Jamshedpur:रांची स्थित मंत्री आवास में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के माननीय मंत्री Sudivya Kumar Sonu से क्षेत्र के विभिन्न शैक्षणिक और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस दौरान राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजाति विश्वविद्यालय, घाटशिला के कार्यान्वयन में हो रहे विलम्ब को लेकर मंत्री को संज्ञान पत्र सौंपा गया। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग करते हुए कहा कि इससे पूरे कोल्हान सहित आदिवासी बहुल क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बड़ा लाभ मिलेगा। बैठक के दौरान मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों के साथ आवश्यक पहल करने का भरोसा दिया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि लंबे समय से क्षेत्र के लोग विश्वविद्यालय की स्थापना की प्रतीक्षा कर रहे हैं और अब इसके कार्यान्वयन में तेजी लाना अत्यंत आवश्यक हो गया है।


पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजाति विश्वविद्यालय को लेकर उठी आवाज
प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री के समक्ष कहा कि घाटशिला में प्रस्तावित पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजाति विश्वविद्यालय आदिवासी समाज के लिए ऐतिहासिक संस्थान साबित होगा। यह विश्वविद्यालय जनजातीय भाषा, संस्कृति, इतिहास और परंपराओं के संरक्षण एवं शोध का बड़ा केंद्र बन सकता है।
प्रतिनिधियों ने बताया कि विश्वविद्यालय की स्वीकृति मिलने के बाद क्षेत्र के लोगों में काफी उत्साह है, लेकिन कार्य शुरू होने में हो रही देरी से लोगों में चिंता भी बढ़ रही है। उन्होंने मांग की कि भूमि चयन, भवन निर्माण और प्रशासनिक प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कर विश्वविद्यालय का कार्य प्रारंभ किया जाए। मंत्री को यह भी बताया गया कि विश्वविद्यालय बनने से पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम और आसपास के जिलों के हजारों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिलेगी।

मुसाबनी इंजीनियरिंग कॉलेज पर भी हुई चर्चा
बैठक में मुसाबनी में स्वीकृत इंजीनियरिंग कॉलेज के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कोल्हान क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा के अवसर सीमित हैं, जिसके कारण छात्रों को रांची, बोकारो या दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता है। उन्होंने मंत्री से आग्रह किया कि मुसाबनी इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए ताकि क्षेत्र के युवाओं को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा मिल सके। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह कॉलेज शुरू होने से विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे और युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा मिल सकेगी।

छात्रों और युवाओं को मिलेंगे कई बड़े लाभ
प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को बताया कि विश्वविद्यालय और इंजीनियरिंग कॉलेज शुरू होने से क्षेत्र के हजारों छात्र-छात्राओं को सीधा लाभ मिलेगा। उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा की सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने से गरीब एवं ग्रामीण परिवारों के बच्चों की पढ़ाई आसान होगी।
इसके अलावा छात्राओं की शिक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि कई परिवार दूर भेजने के बजाय स्थानीय संस्थानों में बेटियों को पढ़ाना अधिक सुरक्षित मानते हैं। कॉलेज और विश्वविद्यालय खुलने से क्षेत्र में पुस्तकालय, हॉस्टल, कोचिंग सेंटर, परिवहन और अन्य शैक्षणिक सुविधाओं का भी विकास होगा। तकनीकी शिक्षा मिलने से युवाओं को आईटी, इंजीनियरिंग, रिसर्च और औद्योगिक क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। इससे स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा और पलायन में भी कमी आ सकती है।

क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि बड़े शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना से केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को गति मिलेगी। विश्वविद्यालय और इंजीनियरिंग कॉलेज बनने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। निर्माण कार्य, परिवहन, किराये के मकान, होटल, दुकान और अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों को भी लाभ मिलेगा। शिक्षा संस्थानों के कारण क्षेत्र में शैक्षणिक वातावरण मजबूत होगा और युवाओं में प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं तथा शोध कार्यों के प्रति रुचि बढ़ेगी। इससे कोल्हान क्षेत्र की पहचान शिक्षा के केंद्र के रूप में भी विकसित हो सकती है।

शीघ्र कार्रवाई की मांग, मंत्री ने दिया भरोसा
मुलाकात के अंत में प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री Sudivya Kumar Sonu से आग्रह किया कि दोनों परियोजनाओं पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह केवल शैक्षणिक परियोजना नहीं, बल्कि क्षेत्र के भविष्य और युवाओं के सपनों से जुड़ा विषय है। मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि सरकार शिक्षा के विकास को लेकर गंभीर है और संबंधित योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए आवश्यक पहल की जाएगी। इस आश्वासन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में घाटशिला विश्वविद्यालय और मुसाबनी इंजीनियरिंग कॉलेज का सपना जल्द साकार होगा।