जमशेदपुर डीसी से मिले विधायक संजीव सरदार, विकास और जनसमस्याओं पर हुई विस्तृत चर्चा
Jamshedpur news: पोटका विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजीव सरदार ने शनिवार को पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त राजीव रंजन से उनके कार्यालय में मुलाकात कर क्षेत्र की विभिन्न जनहित एवं विकासात्मक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। बैठक के दौरान यातायात व्यवस्था, मलेरिया नियंत्रण, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने तथा विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। विधायक ने कहा कि पोटका क्षेत्र की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि आम लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने उपायुक्त से आग्रह किया कि क्षेत्र में चल रही विकास योजनाओं की नियमित निगरानी की जाए और जिन परियोजनाओं का कार्य धीमी गति से चल रहा है, उन्हें शीघ्र पूरा कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। विधायक ने भरोसा जताया कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बेहतर समन्वय से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
भूरीडीह फाटक से बड़े वाहनों की नो-एंट्री लागू करने की उठाई मांग
बैठक का सबसे प्रमुख मुद्दा हाता–टाटा मुख्य मार्ग पर भारी वाहनों के आवागमन से उत्पन्न हो रही यातायात समस्या रहा। विधायक संजीव सरदार ने उपायुक्त से मांग की कि वर्तमान में सुंदरनगर से लागू बड़े वाहनों की नो-एंट्री व्यवस्था में बदलाव किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि बड़े वाहनों की नो-एंट्री सुंदरनगर के बजाय भूरीडीह फाटक से लागू की जाए। उनका कहना था कि ऐसा होने से पोटका, हाता, भूरीडीह और आसपास के क्षेत्रों में लगने वाले लंबे जाम से लोगों को राहत मिलेगी। साथ ही स्थानीय लोगों, विद्यार्थियों, मरीजों और दैनिक यात्रियों का आवागमन अधिक सुगम एवं सुरक्षित हो सकेगा। विधायक ने कहा कि सड़क पर लगातार बढ़ते भारी वाहनों के दबाव के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। इसलिए यातायात व्यवस्था को वैज्ञानिक तरीके से व्यवस्थित करना समय की आवश्यकता है।
मलेरिया प्रभावित गांवों में अभियान तेज करने पर दिया जोर
बैठक में पोटका क्षेत्र में फैल रहे मलेरिया संक्रमण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। विधायक संजीव सरदार ने उपायुक्त से मलेरिया प्रभावित गांवों में चल रहे रोकथाम अभियान की समीक्षा करने और उसे और अधिक प्रभावी बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में मलेरिया का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को पूरी सतर्कता के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने प्रभावित गांवों में स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या बढ़ाने, नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने तथा घर-घर जाकर लोगों की जांच सुनिश्चित करने पर बल दिया। विधायक ने कहा कि समय पर जांच और उपचार उपलब्ध होने से गंभीर मामलों को रोका जा सकता है तथा संक्रमण के प्रसार पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
जांच किट, डीडीटी छिड़काव और मच्छरदानी वितरण बढ़ाने की मांग
विधायक संजीव सरदार ने उपायुक्त से मलेरिया नियंत्रण के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में मलेरिया जांच किट उपलब्ध कराई जाए ताकि संदिग्ध मरीजों की तत्काल जांच हो सके। इसके साथ ही उन्होंने डीडीटी का नियमित छिड़काव, मच्छरदानी का व्यापक वितरण और गांव-गांव में जनजागरूकता अभियान चलाने पर विशेष जोर दिया। उनका कहना था कि केवल दवाइयों के भरोसे मलेरिया पर नियंत्रण संभव नहीं है, बल्कि लोगों को बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि स्वास्थ्य विभाग, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से एक व्यापक अभियान चलाया जाए ताकि संक्रमण को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सके।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयास पर दिया बल
बैठक के दौरान विधायक ने कहा कि मलेरिया जैसी मौसमी बीमारियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि सभी संबंधित विभाग आपसी तालमेल के साथ युद्धस्तर पर कार्य करें ताकि बीमारी के फैलाव को जल्द रोका जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है। नियमित निगरानी, समय पर दवा उपलब्ध कराना और चिकित्सा टीमों की सक्रियता से लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। विधायक ने भरोसा जताया कि यदि प्रशासन पूरी गंभीरता से इन सुझावों पर अमल करता है तो पोटका क्षेत्र में मलेरिया संक्रमण पर जल्द नियंत्रण पाया जा सकेगा।
डीडीसी नागेंद्र पासवान भी रहे मौजूद, विकास कार्यों में तेजी की उम्मीद
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिले के उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा हुई और जनहित से जुड़े मुद्दों के शीघ्र समाधान पर सहमति बनी।
विधायक संजीव सरदार ने कहा कि उनकी प्राथमिकता पोटका विधानसभा क्षेत्र के लोगों को बेहतर सड़क, स्वास्थ्य, यातायात और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन द्वारा आवश्यक कदम उठाए जाने से क्षेत्र के लोगों को जल्द राहत मिलेगी। बैठक को पोटका क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। यदि भूरीडीह फाटक से नो-एंट्री लागू करने, मलेरिया नियंत्रण अभियान को तेज करने तथा विकास योजनाओं में गति लाने जैसे प्रस्तावों पर प्रभावी कार्रवाई होती है, तो इसका सीधा लाभ क्षेत्र की हजारों आबादी को मिलेगा।
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