Jamshedpur News: युवाओं को सही दिशा देने, आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया (सीएनआई) छोटानागपुर डायोसिस के अंतर्गत चाईबासा धर्मजिला डीसीवाईएम द्वारा तीन दिवसीय जिला वार्षिक युवा शिविर का आयोजन मानगो पेरिश स्थित संत मार्क चर्च में किया जा रहा है। 29 से 31 मई तक चलने वाले इस शिविर में कोल्हान क्षेत्र के विभिन्न पेरिशों से बड़ी संख्या में युवा भाग ले रहे हैं। शिविर के दूसरे दिन शनिवार को कई आध्यात्मिक, बौद्धिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं को जीवन के नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया गया।

आध्यात्मिक आराधना के साथ हुई दिन की शुरुआत

शिविर के दूसरे दिन की शुरुआत प्रार्थना, आराधना एवं बाइबिल पाठ के साथ हुई। इस अवसर पर रेव्ह जीवन मसीह टोपनो ने युवाओं का मार्गदर्शन करते हुए ईश्वर के वचनों का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में युवा अनेक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, ऐसे समय में आध्यात्मिक जीवन उन्हें सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। आराधना सभा में उपस्थित युवाओं ने सामूहिक प्रार्थना के माध्यम से अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संकल्प लिया। 


झंडोत्तोलन के माध्यम से एकता और अनुशासन का संदेश

कार्यक्रम के दौरान कोल्हान क्षेत्र के विभिन्न जिलों के आठ पेरिशों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में झंडोत्तोलन समारोह आयोजित किया गया। चाईबासा धर्मजिला के चेयरमैन रेव्ह अरुण बरवा एवं यूथ प्रेसिडेंट सौरभ देवगम ने संयुक्त रूप से ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर युवाओं को एकता, अनुशासन और संगठन की शक्ति का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि युवा किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत होते हैं और यदि वे संगठित होकर सकारात्मक दिशा में कार्य करें तो समाज में व्यापक बदलाव संभव है।

युवाओं को गलत संगति और प्रलोभनों से बचने की सीख

शिविर के मुख्य वक्ता विजीत बाखला ने युवाओं को संबोधित करते हुए वर्तमान समय की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि युवावस्था जीवन का सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है, जहां व्यक्ति के निर्णय उसका भविष्य तय करते हैं। उन्होंने युवाओं को गलत संगति, बुरे विचारों, नशे एवं विभिन्न प्रकार के प्रलोभनों से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज सोशल मीडिया और बदलती जीवनशैली के कारण कई युवा भटकाव का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में ईश्वर पर विश्वास, अच्छे मित्रों का साथ और नैतिक मूल्यों का पालन ही उन्हें सही दिशा दे सकता है। उन्होंने युवाओं से समाज में प्रेम, भाईचारा, सहयोग और मेल-मिलाप की भावना को बढ़ावा देने की अपील की। उनके प्रेरणादायक संबोधन को युवाओं ने गंभीरता से सुना और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लिया।


प्रतियोगिताओं में दिखी युवाओं की प्रतिभा

शिविर को रोचक और ज्ञानवर्धक बनाने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। रेव्ह मारकस मुखी के संचालन में बाइबिल क्विज, भाषण प्रतियोगिता और युगल गान प्रतियोगिता आयोजित की गई। इन प्रतियोगिताओं में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बाइबिल क्विज में प्रतिभागियों ने धार्मिक ज्ञान का परिचय दिया, जबकि भाषण प्रतियोगिता में युवाओं ने सामाजिक एवं आध्यात्मिक विषयों पर अपने विचार रखे। युगल गान प्रतियोगिता ने कार्यक्रम में मनोरंजन और उत्साह का माहौल बनाया। आयोजकों ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता विकसित करने में भी सहायक होती हैं।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

शिविर के दौरान आठों पेरिशों की टीमों द्वारा भजन होड़ प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें सांस्कृतिक गीत एवं पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए गए। रंगारंग प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया और पूरे परिसर में उत्साह का वातावरण बना दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं ने अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सौरभ देवगम, आकाश केरकेट्टा, डोरिश गुड़िया, मिशाल बारो, अमित तिर्की एवं ज्योतिष लकड़ा सहित कई युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के शिविर युवाओं के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं और उन्हें समाज एवं चर्च की जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाते हैं।