Jamshedpur news : जमशेदपुर के खेल जगत के लिए आज का दिन बेहद खास रहा। टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन (TSAF) की क्लाइम्बिंग अकादमी के तीन होनहार खिलाड़ियों- अमन, अनीशा और जोगा - ने अपनी मेहनत के दम पर एशियन गेम्स 2026 में अपनी जगह पक्की कर ली है। यह न केवल अकादमी के लिए बल्कि पूरे शहर के लिए गर्व की बात है कि यहाँ के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।



TSAF और JCAPCPL के बीच हुआ अहम समझौता
खिलाड़ियों की इस सफलता के बीच खेल सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन (TSAF) और JCAPCPL के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय ट्रेनिंग सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि भविष्य में और भी चैंपियन तैयार किए जा सकें।


अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया
इस विशेष अवसर पर टाटा स्टील के कॉर्पोरेट सर्विसेज के वाइस प्रेसिडेंट डी. बी. सुंदरा रामम मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। उनके साथ JCAPCPL के मैनेजिंग डायरेक्टर कपिल मोदी और टाटा स्टील के स्पोर्ट्स चीफ मुकुल विनायक चौधरी भी शामिल हुए। सभी अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और खेल के क्षेत्र में टीएसएएफ के योगदान की सराहना की।

इंटरनेशनल लेवल पर बढ़ता दबदबा
यह पहली बार नहीं है जब यहाँ के खिलाड़ियों ने चमक बिखेरी है। अमन और अनीशा इससे पहले 2022 के एशियन गेम्स में भी देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इस बार जोगा के शामिल होने से खिलाड़ियों की संख्या तीन हो गई है। यह दिखाता है कि टीएसएएफ की ट्रेनिंग तकनीक और खिलाड़ियों का समर्पण उन्हें हर साल और भी मजबूत बना रहा है।


क्लाइम्बिंग अकादमी की शानदार उपलब्धियां
जमशेदपुर की यह क्लाइम्बिंग अकादमी अब देश के बेहतरीन केंद्रों में गिनी जाती है। इसकी सफलताओं पर एक नज़र डालें तो:

  • खिलाड़ियों ने जिला, राज्य और नेशनल लेवल पर 500 से अधिक पदक जीते हैं।
  • अकादमी ने लगातार 5 बार नेशनल चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया है।
  • जमशेदपुर में अब तक 3 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं सफलतापूर्वक आयोजित की जा चुकी हैं।

खिलाड़ियों को बेहतर कोच और विदेशों में ट्रेनिंग के अवसर मिलेंगे
JCAPCPL और TSAF की यह पुरानी दोस्ती अब और भी गहरी हो गई है। इस नए समझौते के तहत आने वाले समय में खिलाड़ियों को बेहतर कोच, आधुनिक उपकरण और विदेशों में ट्रेनिंग के अवसर मिलेंगे। इसका सीधा फायदा स्थानीय युवाओं को होगा, जिन्हें अब अपने ही शहर में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलेंगी। इस साझेदारी का लक्ष्य केवल पदक जीतना नहीं, बल्कि जमशेदपुर को भारत की 'स्पोर्ट्स कैपिटल' के रूप में स्थापित करना है।