जमशेदपुर प्रखंड कार्यालय का 66 फीट ऊंचा तिरंगा कब लहराएगा? स्वतंत्रता दिवस से पहले मरम्मत की उठी मांग

Jamshedpur News : झारखंड के पहले ऐसे प्रखंड कार्यालय के रूप में पहचान रखने वाले जमशेदपुर प्रखंड कार्यालय में स्थापित 66 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) को दुरुस्त कराने की मांग तेज हो गई है। पिछले करीब एक वर्ष से तकनीकी खराबी के कारण तिरंगा पोल बंद पड़ा है, जिसके चलते गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर भी यहां तिरंगा नहीं फहराया जा सका। अब आगामी स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से जल्द मरम्मत कर राष्ट्रीय ध्वज को पुनः सम्मानपूर्वक फहराने की मांग की है।

झारखंड का पहला प्रखंड कार्यालय, जहां लगाया गया था 66 फीट ऊंचा तिरंगा

जमशेदपुर प्रखंड कार्यालय को झारखंड का पहला ऐसा प्रखंड कार्यालय माना जाता है, जहां 66 फीट ऊंचे पोल पर 20 फीट लंबा और 13 फीट चौड़ा भव्य राष्ट्रीय ध्वज स्थापित किया गया था। यह तिरंगा न केवल प्रशासनिक परिसर की पहचान बना, बल्कि देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव का भी प्रतीक रहा। इस ऊंचे ध्वज स्तंभ को देखने के लिए आसपास के लोग भी पहुंचते थे। राष्ट्रीय पर्वों पर यहां आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम लोगों में देशभक्ति की भावना को और मजबूत करता था। यही कारण है कि तिरंगे का लंबे समय से बंद रहना लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है।

तकनीकी खराबी के कारण एक वर्ष से बंद पड़ा है झंडा पोल

जानकारी के अनुसार, झंडा पोल में तकनीकी खराबी आने के बाद उसका संचालन पूरी तरह बंद हो गया। समय पर मरम्मत और नियमित रखरखाव नहीं होने के कारण समस्या लगातार बनी रही। इसका सबसे बड़ा असर गणतंत्र दिवस पर देखने को मिला, जब इस ऐतिहासिक ध्वज स्तंभ पर तिरंगा नहीं फहराया जा सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज केवल एक प्रतीक नहीं बल्कि देश की आन-बान और शान का प्रतिनिधित्व करता है। इसलिए इसकी देखरेख में किसी प्रकार की लापरवाही उचित नहीं मानी जा सकती। लोगों ने प्रशासन से जल्द तकनीकी खामी दूर करने की मांग की है।

स्वतंत्रता दिवस से पहले जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन को सौंपा आग्रह

आगामी स्वतंत्रता दिवस को ध्यान में रखते हुए पंचायत समिति सदस्य रैना पूर्ति, किशोर कुमार सिंह, सतवीर सिंह बग्गे, रवि कुर्ली, दीपू सिंह तथा उपप्रमुख शिव कुमार हांसदा ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सुमित प्रकाश और अंचलाधिकारी मनोज कुमार से मुलाकात कर झंडा पोल की मरम्मत कराने का आग्रह किया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व पर प्रखंड कार्यालय में तिरंगा सम्मानपूर्वक फहराया जाना चाहिए। इसके लिए आवश्यक है कि तकनीकी खराबी को तुरंत दूर कर ध्वज स्तंभ को पूरी तरह कार्यशील बनाया जाए। उन्होंने प्रशासन से इस कार्य को प्राथमिकता देने की अपील की।

15वें वित्त आयोग की राशि से हुआ था निर्माण

यह भव्य तिरंगा पोल मध्य हलुदबनी पंचायत की पंचायत समिति सदस्य रैना पूर्ति की अनुशंसा पर स्थापित किया गया था। इसके निर्माण के लिए 15वें वित्त आयोग की लगभग पांच लाख रुपये की राशि खर्च की गई थी। इस परियोजना का उद्देश्य प्रखंड कार्यालय को राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बनाना और नागरिकों में देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देना था। निर्माण के समय यह ध्वज स्तंभ क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र बना था। लेकिन अब तकनीकी खराबी के कारण इसका उद्देश्य अधूरा दिखाई दे रहा है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि सार्वजनिक धन से बने इस महत्वपूर्ण ढांचे का नियमित रखरखाव भी उतना ही जरूरी है।

राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ा है तिरंगे का संरक्षण

राष्ट्रीय ध्वज भारत की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक है। ऐसे में सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित तिरंगे का सम्मान और संरक्षण प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। यदि समय पर रखरखाव किया जाए तो भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचा जा सकता है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन और प्रखंड प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द आवश्यक तकनीकी मरम्मत कराएंगे। यदि स्वतंत्रता दिवस से पहले 66 फीट ऊंचे ध्वज स्तंभ को फिर से चालू कर दिया जाता है, तो यह न केवल राष्ट्रीय पर्व की गरिमा बढ़ाएगा बल्कि जमशेदपुर प्रखंड कार्यालय की विशिष्ट पहचान भी पुनः स्थापित करेगा। इससे स्थानीय नागरिकों में गर्व और उत्साह का माहौल बनेगा तथा राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना और अधिक मजबूत होगी।

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