जमशेदपुर में जागो संगठन ने नशामुक्ति व एसआईआर को लेकर जागरूकता अभियान जलाया

भालुबासा और सिदगोड़ा की मुखी बस्तियों से अभियान की शुरुआत

जमशेदपुर में सामाजिक संगठन जागो संगठन ने समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर व्यापक जनजागरण अभियान की शुरुआत की है। अभियान का शुभारंभ भालुबासा मुखी बस्ती और सिदगोड़ा 10 नंबर मुखी बस्ती से किया गया। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्प्रभाव, चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम तथा ठेका आधारित सफाई मजदूरों के अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। संगठन के कार्यकर्ताओं ने हाथों में नशा विरोधी संदेश लिखी तख्तियां लेकर गली-गली भ्रमण किया और लोगों से संवाद स्थापित किया। अभियान के दौरान स्थानीय लोगों ने भी इसमें बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा समाजहित के मुद्दों पर जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

नशे के खिलाफ बुलंद हुई आवाज, युवाओं को किया गया जागरूक

जनजागरण अभियान के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आज का युवा वर्ग तेजी से नशे की गिरफ्त में आता जा रहा है। नकली और जहरीली शराब, गांजा, शुगर सहित अन्य मादक पदार्थों का सेवन युवाओं के भविष्य को अंधकारमय बना रहा है। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि नशे की लत केवल व्यक्ति को ही नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करती है। इसके कारण अनेक परिवार आर्थिक और सामाजिक रूप से टूट रहे हैं। कम उम्र में महिलाओं के विधवा होने जैसी दुखद घटनाएं भी सामने आ रही हैं। इसके अलावा नशे की वजह से अपराध बढ़ रहे हैं और युवाओं का स्वास्थ्य
bbbbb गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। संगठन ने लोगों से अपील की कि bवे  bbbस्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें।

बच्चों और परिवारों पर पड़ रहे नशे के दुष्प्रभाव पर जताई चिंता

जागो संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि नशे का सबसे अधिक असर बच्चों और परिवारों पर पड़ रहा है। घर का कमाने वाला व्यक्ति यदि नशे का आदी हो जाता है तो परिवार आर्थिक संकट में फंस जाता है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है और घरेलू माहौल भी खराब हो जाता है। कई परिवारों में घरेलू हिंसा और सामाजिक तनाव की घटनाएं बढ़ रही हैं। वक्ताओं ने कहा कि समाज को नशामुक्त बनाने के लिए केवल प्रशासन ही नहीं बल्कि आम नागरिकों की भी जिम्मेदारी है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर पर नशे के खिलाफ आवाज उठाए तो समाज को इस बुराई से काफी हद तक मुक्त किया जा सकता है।

SIR अभियान को लेकर लोगों को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी

अभियान के दौरान चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के बारे में भी लोगों को विस्तार से जानकारी दी गई। संगठन के सदस्यों ने बताया कि मतदाता सूची में सही जानकारी दर्ज होना लोकतंत्र के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसलिए प्रत्येक पात्र नागरिक को अपने दस्तावेजों की जांच कर समय पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। लोगों से अपील की गई कि वे मतदान सूची में अपना नाम, पता और अन्य विवरण सही रखें तथा चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करें। कार्यकर्ताओं ने नागरिकों को SIR प्रक्रिया के प्रति जागरूक करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया।

ठेका सफाई मजदूरों के अधिकारों पर भी चला जागरूकता अभियान

जागो संगठन ने इस अभियान के दौरान ठेका प्रणाली के तहत कार्य कर रहे साफ-सफाई मजदूरों के अधिकारों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। संगठन के सदस्यों ने मजदूरों को उनके श्रम अधिकारों, सरकारी प्रावधानों तथा सम्मानजनक कार्य वातावरण के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मी शहर को स्वच्छ और स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनके अधिकारों की रक्षा करना समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है। मजदूरों को संगठित होकर अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने तथा किसी भी प्रकार के शोषण की स्थिति में आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया गया। संगठन ने भविष्य में भी इस विषय पर लगातार जनजागरण अभियान चलाने की बात कही।

सुमंत मुखी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शामिल हुए संगठन के सदस्य

अभियान का नेतृत्व जागो संगठन के अध्यक्ष सुमंत मुखी ने किया। उन्होंने कहा कि समाज में जागरूकता ही सबसे बड़ा परिवर्तन ला सकती है। यदि लोग नशे के खिलाफ एकजुट हों, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति सजग रहें और श्रमिकों के अधिकारों का सम्मान करें, तो समाज अधिक सुरक्षित और सशक्त बनेगा। अभियान में रमेश मुखी, रवि मुखी, राजू मुखी, कुमकुम मुखी सहित महिला टीम के सदस्य सक्रिय रूप से शामिल रहे। इसके अलावा संतोष मुखी, सावन मुखी, श्रवण मुखी और संगठन के अन्य कार्यकर्ताओं ने भी गली-गली जाकर लोगों को जागरूक किया। संगठन ने बताया कि यह जनजागरण अभियान आने वाले दिनों में शहर की अन्य बस्तियों और मोहल्लों में भी चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक सामाजिक जागरूकता का संदेश पहुंचाया जा सके।

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