खान व खनिज संशोधन बिल के खिलाफ झामुमो का बिगुल, 55 पंचायतों में चलेगा जागरूकता अभियान

खासमहल कुंडू भवन में झामुमो जमशेदपुर प्रखंड समिति की बैठक

Jamshedpur News : खान व खनिज संशोधन बिल-2026 के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने आंदोलन की तैयारी तेज कर दी है। झामुमो केंद्रीय समिति की ओर से इस संशोधन विधेयक के खिलाफ बड़े जनांदोलन की घोषणा के बाद शुक्रवार को खासमहल स्थित कुंडू भवन में जमशेदपुर प्रखंड समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता झामुमो जमशेदपुर प्रखंड अध्यक्ष पलटन मुर्मू ने की। इसमें संशोधन विधेयक के संभावित प्रभावों पर विस्तार से चर्चा करते हुए आगामी आंदोलन की रणनीति तैयार की गई।

बैठक में पार्टी नेताओं ने कहा कि खनिज संपदा से जुड़े अधिकारों और झारखंड के हितों को लेकर पार्टी किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी। केंद्रीय समिति के निर्देश के तहत सड़क से लेकर दिल्ली तक आंदोलन को व्यापक रूप देने की बात कही गई। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव तक पहुंचकर लोगों को विधेयक के प्रावधानों और संभावित प्रभावों की जानकारी देने का आह्वान किया।

झारखंड के अधिकारों पर सीधा हमला है बिल: पलटन मुर्मू

झामुमो जमशेदपुर प्रखंड अध्यक्ष पलटन मुर्मू ने कहा कि खान-खनिज संशोधन बिल झारखंड और यहां के लोगों के अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस विधेयक को तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने बिल वापस नहीं लिया, तो झामुमो शहर से लेकर गांवों तक व्यापक आंदोलन शुरू करेगा। पलटन मुर्मू ने कहा कि झारखंड की धरती खनिज संपदा से समृद्ध है और यहां के लोग लंबे समय से विस्थापन, पलायन तथा पर्यावरणीय समस्याओं का सामना करते रहे हैं। ऐसे में खनिज संसाधनों से मिलने वाले राजस्व और अधिकारों को लेकर राज्य की जनता की चिंता स्वाभाविक है।

उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता विस्थापन और पलायन का दंश झेले और खनिज संपदा से मिलने वाले राजस्व पर केंद्र का नियंत्रण बढ़े, यह स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने इसे झारखंडवासियों के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि पार्टी जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज करेगी।

55 पंचायतों में चलेगा जागरूकता और विरोध अभियान

जमशेदपुर प्रखंड समिति ने तय किया है कि प्रखंड की सभी 55 पंचायतों में खान-खनिज संशोधन विधेयक के खिलाफ जागरूकता सह विरोध अभियान चलाया जाएगा। पार्टी कार्यकर्ता पंचायत और गांव स्तर तक पहुंचकर लोगों से संवाद करेंगे। इस दौरान आम लोगों को विधेयक के संभावित आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय प्रभावों के बारे में जानकारी देने की योजना है।

पलटन मुर्मू ने बताया कि प्रखंड स्तर पर अभियान की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। केंद्रीय समिति से अंतिम दिशा-निर्देश प्राप्त होते ही कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर दिया जाएगा। पार्टी का उद्देश्य आंदोलन को केवल शहरी क्षेत्र तक सीमित रखने के बजाय ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाना है।इसके लिए पंचायत स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच जिम्मेदारियां तय करने और स्थानीय लोगों के साथ संवाद बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। पार्टी नेताओं ने कहा कि खनिज संपदा और उससे जुड़े अधिकारों का मुद्दा झारखंड के व्यापक हित से जुड़ा है।

सड़क से दिल्ली तक आंदोलन की तैयारी

बैठक में कहा गया कि झामुमो केंद्रीय समिति ने संशोधन बिल के खिलाफ व्यापक आंदोलन का निर्णय लिया है। आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। पार्टी नेताओं के अनुसार, जरूरत पड़ने पर स्थानीय स्तर से लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तक विरोध दर्ज कराया जाएगा। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से आंदोलन को शांतिपूर्ण और संगठित तरीके से आगे बढ़ाने की अपील की। बैठक में यह भी कहा गया कि जनता के बीच जाकर विधेयक को लेकर जागरूकता फैलाना अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।

पार्टी नेताओं ने कहा कि झारखंड के खनिज संसाधनों का इस्तेमाल राज्य और यहां के लोगों के हित में होना चाहिए। खनन गतिविधियों से जुड़े विस्थापन, रोजगार, पर्यावरण और राजस्व जैसे मुद्दों को लेकर जनता की चिंताओं को आंदोलन के माध्यम से उठाया जाएगा।

केंद्र सरकार पर बहादुर किस्कू का हमला

झामुमो के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष बहादुर किस्कू ने केंद्र सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली की मनमानी झारखंड की धरती पर नहीं चलने दी जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि संशोधन विधेयक के माध्यम से राज्य के हितों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
बहादुर किस्कू ने कहा कि केंद्र सरकार को झारखंड की जनता की भावनाओं और राज्य के हितों को ध्यान में रखकर निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि झामुमो किसी भी ऐसे निर्णय का विरोध करेगा, जिससे राज्य के प्राकृतिक संसाधनों और जनता के अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका हो। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत बनाने का आह्वान किया। बैठक में नेताओं ने भी कहा कि झारखंड के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर पार्टी लगातार संघर्ष करती रहेगी।

बैठक में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने लिया हिस्सा

बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष बारी मुर्मू, उपाध्यक्ष पंकज सिन्हा, सागेन पूर्ति, महावीर मुर्मू, बहादुर किस्कू, सचिव जगत मार्डी, मिथुन चक्रवर्ती, सरस्वती टुडू, नाशिर खान, मायावती टुडू, जोबा मार्डी, मनोज मुर्मू, नीता सरकार और द्रौपदी मुंडा समेत बड़ी संख्या में झामुमो नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं ने संशोधन विधेयक के खिलाफ संगठन को पंचायत स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया। नेताओं ने कहा कि केंद्रीय समिति के निर्देश के बाद आंदोलन की अगली रूपरेखा तय की जाएगी। फिलहाल 55 पंचायतों में जागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी गई है। झामुमो नेताओं ने स्पष्ट किया कि खान-खनिज से जुड़े अधिकारों और झारखंड के हितों की रक्षा को लेकर पार्टी अपना विरोध लगातार जारी रखेगी।