72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में जमशेदपुर की संताली फिल्म 'आंगेन' का जलवा, बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर अवॉर्ड से झारखंड गौरवान्वित

SANTHALI FILM: जमशेदपुर की संताली फिल्म 'आंगेन' ने रचा इतिहास

NATIONAL FILM AWARDS : झारखंड की सांस्कृतिक पहचान और संताली सिनेमा के लिए गर्व का क्षण तब आया, जब नई दिल्ली में घोषित 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में जमशेदपुर में बनी संताली लघु फिल्म 'आंगेन' को 'बेस्ट डेब्यू फिल्म ऑफ ए डायरेक्टर' के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि ने न केवल जमशेदपुर बल्कि पूरे झारखंड का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। संताली भाषा में बनी इस फिल्म ने यह साबित कर दिया कि क्षेत्रीय भाषाओं और आदिवासी संस्कृति पर आधारित कहानियां भी देश के सबसे बड़े फिल्म मंच पर अपनी मजबूत पहचान बना सकती हैं। यह पुरस्कार झारखंड के स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और फिल्म निर्माताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।

जमशेदपुर के आदिवासी गांवों में हुई पूरी शूटिंग

'आंगेन' की सबसे बड़ी खासियत इसकी वास्तविकता है। लगभग 12 मिनट की इस लघु फिल्म की पूरी शूटिंग जमशेदपुर के आसपास स्थित आदिवासी बहुल गांवों करनडीह, तुरामडीह, छोलागोड़ा और किनुटोला में की गई है। फिल्म में आधुनिक सेट या कृत्रिम लोकेशन का उपयोग करने के बजाय प्राकृतिक वातावरण और ग्रामीण जीवन को उसी रूप में कैमरे में कैद किया गया है। इससे फिल्म की कहानी और अधिक प्रभावशाली बनकर सामने आई। स्थानीय लोगों की भागीदारी और गांवों की प्राकृतिक सुंदरता ने फिल्म को अलग पहचान दिलाई। यह फिल्म इस बात का भी उदाहरण है कि झारखंड की मिट्टी, संस्कृति और लोकजीवन में विश्वस्तरीय सिनेमा बनाने की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

संताली लोककथा पर आधारित है 'आंगेन' की अनोखी कहानी

फिल्म का कथानक संताली समाज की प्राचीन लोककथाओं और आदिवासी सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित है। निर्देशक रविराज मुर्मू के अनुसार, आदिवासी समाज की लोककथाओं में संघर्ष, प्रेम, प्रकृति और आध्यात्मिकता का गहरा संदेश छिपा होता है। 'आंगेन' की कहानी धरती और देव लोक के बीच बुनी गई एक अद्भुत प्रेम कथा है। इसमें देव लोक की एक अलौकिक महिला धरती के एक साधारण चरवाहे से प्रेम कर बैठती है और उसे अपने साथ देव लोक ले जाती है। लेकिन सम्मोहन टूटने के बाद चरवाहे की अपनी धरती पर लौटने की जद्दोजहद कहानी को भावनात्मक और रोमांचक बना देती है। यह कथा केवल मनोरंजन नहीं करती, बल्कि आदिवासी लोकविश्वास और प्रकृति से जुड़े जीवन दर्शन को भी दर्शाती है।

स्थानीय कलाकारों ने अभिनय से जीता दर्शकों का दिल

फिल्म की सफलता में इसके कलाकारों का योगदान भी बेहद महत्वपूर्ण रहा। मुख्य भूमिकाओं में रामचंद्र मार्डी, सलोनी, जीतराय हांसदा और फूलमनी ने अपने स्वाभाविक और जीवंत अभिनय से कहानी को वास्तविकता प्रदान की। सभी कलाकार स्थानीय पृष्ठभूमि से जुड़े होने के कारण पात्रों की भावनाओं और संस्कृति को बेहद सहजता से पर्दे पर उतारने में सफल रहे। यही कारण है कि फिल्म दर्शकों के साथ-साथ निर्णायकों को भी प्रभावित करने में कामयाब रही। इस उपलब्धि ने झारखंड के स्थानीय कलाकारों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर नए अवसरों के द्वार खोल दिए हैं।

संगीत और तकनीकी टीम ने बढ़ाई फिल्म की गुणवत्ता

'आंगेन' की सफलता में इसके संगीत और तकनीकी पक्ष की भी अहम भूमिका रही। प्रसिद्ध साहित्यकार, गीतकार और लोकगायक दुर्गाप्रसाद मुर्मू ने फिल्म के गीतों को अपनी लोकधुनों से सजाया, जबकि नुनाराम ने प्रभावशाली संगीत दिया। संगीत निर्देशन की जिम्मेदारी निशांत राम टेके ने निभाई, जिन्होंने पारंपरिक संताली संगीत और आधुनिक प्रस्तुति के बीच शानदार संतुलन स्थापित किया। फिल्म का संगीत कहानी के भावों को और अधिक प्रभावशाली बनाता है। उत्कृष्ट निर्देशन, सिनेमैटोग्राफी, संपादन और संगीत के समन्वय ने इस लघु फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

झारखंड और संताली सिनेमा के लिए नई उम्मीद

'आंगेन' को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार केवल एक फिल्म की सफलता नहीं, बल्कि झारखंड की कला, संस्कृति और संताली भाषा की ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे यह संदेश गया है कि यदि स्थानीय प्रतिभाओं को सही मंच और संसाधन मिलें तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकते हैं। यह सम्मान झारखंड के युवा फिल्म निर्माताओं, कलाकारों और तकनीशियनों को नई ऊर्जा देगा। साथ ही, संताली भाषा और आदिवासी लोककथाओं पर आधारित फिल्मों के निर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा। आने वाले समय में यह उपलब्धि झारखंड को भारतीय सिनेमा के मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। 'आंगेन' की सफलता पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है और यह आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति, भाषा और परंपराओं को सिनेमा के माध्यम से दुनिया तक पहुंचाने के लिए प्रेरित करती रहेगी।

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