Jamshedpur News: पूर्वी सिंहभूम जिले के समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में राजस्व संग्रहण, भू-अर्जन, नीलाम पत्र, सरकारी एवं डीम्ड लीज भूमि अतिक्रमण से संबंधित समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में निदेशक एनईपी सह अपर उपायुक्त संतोष गर्ग, धालभूम अनुमंडल पदाधिकारी अर्णव मिश्रा, घाटशिला अनुमंडल पदाधिकारी सुनील चन्द्र, जिला परिवहन पदाधिकारी धनंजय, जेएनएसी के उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार सहित सभी अंचलाधिकारी, अभियंता, एनएचएआई एवं अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राजस्व संग्रहण की रणनीति, भू-अर्जन मामलों के निष्पादन तथा अतिक्रमण हटाने की दिशा में व्यापक समीक्षा की गई।
राजस्व संग्रहण में बेहतर प्रदर्शन का निर्देश
बैठक के दौरान उपायुक्त ने सभी राजस्व संग्रहण करने वाले विभागों की क्रमवार समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि जिन विभागों ने पिछले वित्तीय वर्ष में निर्धारित लक्ष्य हासिल नहीं किया, वे अपनी कमियों का आकलन कर नई कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि वर्ष के अंतिम महीनों में दबाव से बचने के लिए प्रथम तिमाही से ही राजस्व संग्रहण अभियान तेज किया जाए। उपायुक्त ने सभी विभागों को एक सप्ताह के भीतर प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया, जिसमें यह स्पष्ट किया जाए कि पिछले वर्ष लक्ष्य प्राप्ति में कमी क्यों रही। उन्होंने मानगो नगर निगम को होल्डिंग टैक्स वसूली के लिए विशेष कैंप आयोजित कर लोगों को प्रोत्साहित करने को कहा। वहीं उत्पाद विभाग को अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने तथा निबंधन विभाग को नए दर निर्धारण का प्रारूप तैयार कर राजस्व वसूली बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
नीलाम पत्र मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर
नीलाम पत्र से संबंधित लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने अधिकारियों को नियमित सुनवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगली समीक्षा बैठक से पहले कम से कम 10 प्रतिशत लंबित मामलों का निष्पादन किया जाए। उपायुक्त ने कहा कि नीलाम पत्र के मामलों को भी अन्य विभागीय कार्यों की तरह गंभीरता से लिया जाए और दैनिक आधार पर सुनवाई कर मामलों के त्वरित समाधान की दिशा में कार्य किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रभावी कार्रवाई करते हुए लंबित मामलों को कम करने की जिम्मेदारी सौंपी।
म्यूटेशन, सीमांकन और लगान रसीद में समयसीमा का पालन जरूरी
जमीन की खरीद-बिक्री, म्यूटेशन, भूमि सीमांकन, भूमि अभिलेख परिशोधन एवं लगान रसीद कटाई की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने सेवा की गारंटी अधिनियम के तहत निर्धारित समयसीमा में आवेदनों का निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आम लोगों को जमीन संबंधी सेवाओं के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए प्रशासन को संवेदनशील होकर काम करना होगा। सभी अंचलों में लोगों को लगान रसीद कटाने के लिए जागरूक करने तथा तहसील कचहरी व्यवस्था को मजबूत बनाने पर बल दिया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी तहसील कचहरियों का नियमित संचालन हो ताकि स्थानीय स्तर पर ही भूमि विवादों एवं समस्याओं का समाधान किया जा सके। जन शिकायतों की समीक्षा के दौरान भी उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नागरिकों से प्राप्त शिकायतों का नियमानुसार समयबद्ध निष्पादन कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाए।
भू-अर्जन और मुआवजा भुगतान में तेजी लाने का निर्देश
बैठक में राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय सड़क और रेलवे परियोजनाओं के लिए भूमि अर्जन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने लंबित मुआवजा भुगतान मामलों में तेजी लाने का निर्देश देते हुए कहा कि वास्तविक लाभुकों की पहचान सुनिश्चित की जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन मामलों में दस्तावेजों की त्रुटियां हैं, वहां गांव स्तर पर कैंप लगाकर समस्याओं का समाधान किया जाए। निर्माण एजेंसियों, अंचल कार्यालयों, भू-अर्जन विभाग और रैयतों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर परियोजनाओं को गति देने पर विशेष जोर दिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि विकास परियोजनाओं में देरी से आम जनता को परेशानी होती है, इसलिए भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए।
सरकारी और डीम्ड लीज भूमि अतिक्रमण पर चलेगा अभियान
सरकारी भूमि और डीम्ड लीज भूमि पर अतिक्रमण के मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशों के अनुपालन को लेकर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने अधिकारियों को न्यायालय के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने तथा अतिक्रमण मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार निगरानी और अभियान जारी रहेगा।
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