Jharkhand Vision 2050: दिल्ली में राष्ट्रीय स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन, निवेश, AI और डिजिटल विकास को मिलेगी नई दिशा

नई विकास रणनीति के साथ दिल्ली में होगा राष्ट्रीय स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन

Jamshedpur News: झारखंड सरकार राज्य के समग्र विकास और निवेश को नई गति देने के उद्देश्य से 'झारखंड विजन-2050' तैयार कर रही है। इसी दिशा में 8 और 9 जुलाई को नई दिल्ली में दो दिवसीय राष्ट्रीय स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन का आयोजन किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में देश-विदेश के उद्योगपति, निवेशक, नीति-निर्माता, तकनीकी विशेषज्ञ और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस सम्मेलन का उद्देश्य झारखंड को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना तथा राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसरों का विस्तार करना है। कार्यक्रम में उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ई-गवर्नेंस, पर्यटन और औद्योगिक विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विस्तृत चर्चा होगी। सरकार का मानना है कि वर्ष 2050 तक झारखंड को एक आधुनिक, तकनीक-संपन्न और निवेश-अनुकूल राज्य बनाने के लिए अभी से ठोस रोडमैप तैयार करना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में निवेश आकर्षित करने की पहल


इस राष्ट्रीय कंसल्टेशन में भाग लेने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मंगलवार को विशेष विमान से नई दिल्ली रवाना हुए। उनके साथ राज्य के मुख्य सचिव, उद्योग सचिव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी दिल्ली पहुंचे हैं। सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री झारखंड में उपलब्ध निवेश की संभावनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति देंगे। इसमें राज्य की औद्योगिक नीति, डिजिटल विकास, पर्यटन, खनिज संसाधनों, आधारभूत संरचना और सरकार की प्राथमिकताओं की जानकारी निवेशकों को दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं है, बल्कि ऐसे उद्योगों को बढ़ावा देना भी है, जो स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराएं और राज्य के आर्थिक विकास को नई दिशा दें।

आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल क्रांति पर रहेगा विशेष फोकस


झारखंड सरकार इस सम्मेलन में डिजिटल तकनीकों को विकास का प्रमुख आधार बनाने की रणनीति पर विशेष जोर देगी। पहले दिन आयोजित होने वाले सत्र में डिजिटल गवर्नेंस, सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर व्यापक विचार-विमर्श होगा। विशेषज्ञ इस बात पर चर्चा करेंगे कि शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि और सरकारी सेवाओं में एआई और आधुनिक तकनीकों का उपयोग किस प्रकार बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा राज्य में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने तथा तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के उपायों पर भी विचार किया जाएगा। सरकार का मानना है कि तकनीक आधारित विकास से प्रशासन अधिक पारदर्शी होगा और नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।

100 से अधिक आईटी कंपनियां और विशेषज्ञ होंगे शामिल


इस राष्ट्रीय कंसल्टेशन में देश और विदेश की 100 से अधिक प्रमुख आईटी कंपनियों, उद्योग प्रतिनिधियों, नीति-निर्माताओं और तकनीकी विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है। सम्मेलन के दौरान विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे और झारखंड में निवेश की संभावनाओं का आकलन करेंगे। कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य उद्योग जगत और राज्य सरकार के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। इससे निवेशकों को राज्य की नीतियों और सुविधाओं की स्पष्ट जानकारी मिलेगी, जबकि सरकार को भी उद्योग जगत की अपेक्षाओं और सुझावों को समझने का अवसर मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार और उद्योग जगत मिलकर कार्य करें तो झारखंड आईटी और तकनीकी क्षेत्र में देश के प्रमुख राज्यों में अपनी पहचान बना सकता है।

ड्राफ्ट एआई पॉलिसी-2026 और एमओयू पर रहेगी नजर


सम्मेलन के दौरान झारखंड सरकार ड्राफ्ट एआई पॉलिसी-2026 भी प्रस्तुत करेगी। इस नीति का उद्देश्य राज्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देना तथा विभिन्न क्षेत्रों में आधुनिक समाधान विकसित करना है। इसके अलावा राज्य सरकार निवेशकों के सामने इन्फिनिट एक्सप्लोर ऑपर्च्युनिटीज (Infinite Explore Opportunities) थीम के तहत झारखंड की संभावनाओं को प्रस्तुत करेगी। कार्यक्रम के दौरान कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने की भी संभावना है। यदि ये समझौते होते हैं तो राज्य में नए उद्योग स्थापित होंगे, निवेश बढ़ेगा और रोजगार के हजारों नए अवसर सृजित हो सकते हैं।

झारखंड विजन-2050 से विकास और रोजगार को मिलेगी नई गति


झारखंड विजन-2050 केवल एक दीर्घकालिक दस्तावेज नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य की विकास यात्रा का व्यापक रोडमैप है। इसका उद्देश्य उद्योग, तकनीक, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और डिजिटल सेवाओं को एकीकृत करते हुए झारखंड को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी राज्य बनाना है। यदि इस कंसल्टेशन से निवेशकों का भरोसा मजबूत होता है और प्रस्तावित नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो आने वाले वर्षों में झारखंड में बड़े पैमाने पर निवेश, आधुनिक उद्योगों की स्थापना और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। राज्य सरकार को उम्मीद है कि दिल्ली में आयोजित यह राष्ट्रीय स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन झारखंड के विकास की नई कहानी लिखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। निवेश, डिजिटल परिवर्तन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित विकास की यह पहल राज्य को वर्ष 2050 तक एक विकसित और तकनीकी रूप से सशक्त झारखंड बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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