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बागबेड़ा सीपी टोला में 11वें सदगुरु कबीर साहेब प्रगट दिवस महोत्सव का आयोजन किया गया

Jamshedpur News: जमशेदपुर के बागबेड़ा सीपी टोला में नव युवक कबीर पंथी समिति की ओर से 11वें एक दिवसीय सदगुरु कबीर साहेब प्रगट दिवस महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कबीर पंथी श्रद्धालुओं ने भाग लिया और संत कबीर के विचारों एवं शिक्षाओं को आत्मसात करने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं था, बल्कि समाज में संत कबीर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना भी था।

संत कबीर के जीवन और विचारों पर आधारित हुआ ज्ञानवर्धक प्रवचन


महोत्सव के दौरान महंत सम्मुख दास साहेब ने उपस्थित लोगों को संत कबीर दास के जीवन, उनके दर्शन और समाज सुधार से जुड़े विचारों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कबीर दास ने अपने पूरे जीवन में सत्य, प्रेम और मानवता को सर्वोच्च स्थान दिया। प्रवचन के दौरान उन्होंने कहा कि संत कबीर की शिक्षाएं आज भी समाज के लिए उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी उनके समय में थीं। उनके दोहे और संदेश लोगों को सरल जीवन, सच्चाई और आत्मचिंतन की ओर प्रेरित करते हैं। श्रद्धालुओं ने संत कबीर के विचारों को सुनकर आध्यात्मिक और सामाजिक चेतना का अनुभव किया।

महाबीर मुर्मू ने संत कबीर की शिक्षाओं को बताया आज भी प्रासंगिक


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में झामुमो के वरिष्ठ नेता महाबीर मुर्मू शामिल हुए। उन्होंने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि संत सदगुरु कबीर दास ने हमेशा समाज को सत्य, प्रेम, समानता, मानवता और आपसी सद्भाव का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब समाज कई प्रकार की सामाजिक चुनौतियों और विभाजनों का सामना कर रहा है, तब संत कबीर की शिक्षाएं लोगों को जोड़ने और सकारात्मक सोच विकसित करने का मार्ग दिखाती हैं। उन्होंने लोगों से कबीर के आदर्शों को दैनिक जीवन में अपनाने की अपील की।

सामाजिक भेदभाव और अंधविश्वास के खिलाफ था कबीर का संदेश


अपने संबोधन में महाबीर मुर्मू ने कहा कि संत कबीर का जीवन समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने जाति-पांति, ऊंच-नीच और सामाजिक अंधविश्वासों के खिलाफ आवाज उठाई और लोगों को मानवता के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कबीर दास का मानना था कि व्यक्ति की पहचान उसके कर्म और व्यवहार से होनी चाहिए, न कि उसकी जाति या सामाजिक स्थिति से। यही कारण है कि उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को नई दिशा देने का काम कर रही हैं। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भी संत कबीर के विचारों को समाज में आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

कबीर पंथी समिति की भूमिका रही महत्वपूर्ण


इस आयोजन को सफल बनाने में नव युवक कबीर पंथी समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समिति के सदस्यों ने पूरे कार्यक्रम की तैयारी और संचालन में सक्रिय भागीदारी निभाई। समिति के संयोजक ज्वाला सिंह लोधी, अध्यक्ष बलराम दास, ज्ञानेश्वर दास, संतराम साहू, शेखर साहू, हरेराम साहू, पप्पू साहू, अजय सिंह और मनोज तांती सहित कई सदस्य आयोजन में उपस्थित रहे। आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन समाज में आध्यात्मिक जागरूकता और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का कार्य करते हैं।

संत कबीर के संदेश को आगे बढ़ाने का लिया संकल्प


कार्यक्रम के समापन अवसर पर श्रद्धालुओं और उपस्थित अतिथियों ने संत कबीर के संदेशों को अपने जीवन में अपनाने और समाज में फैलाने का संकल्प लिया। आयोजकों ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में भाईचारा, सद्भाव और सकारात्मक सोच को मजबूत करते हैं। संत कबीर के विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे। कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता के संदेश के साथ संपन्न हुआ।


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