ब्रेकिंग न्यूज़:
फीड लोड हो रही है...

UCIL Turamdih News: यूसीआईएल डीजीएम से मिला तुरामडीह विस्थापित समिति का प्रतिनिधिमंडल, रोजगार, पुनर्वास और स्वास्थ्य सहित कई मुद्दों पर हुई चर्चा



जादूगोड़ा: तुरामडीह विस्थापित समिति के संयोजक रामसाय सोरेन के नेतृत्व में गुरुवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) के उप महाप्रबंधक (कार्मिक) राकेश कुमार से जादूगोड़ा स्थित कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान 22 जून को धरना-प्रदर्शन के दौरान सौंपे गए मांग पत्र पर अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी ली गई। बैठक में विस्थापितों और प्रभावित ग्रामीणों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई तथा प्रबंधन ने कई बिंदुओं पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिया।बैठक में भाजपा नेता सह आदिवासी सुरक्षा परिषद के जिलाध्यक्ष राम सिंह मुंडा, भाजपा नेता गणेश सरदार, विशाल चकिया, प्रिया कुंकल, आकाश चाकी, मेचों कुई, डॉली लुगुन, संगीता बानसिंह, प्रकाश शांडिल, बबलू करूआ, विवेक मंडा सहित तुरामडीह के विस्थापित परिवारों के कई सदस्य उपस्थित रहे।

22 जून के मांग पत्र पर हुई विस्तृत समीक्षा

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि 22 जून को आयोजित धरना-प्रदर्शन के दौरान यूसीआईएल प्रबंधन को एक मांग पत्र सौंपा गया था, जिसमें विस्थापितों एवं प्रभावित ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को शामिल किया गया था। गुरुवार की बैठक का मुख्य उद्देश्य उन मांगों पर अब तक हुई प्रगति की जानकारी लेना और लंबित मामलों पर प्रबंधन का पक्ष जानना था। बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई, जिसमें दोनों पक्षों ने विभिन्न विषयों पर अपने-अपने विचार रखे।

क्वार्टर आवंटन और सोशल इंडेक्स को लेकर उठे सवाल

बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पोटका के विधायक संजीव सरदार को आवंटित किए गए क्वार्टर के संबंध में जानकारी मांगी। प्रतिनिधिमंडल ने पूछा कि यह आवंटन किस नियम और अधिकार के तहत किया गया। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि इस संबंध में उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी, जिसके बाद उन्होंने प्रबंधन से इस विषय पर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया। साथ ही यूसीआईएल की विभिन्न परियोजनाओं के कारण अब तक विस्थापित हुए परिवारों का सोशल इंडेक्स उपलब्ध कराने की भी मांग रखी गई, ताकि विस्थापन से जुड़े आंकड़ों और योजनाओं का समुचित आकलन किया जा सके।

रोजगार, पुनर्वास और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठाए

प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय विस्थापित एवं प्रभावित परिवारों को रोजगार में प्राथमिकता देने, लंबे समय से कार्यरत मजदूरों को कार्य से नहीं हटाने तथा लंबित विस्थापितों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की मांग दोहराई। इसके अलावा पुनर्वास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने, मार्केट कॉम्प्लेक्स में दुकानों का आवंटन, धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की आवश्यकता भी प्रबंधन के समक्ष रखी गई। प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय युवाओं के लिए निःशुल्क प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग की व्यवस्था करने की मांग भी की।

स्वास्थ्य, पर्यावरण और सांस्कृतिक संरक्षण पर भी दिया गया जोर

बैठक में स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने प्रभावित क्षेत्रों में मलेरिया और डायरिया की रोकथाम के लिए नियमित स्वास्थ्य शिविर एवं मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराने का आग्रह किया। साथ ही मिल से निकलने वाले धूल प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण, ब्लास्टिंग से क्षतिग्रस्त मकानों का उचित मुआवजा तथा आदिवासी भाषा एवं संस्कृति के संरक्षण के लिए ठोस पहल करने की मांग की गई। इसके अतिरिक्त हो समाज के महान व्यक्तित्व लाको बोदरा की प्रतिमा स्थापित करने का भी प्रस्ताव रखा गया।

यूसीआईएल प्रबंधन ने सकारात्मक पहल का दिया भरोसा

उप महाप्रबंधक (कार्मिक) राकेश कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल मेडिकल टीम भेजी जाएगी, ताकि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समय पर समाधान किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यरत मजदूरों को हटाने के मामले में अंतिम निर्णय होने तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसके अलावा अन्य मांगों पर भी प्रबंधन द्वारा चरणबद्ध और सकारात्मक पहल किए जाने का भरोसा दिया गया। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि बैठक में हुई चर्चा के अनुरूप विभिन्न मुद्दों पर आगे ठोस कार्रवाई देखने को मिलेगी।


Comments