Jamshedpur News : जमशेदपुर प्रखंड परिसर में रविवार को भारत निर्माण संस्थान की ओर से भू-मापक (अमीन) प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया. प्रशिक्षण कार्यक्रम संस्थान के प्रशिक्षण प्रभारी प्रभुशंकर सिंह की देखरेख में आयोजित किया जा रहा है. प्रशिक्षण के पहले दिन बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया. इस दौरान प्रशिक्षणार्थियों को जमीन मापी से जुड़ी तकनीकी जानकारी देने के साथ भू-मापन की प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया. प्रशिक्षण का उद्देश्य अभ्यर्थियों को अमीन कार्य के लिए आवश्यक सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक ज्ञान उपलब्ध कराना है, ताकि वे जमीन की सही मापी, नक्शे की समझ और सीमांकन की प्रक्रिया को बेहतर तरीके से सीख सकें. प्रशिक्षण के दौरान अभ्यर्थियों को कक्षा में जानकारी देने के साथ-साथ वास्तविक स्थल पर ले जाकर प्रैक्टिकल अभ्यास भी कराया जायेगा.
पहले दिन भू-मापन की बुनियादी जानकारी दी गयी
प्रशिक्षण के प्रथम दिन अभ्यर्थियों को भू-मापन से संबंधित विभिन्न तकनीकी विषयों की जानकारी दी गयी. प्रशिक्षणार्थियों को किस्तवार, खानापुरी और चकबंदी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के बारे में विस्तार से समझाया गया. इसके अलावा अमीन प्रशिक्षण में उपयोगी गणित और सामान्य ज्ञान के विषयों पर भी जानकारी दी गयी. प्रशिक्षकों ने जमीन की मापी के दौरान इस्तेमाल होने वाली विभिन्न प्रक्रियाओं और सावधानियों के बारे में अभ्यर्थियों को बताया. प्रशिक्षणार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि जमीन की मापी में छोटी सी गलती भी भविष्य में विवाद का कारण बन सकती है. इसलिए सही माप, नक्शे की समझ और सीमांकन की प्रक्रिया को तकनीकी रूप से समझना आवश्यक है.
दो महीने तक चलेगा गहन अमीन प्रशिक्षण
प्रशिक्षण प्रभारी प्रभुशंकर सिंह ने बताया कि अभ्यर्थियों को दो महीने का गहन अमीन प्रशिक्षण दिया जायेगा. इस दौरान प्रशिक्षणार्थियों को भू-मापन से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध करायी जायेगी.
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में केवल किताबी या सैद्धांतिक ज्ञान तक ही सीमित नहीं रखा जायेगा. अभ्यर्थियों को जमीन पर ले जाकर वास्तविक परिस्थितियों में मापी करने का अभ्यास कराया जायेगा. इससे प्रशिक्षणार्थियों को भू-मापन के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों को समझने में मदद मिलेगी.
जमीन पर होगी प्रैक्टिकल मापी की ट्रेनिंग
अमीन प्रशिक्षण कार्यक्रम की खासियत यह होगी कि प्रशिक्षणार्थियों को प्रैक्टिकल जमीन मापी का भी अभ्यास कराया जायेगा. प्रशिक्षण के दौरान उन्हें मापी की विभिन्न तकनीकों, नक्शा पढ़ने, जमीन की सीमाओं की पहचान और सही सीमांकन की प्रक्रिया को व्यवहारिक रूप से समझाया जायेगा. प्रशिक्षण प्रभारी ने कहा कि किसी भी अमीन के लिए केवल सैद्धांतिक जानकारी पर्याप्त नहीं है. वास्तविक स्थल पर जमीन की स्थिति को समझना और उपलब्ध नक्शे के आधार पर सही माप करना भी उतना ही जरूरी है. इसी उद्देश्य से प्रशिक्षण में व्यवहारिक अभ्यास पर विशेष जोर दिया जा रहा है.
अमीन बनने के इच्छुक अभ्यर्थियों को मिलेगा लाभ
दो महीने के इस प्रशिक्षण से जमीन मापी और राजस्व संबंधी कार्यों में रुचि रखने वाले अभ्यर्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अभ्यर्थियों के पास भू-मापन की तकनीकी जानकारी के साथ-साथ वास्तविक जमीन पर मापी करने का अनुभव भी होगा. संस्थान की ओर से प्रशिक्षण के दौरान अभ्यर्थियों को किस्तवार, खानापुरी, चकबंदी, गणित, सामान्य ज्ञान और प्रायोगिक मापी समेत विभिन्न विषयों की जानकारी दी जायेगी. प्रशिक्षण का उद्देश्य अभ्यर्थियों को अमीन कार्य की जिम्मेदारियों के लिए पूरी तरह तैयार करना है. प्रशिक्षणार्थियों ने भी पहले दिन की कक्षा के बाद प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि जमीन की मापी से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जानकारी उन्हें भविष्य में काफी मदद करेगी.
Social Plugin