाम, क्षेत्र शहरी है या ग्रामीण, संबंधित नगर निगम अथवा प्रखंड, वार्ड नंबर और पता जैसी जानकारी देनी होगी। इसके बाद नागरिक अपनी समस्या को चैटबॉट के माध्यम से लिखकर भेज सकेगा। शिकायत से संबंधित दस्तावेज या अन्य साक्ष्य भी व्हाट्सएप के माध्यम से अपलोड किये जा सकेंगे। इससे प्रशासन को शिकायत की वास्तविक स्थिति समझने और संबंधित विभाग तक आवश्यक दस्तावेज के साथ मामला पहुंचाने में सुविधा होगी। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, म्यूटेशन सहित विभिन्न प्रकार की प्रशासनिक समस्याओं को इस व्यवस्था के माध्यम से दर्ज कराया जा सकेगा। खासकर दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है, क्योंकि उन्हें शिकायत दर्ज कराने के लिए बार-बार जिला मुख्यालय आने की जरूरत नहीं होगी।
शिकायत की हर प्रगति की मिलेगी जानकारी
शिकायत दर्ज होते ही आवेदक को एक कंप्लेंट नंबर दिया जायेगा। शिकायत सीधे जन सहायता कोषांग के पोर्टल पर दर्ज होगी। इसके बाद वहां से शिकायत को संबंधित विभाग या अधिकारी के पास भेजा जायेगा। शिकायत के निस्तारण की प्रक्रिया के दौरान आवेदक को हर महत्वपूर्ण चरण की जानकारी मिलती रहेगी। इसके लिए एसएमएस और व्हाट्सएप, दोनों माध्यमों का इस्तेमाल किया जायेगा। यानी शिकायतकर्ता को बार-बार कार्यालय जाकर यह पता करने की जरूरत नहीं होगी कि उसकी शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई। इस व्यवस्था की एक खास बात यह है कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि को भी महत्व दिया जायेगा। जब तक शिकायतकर्ता समाधान से संतुष्ट नहीं होगा, तब तक शिकायत को बंद नहीं किया जायेगा। इससे शिकायतों के केवल कागजी निस्तारण के बजाय वास्तविक समाधान पर जोर देने की व्यवस्था की गयी है।
15 दिन से ज्यादा लंबित शिकायत अपने आप होगी फ्लैग
उपायुक्त राजीव रंजन ने बताया कि सामान्य प्रकृति की शिकायतों का निपटारा यथासंभव तुरंत किया जायेगा। वहीं जिन मामलों के निस्तारण के लिए कानूनी या निर्धारित समय-सीमा तय है, जैसे म्यूटेशन से संबंधित मामले, उनका समाधान निर्धारित प्रक्रिया और समय के अनुसार किया जायेगा। यदि कोई शिकायत 15 दिन या दो सप्ताह से अधिक समय तक लंबित रहती है, तो सिस्टम में वह स्वतः फ्लैग हो जायेगी। इसके बाद ऐसी शिकायतों की समीक्षा की जायेगी। जनता दरबार से पहले प्रशासन हर सप्ताह चैटबॉट के माध्यम से प्राप्त शिकायतों और उनकी स्थिति की ऑनलाइन समीक्षा करेगा। फर्जी शिकायतों पर भी प्रशासन की नजर रहेगी। जन सहायता कोषांग की टीम शिकायत के साथ अपलोड किये गये दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी। इससे गलत या भ्रामक शिकायतों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
भविष्य में एआई आधारित होगा ‘अबुआ मित्र’
जिला प्रशासन की योजना आने वाले समय में ‘अबुआ मित्र’ को एआई आधारित चैटबॉट के रूप में विकसित करने की है। इसके बाद नागरिकों के लिए शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और आसान हो सकती है। भविष्य में लोग टाइप करने के बजाय बोलकर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। डिजिटल माध्यम से शिकायत दर्ज कराने, उसकी स्थिति देखने और कार्रवाई की जानकारी प्राप्त करने की सुविधा से प्रशासन और नागरिकों के बीच संवाद का एक नया माध्यम तैयार हुआ है। खासकर दूरस्थ ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए यह सुविधा शिकायतों को जिला प्रशासन तक पहुंचाने में सहायक होगी। प्रशासन का जोर शिकायतों की निगरानी, समय पर कार्रवाई और शिकायतकर्ता की संतुष्टि के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने पर है।
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