पटमदा-बोड़ाम की समस्याओं को लेकर डीसी से मिले, मुआवजा, स्वास्थ्य, सड़क और मोबाइल नेटवर्क पर उठी मांग

Jamshedpur News: पूर्वी सिंहभूम जिले के पटमदा और बोड़ाम प्रखंड की लंबे समय से लंबित जनसमस्याओं को लेकर समाजसेवी विश्वनाथ महतो और प्रबोध कुमार महतो ने जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। दोनों ने उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम को सात अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर विभिन्न जनहित के मुद्दों के समाधान की मांग की। ज्ञापनों में किसानों को भूमि अधिग्रहण का मुआवजा दिलाने, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, मलेरिया नियंत्रण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़कों की गुणवत्ता की जांच तथा मोबाइल नेटवर्क की समस्या के स्थायी समाधान जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे। उपायुक्त ने सभी ज्ञापनों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े प्रत्येक विषय की नियमानुसार समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।


भूमि अधिग्रहण का मुआवजा दिलाने की उठी मांग


मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में बोंटा, सातनाला से माधवपुर तथा भुईयासिनान से सुसनी तक बनी सड़क के निर्माण के दौरान अधिग्रहित रैयती भूमि का उचित मुआवजा सभी प्रभावित किसानों को देने की मांग की गई।समाजसेवियों का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए कई किसानों की निजी भूमि का उपयोग किया गया, लेकिन आज भी अनेक किसानों को नियमानुसार मुआवजा नहीं मिल सका है। इससे प्रभावित परिवार आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। ज्ञापन में सरकार से मांग की गई कि सभी मामलों की जांच कर पात्र किसानों को शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराया जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञ चिकित्सक की पुनः तैनाती की मांग


ज्ञापन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पटमदा में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. संगीता केरकेट्टा की पुनः पदस्थापना की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। समाजसेवियों ने कहा कि पटमदा और बोड़ाम की 27 पंचायतों की महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में डॉ. केरकेट्टा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके स्थानांतरण के बाद गर्भवती महिलाओं और अन्य महिला मरीजों को इलाज के लिए जमशेदपुर या अन्य स्थानों का रुख करना पड़ रहा है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ती है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सक की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है।

मलेरिया नियंत्रण के लिए व्यापक अभियान चलाने की मांग

पूर्वी सिंहभूम जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में मलेरिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए ज्ञापन में व्यापक रोकथाम अभियान चलाने की मांग भी की गई। इसमें प्रभावित गांवों में निःशुल्क कीटनाशक-युक्त मच्छरदानियों का वितरण, नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर, फॉगिंग, दवा छिड़काव, पर्याप्त जांच किट तथा आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग रखी गई। समाजसेवियों का कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण और अधिक फैल सकता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से विशेष अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करने की भी अपील की।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़कों की गुणवत्ता जांच की मांग


ज्ञापन में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित कई सड़कों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए।
समाजसेवियों ने बामनी–गोबरघूसी–सारी सड़क तथा जाल्ला (पटमदा डिग्री कॉलेज) से षाड़ंगीडीह, जामबनी, आगुईडागरा, तिलाबनी, माहलीपाड़ा होते हुए कमलपुर तक बनी सड़क में कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया, जिससे सड़कें समय से पहले क्षतिग्रस्त होने लगी हैं। उन्होंने दोषी अधिकारियों एवं संवेदकों पर कार्रवाई करते हुए गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण कराने की मांग भी प्रशासन से की।

मोबाइल नेटवर्क की समस्या के समाधान का आश्वासन


गोबरघूसी पंचायत के बाटालुका सहित कई सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में बीएसएनएल और अन्य मोबाइल नेटवर्क की खराब स्थिति को लेकर भी ज्ञापन सौंपा गया। समाजसेवियों ने कहा कि कमजोर नेटवर्क के कारण ग्रामीणों को ऑनलाइन सेवाओं, शिक्षा, बैंकिंग, स्वास्थ्य परामर्श तथा आपातकालीन परिस्थितियों में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उपायुक्त ने सभी सातों ज्ञापनों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों से प्रतिवेदन मांगने और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े सभी मामलों का नियमानुसार समाधान सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। समाजसेवी विश्वनाथ महतो ने कहा कि ये सभी मुद्दे हजारों ग्रामीणों के स्वास्थ्य, शिक्षा, आवागमन, संचार और आजीविका से सीधे जुड़े हुए हैं। उन्होंने प्रशासन से समयबद्ध कार्रवाई की अपेक्षा जताई। वहीं ग्रामीणों ने भी उम्मीद व्यक्त की कि जिला प्रशासन के सकारात्मक हस्तक्षेप से लंबे समय से लंबित समस्याओं का जल्द समाधान होगा।


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