Jamshedpur News: जमशेदपुर में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के सुरक्षा कर्मियों को अचानक नौकरी से हटाए जाने का मामला अब बड़ा विवाद बनता जा रहा है। बैंक प्रबंधन के इस फैसले से प्रभावित कर्मचारियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। सुरक्षा कर्मियों का आरोप है कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना, लिखित नोटिस या कारण बताए अचानक ड्यूटी पर आने से रोक दिया गया। इस फैसले ने कई परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है। प्रभावित कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों से ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ सेवा देने के बावजूद उन्हें इस तरह हटाया जाना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। कर्मचारियों के अनुसार, बैंक प्रबंधन का रवैया तानाशाहीपूर्ण है और इससे मजदूरों के अधिकारों का खुला उल्लंघन हो रहा है। अचानक रोजगार छिन जाने से परिवारों के सामने रोजमर्रा के खर्च, बच्चों की पढ़ाई और घर चलाने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।


झामुमो नेता बब्बन राय से मिले प्रभावित कर्मचारी

अपनी समस्याओं को लेकर सुरक्षा कर्मियों का एक प्रतिनिधिमंडल झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) युवा मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष बब्बन राय से मिला। इस दौरान कर्मचारियों ने उन्हें एक ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि बैंक प्रबंधन द्वारा उठाया गया कदम पूरी तरह गलत है और इससे दर्जनों परिवार प्रभावित हो रहे हैं। कर्मचारियों ने बब्बन राय से न्याय दिलाने और नौकरी वापस दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रशासन और बैंक प्रबंधन ने उचित कदम नहीं उठाया तो प्रभावित परिवारों की स्थिति और खराब हो जाएगी। कर्मचारियों ने यह भी कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।

बब्बन राय ने बैंक प्रबंधन पर साधा निशाना

सुरक्षा कर्मियों की समस्याएं सुनने के बाद झामुमो नेता बब्बन राय ने बैंक प्रबंधन के फैसले की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि बिना पूर्व सूचना किसी कर्मचारी को हटाना अमानवीय और अन्यायपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े संस्थानों द्वारा लगातार श्रमिकों और कर्मचारियों के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। बब्बन राय ने स्पष्ट कहा कि झामुमो हमेशा मजदूरों और कर्मचारियों के हक की लड़ाई लड़ता आया है और आगे भी लड़ता रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रभावित सुरक्षा कर्मियों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। साथ ही उन्होंने बैंक प्रबंधन से तुरंत निर्णय वापस लेने और कर्मचारियों को सम्मानपूर्वक पुनः काम पर रखने की मांग की।

शुक्रवार को डीसी कार्यालय के समक्ष होगा विशाल धरना

मामले को लेकर झामुमो नेता बब्बन राय ने आंदोलन का ऐलान कर दिया है। उन्होंने घोषणा की कि आगामी शुक्रवार को उपायुक्त (डीसी) कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मियों, झामुमो कार्यकर्ताओं और आम लोगों के शामिल होने की संभावना है। धरना-प्रदर्शन के माध्यम से जिला प्रशासन और बैंक प्रबंधन तक कर्मचारियों की आवाज पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग सुरक्षा कर्मियों की नौकरी बहाल करने और उनके साथ हुए अन्याय की जांच कराने की होगी। आंदोलन को लेकर संगठन की ओर से तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं।

आंदोलन उग्र होने की दी चेतावनी

बब्बन राय ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन और बैंक प्रबंधन ने जल्द समाधान नहीं निकाला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जरूरत पड़ने पर सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक आंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। ऐसे में यदि किसी कर्मचारी के साथ अन्याय होता है तो जनप्रतिनिधियों का कर्तव्य है कि वे उनके समर्थन में खड़े हों। झामुमो नेता ने भरोसा दिलाया कि प्रभावित सुरक्षा कर्मियों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।

बैठक में कई कार्यकर्ता और कर्मचारी रहे मौजूद

इस बैठक में बड़ी संख्या में प्रभावित सुरक्षा कर्मी और झामुमो युवा मोर्चा के कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर कर्मचारियों की लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया। बैठक के दौरान कर्मचारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि अचानक नौकरी जाने से मानसिक और आर्थिक दबाव बढ़ गया है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह सिर्फ कुछ कर्मचारियों का मुद्दा नहीं बल्कि मजदूर अधिकारों से जुड़ा बड़ा सवाल है। ऐसे मामलों में यदि समय रहते आवाज नहीं उठाई गई तो भविष्य में अन्य कर्मचारियों के साथ भी इसी तरह की घटनाएं हो सकती हैं। इसी कारण अब आंदोलन के जरिए न्याय की मांग तेज कर दी गई है।