Jamshedpur News : इंडियन केबल कंपनी के मजदूरों के हक और अधिकारों की मांग को लेकर गुरुवार को सीतारामडेरा स्थित जमशेदपुर उपश्रमायुक्त कार्यालय में झारखंड श्रमिक संघ के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन किया गया। झारखंड श्रमिक संघ के केंद्रीय महासचिव शैलेंद्र मैथी और झामुमो नेता महाबीर मुर्मू के नेतृत्व में बड़ी संख्या में मजदूरों ने प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के बाद उपश्रमायुक्त के माध्यम से रांची स्थित श्रमायुक्त को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच और मजदूरों को न्याय दिलाने की मांग की गयी।
वर्ष 2000 में मजदूरों की सेवा समाप्त करने का लगाया आरोप
प्रदर्शन के दौरान झामुमो नेता महाबीर मुर्मू ने कहा कि मार्च 2000 में सुनियोजित तरीके से ‘ब्लॉक क्लोजर’ और कंपनी के दिवालिया होने का हवाला देकर इंडियन केबल कंपनी के मजदूरों की सेवाएं समाप्त कर दी गयी थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई से पहले मजदूरों को पर्याप्त सूचना नहीं दी गयी। उनके अनुसार, कारखाना अधिनियम, 1948 के प्रावधानों का पालन किए बिना मजदूरों के साथ इस तरह की कार्रवाई करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से मजदूर अपने हक और अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मजदूरों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि कंपनी बंद होने और मजदूरों की सेवाएं समाप्त करने की प्रक्रिया में श्रम कानूनों का पालन किया गया था या नहीं।
वेदांता के अधिग्रहण के बाद मजदूरों में असमंजस
महाबीर मुर्मू ने कहा कि इंडियन केबल कंपनी का वेदांता कंपनी द्वारा अधिग्रहण किए जाने के बाद मजदूरों के बीच एक बार फिर असमंजस और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि नये प्रबंधन को मजदूरों के साथ बैठक कर कंपनी की स्थिति और भविष्य की कार्ययोजना स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मजदूरों को उनकी स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए, ताकि किसी भी श्रमिक के साथ भेदभाव की स्थिति उत्पन्न न हो। मजदूरों ने मांग की कि कंपनी प्रबंधन और संबंधित विभाग पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए श्रमिकों के हितों की रक्षा करें।
मुख्यमंत्री और श्रम मंत्री से भी लगायी न्याय की गुहार
झारखंड श्रमिक संघ के केंद्रीय महासचिव शैलेंद्र मैथी ने कहा कि मजदूरों ने अपनी मांगों और अधिकारों को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री, श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव तथा विभाग के प्रधान सचिव से भी गुहार लगायी है। उन्होंने कहा कि मजदूर चाहते हैं कि उनके मामले की न्यायिक जांच हो और यदि कहीं श्रम कानूनों का उल्लंघन हुआ है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। शैलेंद्र मैथी ने कहा कि मजदूर वर्षों से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनकी मांगों पर सरकार और श्रम विभाग को सकारात्मक पहल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मजदूरों को न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
कार्रवाई नहीं हुई तो कंपनी के समक्ष होगा जोरदार आंदोलन
श्रमिक नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मजदूरों की शिकायतों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गयी और श्रम कानूनों के उल्लंघन की जांच नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में कंपनी के समक्ष जोरदार धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि मजदूर अपने हक और अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे। प्रदर्शन में हरिहर महतो, नारायण सोरेन, दलगोविंद लोहरा, गोल्डी तिवारी, नंदू सरदार, बाली मार्डी, अभिषेक सिंह, विक्रम सिंह, राजू मुखी, अजय पांडेय, वीरेंद्र हेंब्रम, सुनील कुमार हांसदा, राम सरदार, बुधन बास्के, सेलाय सोरेन, हेमंत कुमार हेंब्रम, चंद्रमोहन मुर्मू, सोनाराम टुडू, गुरुचरण हांसदा, मोहन माझी, चंद्राय, सुभाष चंद्र महतो, माधव चंद्र महतो, मंगल हेंब्रम, जसाई मुर्मू, रुपेश आहूजा, मनोज तांती, प्रतीक सिंह दिनकर और विष्णु प्रधान समेत बड़ी संख्या में मजदूर मौजूद थे।
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