Monsoon News: देशभर में सक्रिय मानसून ने एक ओर जहां कई राज्यों को भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी ओर कई क्षेत्रों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में बाढ़, भूस्खलन और जलभराव की स्थिति बन गई है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। राजधानी दिल्ली में बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली, जबकि पहाड़ी राज्यों में बारिश आफत बनकर सामने आई है।
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से सबसे अधिक नुकसान
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने सबसे अधिक तबाही मचाई है। प्रदेश के कई जिलों में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। विभिन्न घटनाओं में पांच लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। भारी बारिश के कारण कई पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं और राज्य में 49 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं। अनेक गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है तथा मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों से अनावश्यक यात्रा नहीं करने की अपील की गई है।
मुंबई में जलभराव, खुले मैनहोल में गिरने से एक की मौत
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पिछले 24 घंटे के दौरान करीब 172 मिमी बारिश दर्ज की गई। भारी वर्षा के कारण शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित रहा। कई स्थानों पर लोगों को घंटों जाम का सामना करना पड़ा। बारिश के बीच एक दुखद घटना में खुले मैनहोल में गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। घटना के बाद संबंधित विभाग के चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। भारी बारिश के कारण लोकल ट्रेन सेवाएं भी कुछ समय के लिए प्रभावित रहीं, हालांकि बाद में सेवाओं को सामान्य करने का प्रयास किया गया। समुद्र में ऊंची लहरों की संभावना को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भी बारिश का असर
उत्तराखंड में लगातार बारिश के चलते कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। पर्वतीय मार्गों पर मलबा और चट्टानें गिरने से यातायात बाधित हुआ है। चारधाम यात्रा मार्ग के कुछ हिस्सों में भी आवागमन प्रभावित होने की सूचना है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें मार्गों को सुचारु करने में जुटी हुई हैं। वहीं जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में दो अलग-अलग स्थानों पर बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं। इससे कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने राहत एवं बचाव दलों को प्रभावित इलाकों में भेजा है और लोगों से नदी-नालों के किनारे नहीं जाने की अपील की है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है।
दिल्ली समेत कई राज्यों को गर्मी से राहत, अलर्ट जारी
राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में मानसून की सक्रियता बढ़ने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। हालांकि लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति भी देखने को मिली। भारतीय मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने स्थानीय अधिकारियों को सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी इंतजाम दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं। लोगों को भी मौसम विभाग की सलाह का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर, लोगों से सतर्क रहने की अपील
लगातार बदलते मौसम और भारी बारिश की परिस्थितियों को देखते हुए विभिन्न राज्यों के प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है और आपदा प्रबंधन की टीमें तैनात हैं। जहां कहीं सड़कें बंद हुई हैं, वहां उन्हें जल्द से जल्द खोलने का प्रयास किया जा रहा है। मौसम विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, अचानक बाढ़ और बादल फटने जैसी घटनाओं की आशंका बनी रहती है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करना चाहिए, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखनी चाहिए तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए। फिलहाल देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय है और आने वाले दिनों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, जिससे राहत और चुनौती—दोनों की स्थिति बनी रह सकती है।
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