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आम महोत्सव 2026: किसानों को बाजार से जोड़ने की सफल पहल, 1074 किलो आम की बिक्री से बढ़ी आय

Jamshedpur News: पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन की ओर से समाहरणालय परिसर में एक दिवसीय आम महोत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त राजीव रंजन ने किया। महोत्सव का उद्देश्य जिले के आम उत्पादक किसानों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ना और उन्हें अपने उत्पादों का उचित मूल्य दिलाना था। कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, अपर उपायुक्त अनुराग तिवारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पंचानन उरांव, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (जेएसएलपीएस) सुजीत बारी समेत कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। महोत्सव में किसानों और उत्पादक समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉल आकर्षण का केंद्र बने।

विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर किसानों का बढ़ाया मनोबल

उद्घाटन के बाद उपायुक्त राजीव रंजन ने महोत्सव में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों द्वारा प्रदर्शित आम की विभिन्न किस्मों का अवलोकन किया और उनकी गुणवत्ता की सराहना की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और जरूरतों की जानकारी भी ली। उपायुक्त ने किसानों को बेहतर गुणवत्ता के फल उत्पादन के लिए आधुनिक बागवानी तकनीकों को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बाजार की मांग को समझते हुए उत्पादन बढ़ाने और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने से किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ मिल सकता है।

किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में प्रशासन की पहल

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन किसानों को उनके कृषि उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि आम महोत्सव जैसे आयोजन किसानों और उपभोक्ताओं के बीच सीधा संपर्क स्थापित करते हैं, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम होती है और किसानों को उचित मूल्य प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे मार्केट लिंकेज कार्यक्रमों का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है। इन प्रयासों की वजह से जिले के किसानों द्वारा उत्पादित आम अब अन्य जिलों के बाजारों तक भी पहुंच रहे हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है।

वैज्ञानिक बागवानी से बढ़ेगी किसानों की आय

उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान ने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाले आम उत्पादन के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाना आवश्यक है। उन्होंने किसानों को समय-समय पर पौध संरक्षण, कीट नियंत्रण और बागवानी संबंधी तकनीकी उपायों की जानकारी लेने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा लाभुकों, बागवानी सखियों तथा मनरेगा कर्मियों को नियमित प्रशिक्षण दिया जाता है। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को आधुनिक खेती और बागवानी की जानकारी दी जाती है, जिससे उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ उनकी आय में भी वृद्धि हो सके।

जिले के 11 प्रखंडों और एफपीओ की रही सक्रिय भागीदारी

आम महोत्सव में जिले के सभी 11 प्रखंडों के किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके अलावा झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसायटी (जेएसएलपीएस) से जुड़े चार किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) ने भी अपने स्टॉल लगाए। इन स्टॉलों पर विभिन्न किस्मों के आम प्रदर्शित किए गए, जिन्हें देखने और खरीदने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी पहुंचे। महोत्सव ने किसानों को अपने उत्पादों का प्रदर्शन करने और नए ग्राहकों तक पहुंचने का एक प्रभावी मंच उपलब्ध कराया। इससे स्थानीय कृषि उत्पादों को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ किसानों का आत्मविश्वास भी बढ़ा।

1074 किलो आम की बिक्री से किसानों को मिला आर्थिक लाभ

आम महोत्सव का सबसे सकारात्मक परिणाम किसानों की प्रत्यक्ष बिक्री के रूप में सामने आया। कार्यक्रम के दौरान कुल 1,074 किलोग्राम आम की बिक्री हुई, जिससे किसानों को लगभग 53,700 रुपये की आय प्राप्त हुई। यह उपलब्धि दर्शाती है कि यदि किसानों को उचित बाजार और विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तो वे बेहतर आर्थिक लाभ अर्जित कर सकते हैं। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित यह महोत्सव किसानों की आय बढ़ाने, स्थानीय कृषि उत्पादों को पहचान दिलाने तथा कृषि आधारित आजीविका को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सफल पहल साबित हुआ। भविष्य में ऐसे आयोजनों से किसानों को और अधिक अवसर मिलने की उम्मीद है।

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