जमशेदपुर में बारिश से महंगी हुई सब्जियां: प्याज 40 रुपये के पार, टमाटर 50 रुपये किलो तक पहुंचा

बारिश का असर, मंडी में आधी रह गई प्याज की आवक

Jamshedpur Market: जमशेदपुर के परसुडीह स्थित कृषि उत्पादन बाजार समिति में लगातार हो रही बारिश का असर अब सब्जियों की कीमतों पर साफ दिखाई देने लगा है। बारिश के कारण प्याज की आवक में भारी गिरावट दर्ज की गई है। सामान्य दिनों में जहां मंडी में प्रतिदिन सात से आठ ट्रकों के माध्यम से करीब 140 से 160 टन प्याज पहुंचता था, वहीं इन दिनों केवल तीन से चार ट्रकों में लगभग 80 टन प्याज ही बाजार तक पहुंच पा रहा है। आवक कम होने से थोक बाजार में कीमतों में तेजी आ गई है, जिसका सीधा असर खुदरा बाजार और आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि यदि बारिश का दौर जारी रहा तो आने वाले दिनों में कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।

थोक बाजार में बढ़े दाम, खुदरा बाजार में 40 रुपये किलो तक पहुंचा प्याज

मंडी में प्याज की आपूर्ति कम होने के कारण थोक कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। पहले जहां प्याज 2500 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास बिक रहा था, वहीं अब इसकी कीमत बढ़कर 2800 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई है। थोक बाजार में प्याज 25 से 28 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है। इसी का असर खुदरा बाजार पर भी पड़ा है। शहर के विभिन्न बाजारों में उपभोक्ताओं को प्याज 35 से 40 रुपये प्रति किलो तक खरीदना पड़ रहा है। कुछ दिन पहले तक यही प्याज 15 से 20 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध था। अचानक हुई इस बढ़ोतरी से घरों का रसोई बजट प्रभावित होने लगा है।

बारिश के मौसम में हर साल बढ़ जाती है प्याज की कीमत

साकची के सब्जी कारोबारी अनिल मंडल का कहना है कि बारिश के मौसम में प्याज की कीमत बढ़ना कोई नई बात नहीं है। बारिश के दौरान प्याज के खराब होने की संभावना अधिक रहती है, जिससे व्यापारी भी सीमित मात्रा में माल मंगाते हैं। इस समय मंडी में मुख्य रूप से महाराष्ट्र के नासिक क्षेत्र से प्याज की आपूर्ति होती है। लगातार बारिश के कारण वहां से आने वाली खेप प्रभावित हुई है। हालांकि व्यापारियों का मानना है कि जैसे ही बारिश की स्थिति सामान्य होगी और परिवहन व्यवस्था सुचारु होगी, प्याज की आवक फिर बढ़ जाएगी। इसके बाद कीमतों में भी धीरे-धीरे राहत मिलने की संभावना है।

टमाटर की आवक घटी, खुदरा बाजार में 50 रुपये किलो तक पहुंची कीमत

प्याज के साथ-साथ टमाटर की कीमतों में भी तेजी दर्ज की जा रही है। स्थानीय बाजारों में टमाटर की आवक काफी कम हो गई है। फिलहाल थोक बाजार में आंध्र प्रदेश से टमाटर की आपूर्ति हो रही है। मंडी में टमाटर 22 से 25 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है, लेकिन खुदरा बाजार में यही टमाटर 40 से 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। कई इलाकों में उपभोक्ताओं को इससे भी अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। टमाटर की बढ़ती कीमतों ने होटल, ढाबा और छोटे खाद्य व्यवसायों की लागत भी बढ़ा दी है।

रसोई का बजट बिगड़ा, उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ी

प्याज और टमाटर दोनों की कीमतों में एक साथ हुई बढ़ोतरी का असर सीधे आम परिवारों पर पड़ रहा है। रोजमर्रा के भोजन में इन दोनों सब्जियों का सबसे अधिक उपयोग होता है। ऐसे में इनके महंगे होने से घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है। कई परिवार अब जरूरत के अनुसार ही सब्जियां खरीद रहे हैं। छोटे दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक पहले की तुलना में कम मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं। वहीं होटल और रेस्तरां संचालकों को भी बढ़ी हुई लागत का सामना करना पड़ रहा है। यदि आने वाले दिनों में आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो अन्य सब्जियों की कीमतों में भी बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

आपूर्ति सामान्य होने पर मिल सकती है राहत

व्यापारियों के अनुसार वर्तमान मूल्य वृद्धि का मुख्य कारण बारिश के चलते आपूर्ति प्रभावित होना है। यदि मौसम में सुधार होता है और मंडियों तक पर्याप्त मात्रा में प्याज तथा टमाटर की खेप पहुंचने लगती है, तो कीमतों में धीरे-धीरे कमी आ सकती है। फिलहाल बाजार की नजर मौसम और आवक पर बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश थमने और परिवहन व्यवस्था सामान्य होने के बाद उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है। तब तक लोगों को महंगी सब्जियों के बीच अपने घरेलू खर्च का संतुलन बनाकर चलना होगा।

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