Jamshedpur News: जमशेदपुर के नदी तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने से शहरी गरीब बस्तियों में रहने वाले परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। निचले इलाकों में पानी भरने के कारण कई परिवारों को अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों, सड़क किनारे और सामुदायिक भवनों में शरण लेने को मजबूर होना पड़ा है। शास्त्रीनगर ब्लॉक नंबर-3 और निर्मल कॉलोनी के निचले हिस्सों में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए शहीद निर्मल सेवा सदन ने राहत और सहयोग का हाथ बढ़ाया है। संस्था का प्रांगण बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए कल रात से ही आश्रय स्थल के रूप में खोल दिया गया है, जहां जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया जा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया दौरा
बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए शुक्रवार को शहीद निर्मल सेवा सदन के अध्यक्ष सह डॉ. भीमराव आंबेडकर SC/ST/OBC/Minority Welfare Committee, जमशेदपुर के महासचिव रविंद्र प्रसाद के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने निर्मल कॉलोनी के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल में कदमा संथाल जाहेरगढ़ के माझी बाबा बिंदे सोरेन, सेवा सदन की उपाध्यक्ष बेरना देत कांडुलना, बैद्यनाथ करुआ, राज कुमार दास, डॉ. आंबेडकर SC/ST/OBC/Minority Welfare Committee के वरिष्ठ नेता गणेश राम और सुबोध रविदास, अखिल भारतीय तैलिक साहू महासभा के जिला महामंत्री मनोज गुप्ता, जॉगर्स पार्क स्पोर्ट्स अकादमी की संरक्षक अनिमा बोस तथा संस्था के महासचिव गौतम कुमार बोस शामिल थे। टीम ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और मौजूदा हालात की जानकारी ली।
बाढ़ पीड़ितों के लिए भोजन सामग्री उपलब्ध कराई
प्रतिनिधिमंडल ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर उनके प्रति संवेदना व्यक्त की और संकट की इस घड़ी में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। शहीद निर्मल सेवा सदन के प्रांगण में आश्रय लिए हुए लोगों के लिए दोपहर के भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आवश्यक खाद्य सामग्री भी सहयोग स्वरूप उपलब्ध कराई गई। संस्था ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय समाज के सक्षम लोगों और सामाजिक संगठनों को आगे आकर प्रभावित परिवारों की मदद करनी चाहिए। बाढ़ के कारण जिन परिवारों का सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है, उनके लिए भोजन, सुरक्षित आश्रय और जरूरी राहत सामग्री तत्काल प्राथमिकता होनी चाहिए।
पानी उतरने के बाद संक्रमण और मच्छरजनित बीमारियों का खतरा
दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने बाढ़ का पानी उतरने के बाद उत्पन्न होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को लेकर भी चिंता जताई। लंबे समय तक पानी जमा रहने से गंदगी और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इसके साथ ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से मच्छरजनित बीमारियों की आशंका भी बनी रहती है। संस्था ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जाए। साथ ही जलजमाव वाले स्थानों की साफ-सफाई, कचरा हटाने और मच्छर नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि बाढ़ के बाद किसी तरह की बीमारी फैलने की स्थिति उत्पन्न न हो।
प्रभावित परिवारों की सूची प्रशासन को सौंपी जाएगी
शहीद निर्मल सेवा सदन ने निर्मल कॉलोनी के सभी बाढ़ प्रभावित परिवारों की सूची तैयार कर प्रशासन को सौंपने का निर्णय लिया है। संस्था का मानना है कि प्रभावित परिवारों का सही आंकड़ा उपलब्ध होने से उन्हें सरकारी राहत और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में प्रशासन को सुविधा होगी। संस्था ने प्रशासन के साथ-साथ समाज के सक्षम लोगों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से भी बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए आगे आने की अपील की है। शहीद निर्मल सेवा सदन के महासचिव जी.के. बोस ने कहा कि संकट की इस घड़ी में जरूरतमंद परिवारों के साथ खड़ा होना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। संस्था जनस्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक एकता और युवा विकास के क्षेत्र में अपने प्रयासों के साथ बाढ़ प्रभावित लोगों को भी हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
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