केबुल कंपनी प्रबंधन के खिलाफ मजदूर करेंगे चरणबद्ध आंदोलन, कंपनी गेट पर अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान

JMM NEWS: बर्मामाइंस स्थित इन्कैब (केबुल कंपनी) के मजदूरों की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को आयोजित की गयी। बैठक की अध्यक्षता हरिहर महतो ने की। इसमें झामुमो नेता महाबीर मुर्मू और झारखंड श्रमिक संघ के महासचिव शैलेंद्र मैथी मुख्य रूप से उपस्थित थे। बैठक में मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन के रवैये और अपनी लंबित समस्याओं को लेकर नाराजगी जतायी। मजदूरों ने कहा कि लंबे समय से उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर अपेक्षित पहल नहीं की जा रही है। बैठक में सर्वसम्मति से प्रबंधन के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया।

प्रबंधन के रवैये से मजदूरों में बढ़ा आक्रोश


बैठक के दौरान मजदूरों ने अपनी विभिन्न समस्याएं रखते हुए कहा कि कंपनी प्रबंधन की ओर से वार्ता की पहल नहीं किये जाने से असंतोष बढ़ता जा रहा है। मजदूरों का कहना था कि अपनी मांगों और अधिकारों को लेकर वे लगातार आवाज उठाते रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई है। इस कारण मजदूरों में आक्रोश है। बैठक में उपस्थित नेताओं ने मजदूरों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए एकजुट होकर संघर्ष करने की जरूरत बतायी।

द्विपक्षीय वार्ता के लिए दिया गया था आवेदन


झामुमो नेता महाबीर मुर्मू ने कहा कि विगत दिनों उप श्रम अधीक्षक, जमशेदपुर को कंपनी प्रबंधन के साथ द्विपक्षीय वार्ता आयोजित कराने के लिए आवेदन दिया गया था। निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बावजूद अब तक उप श्रम अधीक्षक कार्यालय की ओर से कंपनी प्रबंधन के साथ वार्ता कराने की दिशा में कोई पहल नहीं की गयी है। उन्होंने कहा कि वार्ता नहीं होने से मजदूरों में असंतोष और गहरा रहा है। मजदूर चाहते हैं कि उनकी समस्याओं पर प्रबंधन के साथ बैठकर बातचीत हो और उचित समाधान निकाला जाये।

एकजुट होकर आंदोलन आगे बढ़ाने की अपील


महाबीर मुर्मू ने कहा कि जब भी मजदूर अपने हक और अधिकार के लिए आवाज उठाते हैं, तब आंदोलन को कमजोर करने के लिए तरह-तरह के प्रयास किये जाते हैं। उन्होंने मजदूरों से अपील की कि वे किसी भी तरह के दबाव या बहकावे में आये बिना आपसी एकता और विश्वास कायम रखें। उन्होंने कहा कि मजदूरों की समस्याओं का समाधान तभी संभव है, जब सभी मजदूर एकजुट होकर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को सामने रखें। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जायेगा।

कंपनी गेट पर अनिश्चितकालीन धरने का फैसला


बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि कंपनी प्रबंधन और प्रशासन की ओर से जल्द सकारात्मक पहल नहीं की गयी, तो कंपनी गेट के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जायेगा। मजदूरों ने कहा कि उनका उद्देश्य अपनी मांगों और समस्याओं को वार्ता के माध्यम से हल कराना है। इसके बावजूद यदि प्रबंधन की ओर से कोई पहल नहीं होती है, तो आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए मजदूर मजबूर होंगे। बैठक में कहा गया कि आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी परिस्थिति की जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन और उप श्रम अधीक्षक कार्यालय की होगी।

बैठक में नारायण सोरेन, संजय शर्मा, तपन दास, कादे मुर्मू, बाली मार्डी, सतीश चंद्र, किशोर सिंह, राजकिशोर गोराई, राजकुमार नाग, सबिता दास, श्याम लाल, दुबराज हांसदा, ऐनेम नाग, रमकण टुडू, उदय पूर्ति, कानू राम बेसरा, आनंद श्रीवास्तव, मनोज तांती, दुर्गा हांसदा, मृत्युंजय यादव, बबलू टुडू, सुभाष चंद्र महतो, माधव चंद्र महतो, सोनाराम टुडू, गुरुचरण हांसदा, जसाई मुर्मू और हेमंत कुमार हेंब्रम सहित बड़ी संख्या में मजदूर उपस्थित थे।