Jamshedpur News : जमशेदपुर में भीषण गर्मी और तपती धूप से आम जनजीवन बेहाल है। ऐसे में थके-हारे मजदूरों, रिक्शा चालकों और सड़क किनारे दुकान लगाने वाले जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के लिए सामाजिक संस्था 'सेवा समर्पण' आगे आई है। रविवार को संस्था की ओर से जमशेदपुर के बागबेड़ा, टाटानगर रेलवे स्टेशन और बर्मामाइंस क्षेत्र में एक विशाल राहत शिविर और वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान न सिर्फ धूप से बचने की सामग्रियां बांटी गईं, बल्कि लोगों का मुंह भी मीठा कराया गया।



भीषण गर्मी में जरूरतमंदों को मिला 'सेवा समर्पण' का सहारा

जमशेदपुर का पारा इन दिनों आसमान छू रहा है, जिससे सबसे ज्यादा प्रभावित रोजाना कमाकर खाने वाले लोग हो रहे हैं। इस परिस्थिति को देखते हुए 'सेवा समर्पण' संस्था के सदस्यों ने जमीन पर उतरकर काम करने का फैसला किया। रविवार को संस्था द्वारा बागबेड़ा, व्यस्ततम टाटानगर रेलवे स्टेशन परिसर और बर्मामाइंस औद्योगिक क्षेत्र में राहत अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन लोगों तक सीधे मदद पहुंचाना था, जो चिलचिलाती धूप में भी पेट भरने के लिए कड़ी मेहनत करने को मजबूर हैं।

छाता, गमछा वितरण व ठंडी लस्सी से राहगीरों को मिली राहत

इस विशेष सेवा कार्यक्रम के तहत संस्था द्वारा सैकड़ों गरीब और असहाय लोगों के बीच धूप से बचने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले छाते और सूती गमछे का वितरण किया गया। इसके साथ ही, भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से बेहाल राहगीरों, रिक्शा चालकों, कुलियों और बुजुर्ग महिलाओं को राहत देने के लिए ठंडी और स्वादिष्ट लस्सी पिलाई गई। लस्सी पीकर और धूप से बचने का सामान पाकर मजदूरों के चेहरों पर संतोष और मुस्कान साफ देखी जा सकती थी।

कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए

इस पुनीत कार्य में क्षेत्र के कई प्रमुख जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्व जिला परिषद सदस्य किशोर यादव, उपमुखिया राकेश चौबे, उपमुखिया मुकेश और उपमुखिया संतोष ठाकुर उपस्थित थे। इन सभी अतिथियों ने अपने हाथों से तपती धूप में मेहनत कर रहे मजदूरों, रिक्शा चालकों और फुटपाथ पर सब्जी बेचने वाली बुजुर्ग महिलाओं को छाता और गमछा सौंपकर उनके प्रति सम्मान और संवेदना प्रकट की।

नर सेवा ही नारायण सेवा है: किशोर यादव

किशोर यादव ने कहा कि नर सेवा ही वास्तव में नारायण सेवा है। इस तपती धूप और जानलेवा गर्मी में हमारे मजदूर भाई, रिक्शा चालक और बुजुर्ग माताएं सड़कों पर संघर्ष कर रही हैं। ऐसे समय में वातानुकूलित कमरों से बाहर निकलकर सड़क पर उतरना और इनकी सुध लेना ही सच्ची मानवता है। सेवा समर्पण संस्था ने आज जो कदम उठाया है, वह अत्यंत सराहनीय और अनुकरणीय है। समाज के सक्षम लोगों को आगे आकर ऐसे प्रयासों का हिस्सा बनना चाहिए, ताकि कोई भी गरीब इस मौसम में खुद को बेसहारा न समझे। हम हमेशा ऐसी सामाजिक पहलों के साथ खड़े रहेंगे।"

जरूरतमंदो को सहयोग करना ही संस्था का मकसद:विभूति जेना

सेवा समर्पण के अध्यक्ष विभूति जेना कहा कि हमारी संस्था का जन्म ही समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की मदद के लिए हुआ है। इस कार्यक्रम को आयोजित करने का हमारा मुख्य मकसद केवल सामग्री बांटना नहीं, बल्कि उन लोगों को यह अहसास कराना है कि समाज उनके साथ खड़ा है। जब हम किसी बुजुर्ग महिला या गरीब मजदूर को धूप में तड़पते देखते हैं, तो हमारा कर्तव्य बनता है कि हम उनकी जरूरत को पूरा करें। सेवा समर्पण भविष्य में भी ऐसे जनहित के कार्य जारी रखेगी और समाज के हर जरूरतमंद वर्ग तक पहुंचने का प्रयास करेगी।