Jamshedpur News : जमशेदपुर और आसपास के रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक Anil Kumar Jain ने टाटानगर दौरे के दौरान स्पष्ट कहा कि अब रेलवे में यात्री ट्रेनों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पहले यात्री ट्रेनें चलाई जाएंगी और उसके बाद ही मालगाड़ियों का परिचालन होगा। पिछले कई वर्षों से यात्रियों की सबसे बड़ी शिकायत यही रही है कि मालगाड़ियों को प्राथमिकता देने के कारण एक्सप्रेस और लोकल ट्रेनों को आउटर या स्टेशनों पर घंटों रोक दिया जाता था। इससे नौकरीपेशा लोगों, छात्रों, मरीजों और लंबी दूरी के यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। जीएम के इस बयान से यात्रियों को काफी उम्मीद जगी है। 

रेल यात्री संघर्ष समिति की बैठक में उठा लेटलतीफी का मुद्दा 

टाटानगर रेलवे स्टेशन में आयोजित बैठक में रेल यात्री संघर्ष समिति ने ट्रेनों की लगातार हो रही देरी का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। बैठक में Saryu Roy, समिति के संरक्षक शिव शंकर सिंह और सांसद Bidyut Baran Mahato भी मौजूद रहे। विधायक सरयू राय ने रेलवे जीएम के सामने पिछले डेढ़ महीने का ट्रेनों के लेट होने का रिकॉर्ड प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि कई बार रेलवे अधिकारियों द्वारा सुधार का आश्वासन दिया गया, लेकिन स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं आया। समिति ने यह भी कहा कि चक्रधरपुर और खड़गपुर मंडल से गुजरने वाली अधिकांश ट्रेनें निर्धारित समय से काफी देर से चल रही हैं। इससे दैनिक यात्रियों के साथ-साथ दूरदराज के यात्रियों को भी कठिनाई झेलनी पड़ रही है।

रेलवे प्रशासन ने बनाई नई मॉनिटरिंग व्यवस्था

बैठक के दौरान समिति ने सवाल उठाया कि जीएम के निर्देशों का पालन वास्तव में हो रहा है या नहीं, इसकी निगरानी कैसे होगी। इस पर रेलवे जीएम ने चक्रधरपुर मंडल के डीआरएम को निर्देश दिया कि जमशेदपुर में एक पूर्णकालिक पब्लिक रिलेशंस इंस्पेक्टर की नियुक्ति की जाए। यह अधिकारी यात्री ट्रेनों की समयबद्ध आवाजाही पर निगरानी रखेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि मालगाड़ियों को यात्री ट्रेनों से पहले प्राथमिकता न दी जाए। इसके अलावा हर दिन ट्रेनों की स्थिति और परिचालन की जानकारी प्रेस और रेल यात्री संघर्ष समिति को उपलब्ध कराई जाएगी। यह कदम यात्रियों और रेलवे प्रशासन के बीच पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

एक सप्ताह तक होगी निगरानी, फिर तय होगा आंदोलन का अगला कदम

रेलवे जीएम के आश्वासन के बाद रेल यात्री संघर्ष समिति ने फिलहाल अपना आंदोलन स्थगित कर दिया है। समिति के संयोजक शिव शंकर सिंह ने कहा कि आने वाले एक सप्ताह तक ट्रेनों के परिचालन की मॉनिटरिंग की जाएगी। यदि यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इससे पहले समिति रेलवे के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान, धरना-प्रदर्शन और विरोध कार्यक्रम चला रही थी। रेल जीएम के दौरे के दौरान विरोध प्रदर्शन की भी तैयारी थी, लेकिन बैठक के बाद फिलहाल स्थिति शांत हुई है। यह स्पष्ट है कि अब रेलवे प्रशासन पर यात्रियों की अपेक्षाओं को पूरा करने का दबाव बढ़ गया है।

टाटा-चक्रधरपुर रेलखंड में कई बड़ी परियोजनाओं पर तेजी से काम

रेलवे जीएम ने बताया कि दक्षिण पूर्व रेलवे क्षेत्र में रेल मोबिलिटी और क्षमता बढ़ाने के लिए कई बड़ी परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। टाटा यार्ड में मौजूद 29 डायमंड क्रॉसिंग में से 9 को अक्टूबर 2026 तक हटाने का लक्ष्य रखा गया है। बाकी क्रॉसिंग टाटा यार्ड रिमॉडलिंग परियोजना के तहत 2029 तक समाप्त कर दी जाएंगी।
इसके अलावा सालगाझारी-आदित्यपुर तीसरी लाइन परियोजना भी तेजी से आगे बढ़ रही है, जिसे अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। सिनी, मानीकुई, राजखरसावां, सोनुआ, टुनिया और बहालदा रोड स्टेशनों पर नई लूप लाइनें बनाई जाएंगी, जिससे ट्रेनों की क्रॉसिंग और ओवरटेकिंग आसान होगी। रेलवे ने सिनी-कांड्रा और चांडिल-गम्हरिया के बीच तीसरी और चौथी लाइन की परियोजना को भी मंजूरी दी है।

नई परियोजनाओं से यात्रियों को मिलेगी राहत और बेहतर सेवा

रेलवे प्रशासन का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद ट्रेनों की लेटलतीफी में काफी कमी आएगी और परिचालन अधिक सुगम होगा। टाटा और आदित्यपुर में नई स्टेबलिंग लाइन, गोविंदपुर में नया ब्लॉक स्टेशन और कांड्रा-गम्हरिया में रेल फ्लाईओवर जैसी परियोजनाएं भी शुरू की जा रही हैं। मानव संसाधन को मजबूत करने के लिए 388 नए सहायक लोको पायलटों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और 220 एएलपी को प्रोन्नति देने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा डानकुनी से सूरत तक ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की घोषणा भी रेलवे के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यदि रेलवे अपने वादों को समय पर पूरा करता है, तो आने वाले वर्षों में जमशेदपुर और दक्षिण पूर्व रेलवे क्षेत्र के यात्रियों को बेहतर, तेज और अधिक भरोसेमंद रेल सेवा मिल सकती है।