Jamshedpur news : परसुडीह क्षेत्र में पिछले काफी समय से पेयजल आपूर्ति प्रणाली चरमराई हुई है। क्षेत्र की मुख्य सड़कों के नीचे से गुजरने वाली पाइपलाइनों में कई स्थानों पर गंभीर लीकेज की समस्या उत्पन्न हो गई है। इस समस्या के समाधान और क्षेत्र की अन्य जलापूर्ति संबंधी शिकायतों को लेकर परसुडीह वासियों का एक प्रतिनिधिमंडल सक्रिय हुआ है। पूर्व जिला परिषद सदस्य सुदिप्तो दे उर्फ राणा के नेतृत्व में स्थानीय निवासियों ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता से मुलाकात कर स्थिति की गंभीरता से उन्हें अवगत कराया।




कार्यपालक अभियंता से मुलाकात कर एक मांग पत्र सौंपा
प्रतिनिधिमंडल ने आदित्यपुर स्थित पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यालय जाकर कार्यपालक अभियंता से सीधे संवाद किया। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य परसुडीह और आसपास के क्षेत्रों में व्याप्त पानी की किल्लत और विभाग की उदासीनता को दूर करना था। सुदिप्तो दे ने अभियंता को एक औपचारिक मांग पत्र सौंपा, जिसमें क्षेत्र की मुख्य समस्याओं को बिंदुवार तरीके से रेखांकित किया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लिखित और मौखिक शिकायतों के बावजूद विभाग अब तक गहरी नींद में सोया हुआ है।


सड़कों पर बहता हजारों लीटर स्वच्छ पानी मुद्दा उठाया
मांग पत्र में सबसे प्रमुख मुद्दा मुख्य सड़क पर हो रहे पाइपलाइन लीकेज का उठाया गया है। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि परसुडीह की मुख्य सड़कों पर कई जगहों पर पाइपलाइन फट चुकी है, जिससे प्रतिदिन हजारों लीटर शुद्ध पेयजल नालियों में बहकर बर्बाद हो रहा है। एक तरफ जहाँ लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विभाग की लापरवाही के कारण संसाधनों का भारी नुकसान हो रहा है। लीकेज के कारण न केवल पानी की बर्बादी हो रही है, बल्कि सड़कों की स्थिति भी जर्जर होती जा रही है।

कनेक्शन लेने बावजूद फ्लैट वासियों को नहीं मिल रहा पाइपलाइन से पानी
परसुडीह, प्रमथनगर और हलुदबनी जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में हाल के वर्षों में कई बहुमंजिला इमारतों (फ्लैटों) का निर्माण हुआ है। इन फ्लैटों के निवासियों ने विभाग से वैध पानी का कनेक्शन तो ले लिया है, लेकिन तकनीकी खामियों या विभागीय सुस्ती के कारण अभी तक वहां जलापूर्ति शुरू नहीं की जा सकी है। हजारों परिवार इस इंतजार में हैं कि उनके नलों में विभाग द्वारा भेजा गया पानी पहुंचेगा, लेकिन लंबे समय से उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है।


गिरता भूगर्भीय जलस्तर से गहरा रहा पानी का संकट
प्रतिनिधिमंडल ने इस बात पर भी जोर दिया कि वर्तमान में गर्मी के मौसम के कारण भूगर्भीय जलस्तर काफी नीचे चला गया है। अधिकांश बोरिंग और कुएं सूखने की कगार पर हैं। ऐसी स्थिति में फ्लैटों में रहने वाले लोगों के पास पानी का कोई वैकल्पिक स्रोत नहीं बचा है। यदि विभाग जल्द ही पाइपलाइन के माध्यम से पानी की आपूर्ति शुरू नहीं करता है, तो आने वाले दिनों में स्थिति विस्फोटक हो सकती है और लोगों को टैंकरों या अन्य महंगे साधनों पर निर्भर होना पड़ेगा।

विभाग ने त्वरित कार्रवाई का दिया है आश्वासन
शिकायत सुनने और मांग पत्र लेने के बाद, जलापूर्ति विभाग के कार्यपालक अभियंता ने सकारात्मक रुख अपनाया है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि लीकेज वाले स्थानों का जल्द ही निरीक्षण कराया जाएगा और मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया जाएगा। साथ ही, जिन फ्लैटों में कनेक्शन होने के बावजूद पानी नहीं पहुँच रहा है, वहां की तकनीकी बाधाओं को दूर कर जलापूर्ति बहाल करने का भरोसा दिया गया है। हालांकि, स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होंगे, उन्हें धरातल पर काम चाहिए।


जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो करेंगे आंदोलन
इस जनहित के मुद्दे को उठाने के लिए गए प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से पूर्व जिला परिषद सदस्य सुदिप्तो दे, राजा घोष, पिंटू शर्मा और मोना चंद्र सहित क्षेत्र के कई अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल थे। इन सभी ने एक स्वर में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समाधान नहीं निकाला गया, तो क्षेत्र की जनता आंदोलन करने को विवश होगी। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस मुलाकात के बाद विभाग सक्रिय होगा और परसुडीह वासियों को पानी की किल्लत से निजात मिलेगी।