मानीकुई में आयोजित हुआ श्रद्धांजलि कार्यक्रम

Chandil News: सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड अंतर्गत मानीकुई गांव में शुक्रवार को झारखंड आंदोलन के सक्रिय योद्धा स्वर्गीय गोलक बिहारी मांझी की पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर क्षेत्र की विधायक Savita Mahato सविता महतो सहित झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों, समर्थकों और आंदोलन से जुड़े लोगों की उपस्थिति रही। श्रद्धांजलि सभा के दौरान वक्ताओं ने गोलक बिहारी मांझी के संघर्षों और झारखंड आंदोलन में उनके योगदान को याद किया।

झारखंड आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले नेता थे गोलक बिहारी मांझी

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं ने कहा कि स्वर्गीय गोलक बिहारी मांझी झारखंड आंदोलन के उन अग्रणी कार्यकर्ताओं में शामिल थे जिन्होंने अलग झारखंड राज्य के गठन के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया। उन्होंने समाज के वंचित और आदिवासी समुदायों की आवाज को मजबूती से उठाया तथा क्षेत्र के विकास और अधिकारों के लिए निरंतर प्रयास किए। वक्ताओं ने कहा कि झारखंड आंदोलन केवल राजनीतिक संघर्ष नहीं था, बल्कि यह पहचान, संस्कृति, भाषा और अधिकारों की लड़ाई भी थी। गोलक बिहारी मांझी ने इस आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके योगदान को क्षेत्र के लोग आज भी सम्मान के साथ याद करते हैं।

विधायक सविता महतो ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया नमन

कार्यक्रम के दौरान विधायक सविता महतो ने स्वर्गीय गोलक बिहारी मांझी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि गोलक बिहारी मांझी का जीवन संघर्ष, समर्पण और सामाजिक चेतना का प्रतीक था। उन्होंने अपने पूरे जीवन में समाज और झारखंड के लोगों के हितों के लिए कार्य किया। विधायक ने कहा कि ऐसे आंदोलनकारियों के त्याग और बलिदान की बदौलत ही आज झारखंड अपनी अलग पहचान के साथ विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि उन्हें झारखंड आंदोलन के इतिहास और उसमें योगदान देने वाले सेनानियों के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए।

परिजनों से मिलकर जाना कुशलक्षेम

श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद विधायक सविता महतो और झामुमो कार्यकर्ताओं ने स्वर्गीय गोलक बिहारी मांझी की धर्मपत्नी बिजली मांझी के आवास पहुंचकर उनसे मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परिवार का कुशलक्षेम जाना और हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। विधायक ने परिवार के सदस्यों से बातचीत करते हुए कहा कि गोलक बिहारी मांझी का योगदान अमूल्य है और समाज उनके संघर्षों को हमेशा याद रखेगा। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों के परिवारों का सम्मान और उनका सहयोग करना समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है।

‘गोलक बाबू को कभी भुलाया नहीं जा सकता’ : विधायक

इस अवसर पर विधायक सविता महतो ने भावुक शब्दों में कहा कि गोलक बाबू एक अत्यंत मिलनसार, सरल और समाजहित में सोचने वाले व्यक्ति थे। वे सभी वर्गों के लोगों के बीच लोकप्रिय थे और हमेशा जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देते थे। उन्होंने कहा कि गोलक बिहारी मांझी ने अपने व्यवहार, नेतृत्व क्षमता और संघर्षशील व्यक्तित्व से लोगों के दिलों में विशेष स्थान बनाया था। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा। विधायक ने कहा कि ऐसे व्यक्तित्व को कभी भुलाया नहीं जा सकता और उनकी स्मृतियां हमेशा लोगों के बीच जीवित रहेंगी।

कई जनप्रतिनिधि और झामुमो नेता रहे मौजूद

पुण्यतिथि कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और झामुमो के वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से जिला परिषद सदस्य पिंकी लायेक, झामुमो केंद्रीय सदस्य चारु चांद किस्कू, ओम प्रकाश लायेक, काबलू महतो, अरुण टुडू, आशु बेसरा और मदन मांझी सहित अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए। सभी उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय गोलक बिहारी मांझी के चित्र एवं प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन उनके योगदान को याद करते हुए और झारखंड के विकास के लिए मिलकर कार्य करने के संकल्प के साथ हुआ।