Jamshedpur News: जमशेदपुर के पूर्वी हलुदबनी पंचायत भवन में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से केक मेकिंग (केक निर्माण) प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण पंचायत की मुखिया पानू मुर्मू के नेतृत्व में तथा जमशेदपुर विमेंस क्लब के सहयोग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में पंचायत क्षेत्र की बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और केक निर्माण से जुड़े व्यावहारिक कौशल सीखे। यह प्रशिक्षण केवल एक पाक-कला कार्यक्रम नहीं था, बल्कि महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास भी था। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को यह समझाया गया कि सीमित संसाधनों के बावजूद वे घर से ही छोटे स्तर पर व्यवसाय शुरू कर अपनी आय बढ़ा सकती हैं।

केक बनाने से लेकर व्यवसाय शुरू करने तक की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को केक बनाने की संपूर्ण प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इसमें केक तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्री, मिश्रण तैयार करने की तकनीक, बेकिंग की विधि, सजावट के विभिन्न तरीके तथा ग्राहकों को आकर्षित करने वाले आधुनिक डिजाइन के बारे में विस्तार से बताया गया। प्रशिक्षकों ने महिलाओं को यह भी समझाया कि कम लागत में केक व्यवसाय कैसे शुरू किया जा सकता है। जन्मदिन, विवाह, वर्षगांठ और अन्य सामाजिक आयोजनों में केक की बढ़ती मांग को देखते हुए इसे रोजगार का अच्छा विकल्प बताया गया। महिलाओं को बाजार की जरूरतों के अनुरूप उत्पाद तैयार करने और ग्राहकों तक पहुंच बनाने के तरीके भी बताए गए।

महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता पर दिया गया जोर
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में महिलाओं का आर्थिक रूप से मजबूत होना अत्यंत आवश्यक है। जब महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी होती हैं, तो न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ता है बल्कि पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती है। मुखिया पानो मुर्मू ने कहा कि पंचायत का प्रयास है कि क्षेत्र की महिलाओं को ऐसे प्रशिक्षण उपलब्ध कराए जाएं, जिनसे वे रोजगार के नए अवसर प्राप्त कर सकें। उन्होंने बताया कि पंचायत भवन को केवल प्रशासनिक गतिविधियों तक सीमित न रखकर उसे सामाजिक और आर्थिक विकास का केंद्र बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं में प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल सही मार्गदर्शन और अवसर प्रदान करने की है। इसी सोच के साथ पंचायत स्तर पर समय-समय पर विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

जमशेदपुर विमेंस क्लब ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में जमशेदपुर विमेंस क्लब की महत्वपूर्ण भूमिका रही। क्लब की पदाधिकारियों ने महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें स्वरोजगार की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में क्लब की प्रेसिडेंट रीना वेदागिरी, सेक्रेटरी पूजा भालोटिया, सह सचिव शीतल खेतान, क्लब मेंटर पूरबी घोष तथा कार्यकारिणी सदस्य श्वेता सिंह उपस्थित रहीं। उन्होंने महिलाओं से कहा कि यदि वे प्रशिक्षण में सीखी गई बातों को व्यवहार में लाती हैं, तो यह उनके लिए आय का स्थायी स्रोत बन सकता है।
क्लब की प्रतिनिधियों ने महिलाओं को यह भी बताया कि छोटे व्यवसायों को सफल बनाने के लिए गुणवत्ता, स्वच्छता और ग्राहकों के साथ बेहतर व्यवहार बहुत महत्वपूर्ण होता है। इन बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने से व्यवसाय को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है।

ग्रामीण महिलाओं ने दिखाई सीखने की उत्सुकता
प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और केक बनाने की बारीकियों को सीखा। महिलाओं ने प्रशिक्षकों से विभिन्न प्रकार के प्रश्न पूछे और व्यवसाय शुरू करने से जुड़ी जानकारी हासिल की। वार्ड सदस्य रूबी टोपनो, रुक्मणी हेम्ब्रम, पूजा मार्डी सहित पंचायत क्षेत्र की कई महिलाओं ने कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई। प्रतिभागियों ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण उन्हें नई दिशा देने का काम करते हैं। कई महिलाओं ने भविष्य में अपना छोटा केक निर्माण व्यवसाय शुरू करने की इच्छा भी व्यक्त की। महिलाओं ने प्रशिक्षण को बेहद उपयोगी बताते हुए पंचायत और क्लब से भविष्य में भी सिलाई, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प और अन्य रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का अनुरोध किया।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
पूर्वी हलुदबनी पंचायत और जमशेदपुर विमेंस क्लब की यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय प्रयास मानी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के अवसरों से वंचित रहती हैं। ऐसे में कौशल विकास आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। स्थानीय लोगों ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यदि पंचायत स्तर पर लगातार ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, तो बड़ी संख्या में महिलाएं स्वरोजगार से जुड़कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकती हैं। यह प्रशिक्षण न केवल महिलाओं को नई तकनीक सीखने का अवसर प्रदान करता है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई पहचान भी देता है।