Jamshedpur News: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर जमशेदपुर और पूरे कोल्हान क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सोनारी एयरपोर्ट से संचालित हवाई सेवाओं को निरंतर जारी रखने, डिग्री कॉलेजों में इंटरमीडिएट की पढ़ाई बंद होने से प्रभावित शिक्षकों एवं कर्मचारियों के समायोजन तथा झारखंड आंदोलनकारियों को लंबित प्रमाण-पत्र और पेंशन संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि इन सभी विषयों का सीधा संबंध क्षेत्र के विकास, शिक्षा व्यवस्था और आंदोलनकारियों के सम्मान से जुड़ा हुआ है, इसलिए इन पर शीघ्र निर्णय लिया जाना आवश्यक है।
सोनारी एयरपोर्ट से हवाई सेवा बंद होने की आशंका पर जताई चिंता
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान कुणाल षाड़ंगी ने सबसे पहले सोनारी एयरपोर्ट से भुवनेश्वर और कोलकाता के लिए संचालित हवाई उड़ानों का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि यह सेवा केंद्र सरकार की रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (आरसीएस) के अंतर्गत संचालित हो रही है। इस योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी समाप्त होने के कारण अगस्त के अंतिम सप्ताह से उड़ानों के बंद होने की संभावना बन गई है। उन्होंने कहा कि यदि यह सेवा बंद होती है तो इसका सीधा असर जमशेदपुर ही नहीं, बल्कि पूरे कोल्हान क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों पर पड़ेगा। इससे उद्योग, व्यापार, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े हजारों लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि राज्य सरकार इस मामले में केंद्र सरकार और नागरिक उड्डयन मंत्रालय से समन्वय स्थापित कर सब्सिडी जारी रखने की दिशा में पहल करे, ताकि हवाई सेवा बाधित न हो।
व्यापार, उद्योग, मरीजों और छात्रों को होगा बड़ा नुकसान
कुणाल षाड़ंगी ने मुख्यमंत्री को बताया कि सोनारी एयरपोर्ट से संचालित हवाई सेवाएं पूर्वी सिंहभूम और आसपास के जिलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। व्यवसायी समय की बचत के लिए इन उड़ानों का उपयोग करते हैं, जबकि गंभीर मरीज इलाज के लिए बड़े शहरों तक पहुंचने में इसका लाभ उठाते हैं। इसके अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा और विभिन्न व्यावसायिक कार्यों के लिए यात्रा करने वाले छात्र एवं उद्योग जगत से जुड़े लोगों के लिए भी यह सेवा अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने कहा कि यदि उड़ानें बंद हो जाती हैं तो इसका नकारात्मक प्रभाव क्षेत्र के औद्योगिक विकास और निवेश की संभावनाओं पर भी पड़ेगा। उन्होंने इस विषय को जनहित से जुड़ा बताते हुए राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
शिक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों के समायोजन का मुद्दा भी उठाया
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान पूर्व विधायक ने नई शिक्षा नीति के लागू होने के बाद डिग्री कॉलेजों में इंटरमीडिएट की पढ़ाई बंद होने से उत्पन्न स्थिति की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस बदलाव के कारण कई शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारी प्रभावित हुए हैं। लंबे समय से उनके समायोजन की प्रक्रिया लंबित है, जिससे उनमें असमंजस और भविष्य को लेकर चिंता बनी हुई है। कुणाल षाड़ंगी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि ऐसे सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों के शीघ्र समायोजन के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के साथ-साथ कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना भी सरकार की जिम्मेदारी है। समय पर निर्णय लेने से शिक्षा संस्थानों का संचालन भी सुचारु रहेगा और कर्मचारियों को राहत मिलेगी।
झारखंड आंदोलनकारियों को सम्मान और सुविधाएं दिलाने की मांग
कुणाल षाड़ंगी ने झारखंड आंदोलनकारियों से जुड़े लंबित मामलों को भी मुख्यमंत्री के समक्ष प्रमुखता से रखा। उन्होंने बताया कि झारखंड आंदोलनकारी चिन्हितीकरण आयोग द्वारा सूची प्रकाशित किए जाने के बावजूद पूर्वी सिंहभूम जिले, विशेषकर घाटशिला और गुड़ाबांधा प्रखंड के कई आंदोलनकारियों को अब तक पेंशन और अन्य सरकारी सुविधाओं के लिए आवश्यक प्रमाण-पत्र जारी नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों ने अलग झारखंड राज्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और उन्हें सम्मान तथा सरकारी सुविधाएं समय पर मिलनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि संबंधित अधिकारियों को तत्काल निर्देश देकर लंबित प्रमाण-पत्र निर्गत कराए जाएं, ताकि पात्र आंदोलनकारियों को पेंशन सहित अन्य सरकारी लाभ शीघ्र मिल सकें। कुणाल षाड़ंगी ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री इन सभी जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक पहल करेंगे और जमशेदपुर तथा कोल्हान क्षेत्र के लोगों को राहत मिलेगी।
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