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सिदो-कान्हू हूल दिवस 2026: जमशेदपुर में 1000 से अधिक बाइक के साथ निकलेगी भव्य मोटरसाइकिल रैली

Jamshedpur News: जमशेदपुर में सिदो-कान्हू हूल दिवस के अवसर पर 30 जून को झारखंड आदिवासी युवा संगठन की ओर से भव्य मोटरसाइकिल रैली का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य वीर सिदो-कान्हू सहित सभी आदिवासी शहीदों के बलिदान को याद करना और नई पीढ़ी तक उनके संघर्ष और साहस की कहानी पहुंचाना है। रैली के माध्यम से समाज के लोगों को ऐतिहासिक हूल आंदोलन के महत्व से जोड़ने और आदिवासी गौरव को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। आयोजन को लेकर संगठन और स्थानीय समुदाय में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।

करनडीह से शुरू होकर शहर के विभिन्न क्षेत्रों से गुजरेगी रैली

झारखंड आदिवासी युवा संगठन के अध्यक्ष सुकरा हो ने जानकारी दी कि मोटरसाइकिल रैली का शुभारंभ करनडीह स्थित आदिवासी कल्याण छात्रावास कैंपस से किया जाएगा।
रैली निर्धारित मार्ग के अनुसार करनडीह से निकलकर सुंदरनगर, खुकड़ाडीह, स्टेशन क्षेत्र, बिष्टुपुर और साकची पहुंचेगी। यहां भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इसके बाद रैली साकची से एग्रिको सिग्नल, बारीडीह और बिरसानगर संडे मार्केट पहुंचेगी, जहां बिरसा बुरू स्थित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण किया जाएगा।

1000 से अधिक मोटरसाइकिलों के शामिल होने की संभावना

आयोजकों के अनुसार इस मोटरसाइकिल रैली में 1000 से अधिक बाइक शामिल होने की संभावना है। बड़ी संख्या में युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न समुदायों के लोग इसमें भाग लेंगे। यह आयोजन केवल एक रैली नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता और ऐतिहासिक स्मृति को संरक्षित करने का माध्यम भी बनेगा। प्रतिभागी पारंपरिक और सांस्कृतिक पहचान के साथ इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
आयोजन समिति का मानना है कि इतने बड़े स्तर पर होने वाला यह कार्यक्रम समाज के युवाओं को अपने इतिहास और विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

पारंपरिक आदिवासी नेतृत्व की भी रहेगी भागीदारी

इस मोटरसाइकिल रैली में आदिवासी स्वशासन व्यवस्था से जुड़े प्रमुख पारंपरिक नेतृत्व की भी भागीदारी रहेगी। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में माझी बाबा, मानकी बाबा, पारानिक बाबा समेत कई सामाजिक और पारंपरिक प्रतिनिधि शामिल होंगे। इनकी उपस्थिति कार्यक्रम को सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से और अधिक महत्वपूर्ण बनाएगी। आयोजन समिति का कहना है कि इससे आदिवासी समाज की परंपरा और सामुदायिक एकजुटता का संदेश भी जाएगा।

बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर होगा माल्यार्पण, जनसभा में होगा समापन

रैली के दौरान शहर के प्रमुख स्थलों पर भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद रैली टिनप्लेट, केबुल कंपनी गेट, बर्मामाइंस और टाटानगर स्टेशन चौक होते हुए पुनः करनडीह आदिवासी कल्याण छात्रावास पहुंचेगी। यात्रा के अंतिम चरण में कार्यक्रम जनसभा में परिवर्तित होगा, जहां उपस्थित लोग हूल दिवस और वीर शहीदों के योगदान पर अपने विचार साझा करेंगे।

तैयारी बैठक में कार्यक्रम को सफल बनाने पर हुई चर्चा

रविवार को इस आयोजन को लेकर समीक्षा एवं तैयारी बैठक आयोजित की गई। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, सुरक्षा व्यवस्था, रूट प्लान और सहभागिता को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में संजीव कुमार मुर्मू, सुकरा हो, सालू मुर्मू, संजय सोरेन, सनातन हेंब्रम, रवींद्र बास्के, सुरेश हेंब्रम, रविराज सोरेन, मानस सरदार, आनंद बेसरा, सिदो हांसदा समेत अन्य सदस्य उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने लोगों से बड़ी संख्या में शामिल होकर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देने और हूल दिवस के संदेश को आगे बढ़ाने की अपील की है।


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