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शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर पहल: डीसी ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा कर दिए महत्वपूर्ण निर्देश

Jamshedpur News: पूर्वी सिंहभूम जिले में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्यालयों में नामांकन, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) की शिक्षा, ड्रॉपआउट विद्यार्थियों की पुनर्वापसी, यू-डायस डाटा अद्यतन, पाठ्यपुस्तक वितरण तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने विभागीय अधिकारियों को विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।


विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने और ड्रॉपआउट बच्चों की वापसी पर विशेष जोर

समीक्षा बैठक में विद्यालयों में विद्यार्थियों के नामांकन की स्थिति का आकलन किया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि ऐसे बच्चों की पहचान की जाए जो किसी कारणवश विद्यालय छोड़ चुके हैं और उन्हें पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का अधिकार है और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई भी बच्चा विद्यालय से बाहर न रहे। इसके लिए विद्यालय स्तर पर नियमित सर्वेक्षण एवं जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।

विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के शत-प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य

बैठक के दौरान विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) की शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए उपायुक्त ने अधिकारियों को राज्य सरकार के निर्देशानुसार 15 जून से 24 जून तक चलने वाले विशेष अभियान को गंभीरता से संचालित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों का चिन्हांकन कर उनका शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि ऐसे बच्चों को विद्यालयों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों, जिससे वे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें और समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।

कस्तूरबा विद्यालयों के नियमित निरीक्षण के निर्देश

शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं की निगरानी को लेकर उपायुक्त ने सभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में प्रत्येक माह कम से कम दो बार औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि छात्राओं की उपस्थिति, भोजन व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा तथा शैक्षणिक गतिविधियों का नियमित मूल्यांकन किया जाए। निरीक्षण के दौरान पाई जाने वाली कमियों को तत्काल दूर करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि आवासीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

यू-डायस डाटा अपडेट और पाठ्यपुस्तक वितरण पर फोकस

बैठक में यू-डायस (UDISE) डाटा अद्यतन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि शिक्षा विभाग से संबंधित सभी आंकड़ों को समय पर अद्यतन करना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इन्हीं आंकड़ों के आधार पर योजनाओं का निर्माण और क्रियान्वयन किया जाता है। उन्होंने अधिकारियों को डाटा की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्राप्त पाठ्यपुस्तकों को ग्रीष्मावकाश समाप्त होने के बाद विद्यालय खुलते ही विद्यार्थियों के बीच वितरित करने का निर्देश दिया, ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो।

विद्यार्थियों के आधार, बैंक खाता और जन्म प्रमाण पत्र बनाने के निर्देश

उपायुक्त ने स्कूली बच्चों के आधार कार्ड, बैंक खाता और जन्म प्रमाण पत्र तैयार कराने के कार्य की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कई सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए इन दस्तावेजों का होना आवश्यक है। इसलिए सभी विद्यालयों में कैंप मोड में विशेष अभियान चलाकर विद्यार्थियों के दस्तावेज तैयार कराए जाएं। इससे छात्रवृत्ति, पोशाक, साइकिल एवं अन्य सरकारी लाभ सीधे विद्यार्थियों तक पहुंचाने में सुविधा होगी।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में विद्यालयों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश

बैठक में पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि 05 जून से 30 सितंबर तक चलने वाले इस अभियान में विद्यालयों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण के महत्व के प्रति जागरूक करने पर बल दिया। अभियान के तहत सभी प्राथमिक विद्यालयों में 50, माध्यमिक विद्यालयों में 75 तथा उच्च विद्यालयों में 100 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उपायुक्त ने कहा कि पौधारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की जाए ताकि अभियान का उद्देश्य सफल हो सके। बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, बीईईओ, बीपीओ सहित शिक्षा विभाग के अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

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