हल्दीपोखर में पुलिस की पाठशाला, विद्यार्थियों को अपराध और नशे से दूर रहने की दी सीख

Potka News : पोटका थाना क्षेत्र के हल्दीपोखर स्थित गिरी भारती हाई स्कूल में गुरुवार को विद्यार्थियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पोटका थाना प्रभारी सन्नी टोप्पो ने की। इस दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं को समाज में बढ़ रही विभिन्न कुरीतियों, अपराध, नशे की लत और साइबर अपराध के प्रति जागरूक किया। थाना प्रभारी ने विद्यार्थियों से कहा कि बदलते समय में पढ़ाई के साथ अपनी सुरक्षा को लेकर जागरूक रहना भी बेहद जरूरी है। छोटी-सी लापरवाही कई बार गंभीर परेशानी का कारण बन सकती है। उन्होंने कहा कि अज्ञानता, भावनात्मक दबाव या किसी व्यक्ति के बहकावे में आकर नाबालिग कई बार घर से भागने जैसे कदम उठा लेते हैं। ऐसी परिस्थितियों में बच्चों और उनके परिवार को सामाजिक और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि किसी भी तरह की परेशानी होने पर डरने या बात छिपाने के बजाय तत्काल अपने माता-पिता, शिक्षक या पुलिस से सहायता लें।

नशे से होने वाले नुकसान की दी जानकारी

थाना प्रभारी सन्नी टोप्पो ने विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशे की शुरुआत अक्सर दोस्तों के दबाव, जिज्ञासा या गलत संगत के कारण होती है, लेकिन बाद में यही आदत व्यक्ति और उसके परिवार के लिए गंभीर समस्या बन सकती है। नशा स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ शिक्षा, रोजगार और सामाजिक जीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से पूरी तरह दूर रहने तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने की अपील की। इस दौरान छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रहने का संकल्प भी दिलाया गया। थाना प्रभारी ने कहा कि युवा वर्ग देश और समाज का भविष्य है, इसलिए उन्हें गलत आदतों से बचाकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाना जरूरी है।

साइबर ठगी से बचने के बताए तरीके

कार्यक्रम में बढ़ते साइबर अपराध को लेकर भी विद्यार्थियों को विशेष रूप से जागरूक किया गया। थाना प्रभारी ने सोशल मीडिया का सुरक्षित और जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इंटरनेट पर अनजान लोगों से संपर्क करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए और अनजान कॉल, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर के झांसे में आने से बचना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को स्पष्ट रूप से बताया कि किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपी, पासवर्ड, बैंक खाते से जुड़ी जानकारी, एटीएम अथवा अन्य निजी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। साइबर ठगी के मामलों में तत्काल कार्रवाई करना जरूरी है। उन्होंने साइबर धोखाधड़ी होने पर शिकायत दर्ज कराने के लिए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी दी। थाना प्रभारी ने विद्यार्थियों से कहा कि ऑनलाइन दुनिया में सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।

पॉक्सो एक्ट और आपातकालीन सहायता की दी जानकारी

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट के कानूनी प्रावधानों की भी सरल भाषा में जानकारी दी गयी। थाना प्रभारी ने बच्चों को उनके अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा और सुरक्षित व्यवहार के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि, छेड़छाड़ या शोषण की स्थिति में चुप नहीं रहना चाहिए। ऐसी परिस्थिति में तत्काल अभिभावक, शिक्षक, विश्वसनीय व्यक्ति या पुलिस को सूचना देनी चाहिए। इसके अलावा आपातकालीन परिस्थिति में पुलिस सहायता प्राप्त करने के लिए डायल 112 की कार्यप्रणाली के बारे में भी बताया गया। उन्होंने कहा कि किसी विषम परिस्थिति में घबराने के बजाय तत्काल उचित माध्यम से सहायता मांगनी चाहिए। कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सुनंदा हांसदा, शिक्षक अनुप सीट सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।