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करनडीह फाटक के पास जलजमाव से बढ़ी परेशानी, स्थायी समाधान की मांग को लेकर प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन

Jamshedpur News: जमशेदपुर के करनडीह फाटक क्षेत्र में जलजमाव और सड़क पर बह रहे दूषित पानी की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बहुमंजिला मकानों से निकलने वाला गंदा पानी लंबे समय से आसपास के इलाके को प्रभावित कर रहा है। अब स्थिति ऐसी हो गई है कि सड़क पर चलना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार नाली व्यवस्था सही नहीं होने के कारण दूषित पानी जमा होकर सड़क पर बह रहा है। इससे न केवल आवाजाही प्रभावित हो रही है बल्कि आसपास के लोगों के बीच तनाव की स्थिति भी बन रही है।

ग्रामसभा ने नाला जाम कर विरोध जताया

समस्या के समाधान की मांग को लेकर करनडीह ग्रामसभा ने मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने हुड़का जाम अभियान चलाते हुए करनडीह फाटक के समीप नालों को सीमेंट और गिट्टी डालकर बंद कर दिया। ग्रामसभा का कहना है कि जब तक स्थायी समाधान नहीं निकलेगा, तब तक समस्या बनी रहेगी। ग्रामीणों के अनुसार कई बार शिकायत करने के बाद भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से उन्हें विरोध का रास्ता अपनाना पड़ा। नाली बंद होने के बाद पानी सड़क पर फैल गया और स्थिति और गंभीर हो गई। सड़क पर जलभराव के कारण लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई।

सड़क पर फैला गंदा पानी, राहगीरों को हो रही परेशानी

नाली जाम होने के बाद दूषित पानी सड़क पर ओवरफ्लो होकर बहने लगा। इससे मुख्य सड़क पर चलना मुश्किल हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगहों पर पैदल चलना लगभग बंद हो गया है। यह सड़क क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मार्ग मानी जाती है, जहां से हर दिन हजारों लोग गुजरते हैं। ऐसे में जलजमाव का असर आम लोगों, स्कूली बच्चों, कर्मचारियों और व्यापारियों पर भी पड़ रहा है।
Kiस्थानीय लोगों ने बताया कि बरसात के समय स्थिति और अधिक खराब हो जाती है और लोगों को वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करना पड़ता है।

जिला परिषद सदस्य ने प्रशासन को सौंपा मांग पत्र

बुधवार को जिला परिषद सदस्य पूर्णिमा मलिक ने इस मामले को लेकर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सुमित प्रकाश और अंचल अधिकारी (सीओ) मनोज कुमार को मांग पत्र सौंपा।
उन्होंने प्रशासन से सड़क पर बह रहे दूषित पानी की समस्या को तत्काल दूर करने की मांग की। साथ ही कहा कि यह केवल स्थानीय समस्या नहीं बल्कि जनसुविधा और स्वास्थ्य से जुड़ा मुद्दा बन चुका है। उन्होंने मांग की कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर जल्द समाधान निकाले ताकि लोगों को राहत मिल सके।

दूषित पानी से खेती की जमीन भी प्रभावित

पूर्णिमा मलिक ने बताया कि बहुमंजिला मकानों से निकलने वाले गंदे पानी का असर केवल सड़क तक सीमित नहीं है। इसके कारण आसपास के कई इलाकों की खेती योग्य जमीन भी प्रभावित हो रही है।lœउनके अनुसार लाइनटोला, दुखूटोला और धरमटोला क्षेत्र में लगभग 40 से 50 एकड़ कृषि भूमि प्रभावित हो चुकी है। लगातार दूषित पानी पहुंचने से खेतों की उत्पादकता कम होने और किसानों को नुकसान होने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो आगे नुकसान और बढ़ सकता है।

स्थायी समाधान और प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग तेज

स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल अस्थायी उपायों से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि स्थायी जल निकासी व्यवस्था तैयार करनी होगी।लोगों ने मांग की है कि बहुमंजिला इमारतों से निकलने वाले पानी के लिए अलग निकासी व्यवस्था बनाई जाए और सड़कों तथा नालियों का सुधार कार्य कराया जाए।


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