Jamshedpur News: जमशेदपुर में शुक्रवार को भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), रांची द्वारा 'वार्तालाप-2026' मीडिया कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का विषय "12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के एवं किसान सशक्तिकरण तथा किसान सम्मान निधि" रखा गया। कार्यक्रम में पूर्वी सिंहभूम सहित आसपास के जिलों के लगभग 70 पत्रकारों ने भाग लिया। इस कार्यशाला का उद्देश्य केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, किसान हित में चलाई जा रही पहलों और विकसित भारत-2047 के संकल्प से जुड़े विषयों पर मीडिया के साथ तथ्यपरक और रचनात्मक संवाद स्थापित करना था।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। पूरे आयोजन के दौरान पत्रकारों को विभिन्न योजनाओं, नीतियों और मीडिया की जिम्मेदारियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
सरकार और मीडिया के बीच संवाद को बताया लोकतंत्र की मजबूती का आधार
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए पीआईबी रांची एवं भुवनेश्वर के अपर महानिदेशक अखिल कुमार मिश्रा ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार और मीडिया के बीच निरंतर एवं सार्थक संवाद अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मीडिया समाज और सरकार के बीच सेतु का कार्य करता है और जनहित से जुड़ी योजनाओं की सही, सटीक एवं तथ्यपरक जानकारी लोगों तक पहुंचाने में उसकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि 'वार्तालाप' पहल का मुख्य उद्देश्य पत्रकारों को सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों से संबंधित प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि आम नागरिकों तक सही सूचना पहुंचे और योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके। उन्होंने पत्रकारों से सकारात्मक एवं जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से जनहित को प्राथमिकता देने का आह्वान भी किया।
12 वर्षों की उपलब्धियों व जनकल्याणकारी योजनाओं की दी विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम में पत्र सूचना कार्यालय, रांची के मीडिया एवं संचार अधिकारी राजेश कुमार सिन्हा ने केंद्र सरकार के पिछले 12 वर्षों के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि सरकार की विभिन्न योजनाओं का सीधा लाभ देश के करोड़ों नागरिकों तक पहुंचा है और इससे समाज के विभिन्न वर्गों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला है। उन्होंने विशेष रूप से किसान सम्मान निधि, सामाजिक सुरक्षा, डिजिटल सेवाओं, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने देश के विकास को नई गति प्रदान की है। साथ ही उन्होंने पत्रकारों से अपील की कि वे योजनाओं से जुड़ी प्रमाणिक जानकारी को आम लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाएं।
ड्रोन दीदी, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और वैज्ञानिक खेती पर विशेषज्ञों ने रखा जोर
कार्यशाला के तकनीकी सत्र में झारखंड दूरदर्शन समाचार इकाई के प्रमुख एवं सहायक निदेशक दिवाकर कुमार ने किसानों के लिए शुरू की गई आधुनिक पहलों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि ड्रोन दीदी योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग से खेती अधिक वैज्ञानिक, लाभकारी और आधुनिक बन रही है। इन पहलों से किसानों की लागत कम होने के साथ उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि हो रही है। वहीं कृषि विज्ञान केंद्र, पूर्वी सिंहभूम के वरिष्ठ वैज्ञानिक (कृषि अभियांत्रिकी) सुरेंद्र सिंह मुंडा ने वैज्ञानिक खेती अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने किसानों को नई तकनीकों, आधुनिक कृषि उपकरणों, जल संरक्षण, उन्नत बीजों और कृषि नवाचारों के माध्यम से आय बढ़ाने के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बदलते समय में तकनीक आधारित खेती ही किसानों की आर्थिक समृद्धि का आधार बनेगी।
पत्रकार कल्याण योजनाओं व विकसित भारत-2047 पर हुआ मंथन
पीआईबी रांची के कार्यालय प्रमुख गौरव कुमार पुष्कर ने पत्रकारों के लिए संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार पत्रकारों के हितों को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर कई महत्वपूर्ण पहल करती रही है, जिनकी जानकारी सभी मीडिया कर्मियों तक पहुंचना आवश्यक है। कार्यक्रम में पद्मश्री सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार बलबीर दत्त ने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में मीडिया की भूमिका पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि सकारात्मक, निष्पक्ष और उत्तरदायी पत्रकारिता देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है। उन्होंने पत्रकारों से तथ्य आधारित रिपोर्टिंग को प्राथमिकता देने तथा समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का आग्रह किया। वहीं जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पंचानन उरांव ने भी किसान हित और सरकारी योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार पर अपने विचार साझा किए।
प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ सफल समापन
कार्यक्रम के अंतिम चरण में पत्रकारों ने विभिन्न योजनाओं और विषयों से जुड़े सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों एवं अधिकारियों ने विस्तारपूर्वक उत्तर दिया। इस संवादात्मक सत्र में मीडिया प्रतिनिधियों ने अपनी जिज्ञासाएं रखीं और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। इसके बाद धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यशाला का समापन हुआ। पीआईबी रांची की यंग प्रोफेशनल शिवानी कुमारी केसरी ने पीआईबी की कार्यप्रणाली और मीडिया समन्वय से संबंधित विस्तृत प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सूचना सहायक प्रिंस कुमार, यंग प्रोफेशनल शिवेंद्र नाथ तिवारी सहित पीआईबी के अन्य अधिकारियों एवं कर्मियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। यह कार्यशाला पत्रकारों के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं, किसान सशक्तिकरण और विकसित भारत के विजन को समझने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुई।
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