जमशेदपुर के बागबेड़ा क्षेत्र में पेयजल संकट दूर करने के उद्देश्य से वर्ष 2015 में बागबेड़ा बृहद ग्रामीण जलापूर्ति योजना की शुरुआत की गई थी। करोड़ों रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी योजना का लक्ष्य क्षेत्र के हजारों लोगों को शुद्ध एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराना था। विभागीय स्तर पर यह योजना वर्ष 2018 तक पूर्ण कर लेने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन एक दशक बीतने के बाद भी योजना पूरी तरह धरातल पर नहीं उतर सकी है। अधूरे कार्यों और निर्माण में लगातार हो रही देरी से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है।

नए फिल्टर प्लांट निर्माण में भी लापरवाही का आरोप
पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता ने पोटका विधानसभा क्षेत्र के विधायक Sanjeev Sardar से मुलाकात कर बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी जलापूर्ति योजना की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि कॉलोनी में नए फिल्टर पंप हाउस प्लांट निर्माण के लिए लगभग 1 करोड़ 90 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई थी। निर्माण कार्य का जिम्मा सिंग एंड संस फर्म के प्रोपराइटर बसंत सिंह को सौंपा गया था तथा 15 माह में कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। विभागीय योजना के अनुसार 26 जुलाई 2024 तक 1140 क्वार्टरों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति शुरू हो जानी थी, लेकिन वर्ष 2026 में भी कार्य अधूरा पड़ा हुआ है।


गर्मी में जल संकट से परेशान कॉलोनीवासी
भीषण गर्मी के बीच बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी के लोगों को नियमित जलापूर्ति नहीं मिल पा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई इलाकों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। लोगों को पानी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। सुनील गुप्ता ने बताया कि फिल्टर पंप हाउस प्लांट का निर्माण अधूरा होने और पुरानी व्यवस्था के कमजोर होने के कारण पूरी जलापूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है।

छोटे संप और गंदगी से बढ़ी समस्या
पंसस सुनील गुप्ता ने विधायक को बताया कि बिष्टुपुर स्थित फिल्टर पंप हाउस प्लांट का संप काफी छोटा है। कम क्षमता होने के कारण बार-बार पानी भरना पड़ता है, जिससे नियमित सप्लाई प्रभावित होती है। इसके अलावा रोड नंबर-1 स्थित फिल्टर पंप हाउस के संप की लंबे समय से सफाई नहीं हुई है। इसके कारण लोगों को शुद्ध पेयजल मिलने में कठिनाई हो रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गंदे पानी और अनियमित सप्लाई से स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ रहे हैं।

गिदहीझोपड़ी फिल्टर प्लांट परिसर में कई कार्य अधूरे
सुनील गुप्ता ने बताया कि गिदहीझोपड़ी स्थित फिल्टर प्लांट परिसर में अभी भी कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्य अधूरे हैं। परिसर में बनी जलमीनार को पाइपलाइन से जोड़ने के लिए केवल पाइप डालकर छोड़ दिया गया है, जबकि आगे का कार्य अब तक पूरा नहीं हुआ है। इसके अलावा नदी किनारे पुलिया निर्माण का कार्य भी अधूरा पड़ा हुआ है। रेलवे लाइन के ऊपर पाइपलाइन बिछाने का काम भी पूरी तरह समाप्त नहीं हो सका है, जिससे परियोजना की प्रगति लगातार प्रभावित हो रही है।

सालों से पड़े ट्रांसफार्मर पर भी सवाल
फिल्टर प्लांट परिसर में वर्षों से रखे ट्रांसफार्मर को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सुनील गुप्ता का कहना है कि लंबे समय से खुले में पड़े रहने के कारण ट्रांसफार्मर खराब हो चुका होगा। यदि समय रहते इसकी जांच और स्थापना नहीं हुई तो आगे जलापूर्ति शुरू होने में और देरी हो सकती है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों पर निगरानी में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।

संवेदक को ब्लैकलिस्ट करने की मांग
पंचायत समिति सदस्य ने विधायक से मांग की कि निर्माण कार्य में लगातार देरी करने वाले संवेदक को ब्लैकलिस्ट किया जाए और किसी दूसरे एजेंसी से शेष कार्य पूरा कराया जाए। विधायक Sanjeev Sardar ने मामले को गंभीर बताते हुए विभागीय अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मंगवाने और शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही, ताकि बागबेड़ा क्षेत्र के लोगों को जल्द शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।