हलुदबनी में महिलाओं को वित्तीय साक्षरता का पाठ, आर्थिक आत्मनिर्भरता के बताए तरीके

Jamshedpur News : परसुडीह स्थित हलुदबनी पूर्वी पंचायत मंडप में ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और वित्तीय रूप से जागरूक बनाने के उद्देश्य से विशेष वित्तीय साक्षरता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व हलुदबनी पूर्वी पंचायत की मुखिया पानू मुर्मू ने किया। इस दौरान महिलाओं को बचत, निवेश, घरेलू बजट, वित्तीय नियोजन और साइबर व आर्थिक धोखाधड़ी से बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी। कार्यक्रम में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के स्टेट इंचार्ज अजय मिश्रा और केरुवाडूंगरी पंचायत के मुखिया कान्हू मुर्मू मुख्य रूप से उपस्थित थे।

महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक मामलों की जानकारी देकर उन्हें अपने परिवार की आर्थिक व्यवस्था में अधिक सक्षम बनाना था। वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से परिवार के साथ-साथ पूरे समाज को मजबूती मिलती है। ग्रामीण क्षेत्र में महिलाएं घर और आजीविका से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य संभालती हैं, लेकिन वित्तीय योजनाओं, बैंकिंग व्यवस्था और निवेश के विकल्पों की पर्याप्त जानकारी नहीं होने के कारण वे कई बार अपनी मेहनत की कमाई का बेहतर इस्तेमाल नहीं कर पाती हैं। ऐसे में वित्तीय साक्षरता उन्हें सही निर्णय लेने में मदद कर सकती है।

बचत के साथ सही निवेश भी जरूरी

मुख्य वक्ता अजय मिश्रा ने महिलाओं से सीधा संवाद करते हुए घरेलू बजट और वित्तीय नियोजन की बारीकियों को समझाया। उन्होंने कहा कि केवल पैसा बचाकर रखना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बचत की उचित योजना बनाना भी जरूरी है। परिवार की आय और खर्च का हिसाब रखने, जरूरी और गैर-जरूरी खर्च में अंतर करने तथा नियमित बचत की आदत विकसित करने पर जोर दिया गया। उन्होंने महिलाओं को बताया कि उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के अनुसार सुरक्षित और समझदारीपूर्ण निवेश का विकल्प चुना जाना चाहिए।

निवेश से पहले जोखिम की जानकारी जरूरी

कार्यक्रम में महिलाओं को विभिन्न निवेश विकल्पों की सामान्य जानकारी दी गयी। वक्ताओं ने समझाया कि किसी भी निवेश में पैसा लगाने से पहले उसके नियम, लाभ, अवधि और संभावित जोखिम को अच्छी तरह समझना चाहिए। बाजार आधारित निवेश में उतार-चढ़ाव की संभावना रहती है, इसलिए केवल किसी व्यक्ति के कहने या अधिक मुनाफे के लालच में पैसा नहीं लगाना चाहिए। महिलाओं को सलाह दी गयी कि निवेश से पहले अधिकृत और विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें तथा अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार ही निर्णय लें।

धोखाधड़ी और फर्जी योजनाओं से बचने की दी जानकारी

वित्तीय साक्षरता अभियान के दौरान महिलाओं को आर्थिक धोखाधड़ी से बचने के विशेष टिप्स भी दिये गये। वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में फर्जी निवेश योजनाओं, लुभावने ऑफर और अधिक लाभ का लालच देकर लोगों से पैसे ठगने के मामले सामने आते रहते हैं। इसलिए किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंक संबंधी जानकारी, पासवर्ड, ओटीपी या अन्य गोपनीय विवरण साझा नहीं करना चाहिए। किसी भी आकर्षक वित्तीय योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी विश्वसनीयता और पूरी जानकारी की जांच करना जरूरी है।

जागरूकता से मजबूत होगा ग्रामीण परिवारों का भविष्य

कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को यह संदेश दिया गया कि वित्तीय जानकारी केवल कमाई करने वालों के लिए ही नहीं, बल्कि परिवार के प्रत्येक सदस्य के लिए जरूरी है। यदि महिलाएं बचत, बजट, बैंकिंग और निवेश से जुड़े निर्णयों को समझेंगी तो परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर ढंग से संभाल सकेंगी। मुखिया पानू मुर्मू ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आगे भी उपयोगी साबित होंगे। कार्यक्रम में महिलाओं से अपील की गयी कि वे स्वयं वित्तीय जानकारी हासिल करने के साथ अपने परिवार और आसपास की अन्य महिलाओं को भी जागरूक करें, ताकि मेहनत की कमाई सुरक्षित रहे और भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा मजबूत हो सके।